इजराइल में तेजी से बढ़ते कोरोना ने बढ़ाई चिंता, पूरी एडल्ट आबादी को लग चुकी है वैक्सीन
तेल अवीव, 8 सितम्बर। कभी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला इजरायल अब महामारी का हॉटस्पॉट बना हुआ है। इजरायल पहला देश था जिसने अपनी वयस्क आबादी के पूर्ण टीकाकरण का दावा किया था लेकिन आज हालत यह है कि देश में 4 सितम्बर के बाद प्रति व्यक्ति केसहोल्ड सबसे अधिक था। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी ने ये आंकड़े जारी किए हैं।

पिछले साल अप्रैल में जब यूरोप और अमेरिका कोरोना वायरस के चलते किसी न किसी तरह से सख्ती को लागू कर रहे थे उस समय लगभग 90 लाख की आबादी वाले इजरायल के इकॉनामी को खोलने का निर्णय लेकर पूरी दुनिया में ये साबित किया था कि उसने किस तरह से वायरस से लड़ाई में अग्रणी भूमिका ली है। लेकिन 6 महीने के अंदर एक बार फिर से स्थिति पूरी तरह से घूमती नजर आ रही है।
टीकों की प्रतिरक्षा पर असर
इजरायल में कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते केस इसलिए भी चिंता की वजह हैं क्योंकि यह केवल संक्रमण की दर के बारे में ही नहीं है बल्कि इसने कोरोना वायरस टीके की सफलता पर भी सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर ऐसे समय में जब अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वेरिएंट का खतरा बना हुआ है। इजरायल ने फाइजर वैक्सीन की खुराक अपने नागरिकों को दी है जिसने खुद के 95 प्रतिशत प्रभावी होने का दावा किया है। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते केस ने इजरायल के साथ ही विश्व की चिंता को भी बढ़ा दिया है।
इस बीच समय के साथ वैक्सीन के असर के कम होने के शोधकर्ताओं के दावे के बाद इजरायल अपने 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को बूस्टर डोज लगा रहा है। लगभग 1 लाख लोगों को रोजाना वैक्सीन लगाई जा रही है जिसमें बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें तीसरी डोज लगाई जा रही है।
ब्लूमबर्ग के वैक्सीन ट्रैकर में इज़राइल अप्रैल में जहां पहले स्थान पर था वहीं अब गिरकर 33 वें स्थान पर आ गया है। ऐसा इसलिए हुआ माना जा रहा है क्योंकि रूढ़िवादी यहूदी और अरब समुदाय के लोगों में वैक्सीन को लेकर हिचकिचाहट है जिसके चलते टीकाकरण कार्यक्रम में सुस्ती आई है। लगभग 61 प्रतिशत इजरायलियों को वैक्सीन की दो डोज दी गई हैं जो कि फ्रांस और स्पेन जैसे यूरोपीय देशों की तुलना में कम है।
डेल्टा वेरिएंट का असर
वहीं इजरायल में संक्रमण के पीछे डेल्टा वेरिएंट की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। बीती गर्मियों में डेल्टा वेरिएंट के फैलने के बाद इजरायल में कोरोना के मामलों में बढ़त देखी गई है जो 2 सितम्बर को एक दिन में 11,316 केस के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि गंभीर रूप से बीमार होने और अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या इससे कम बढ़ी है।
अध्ययन के मुताबिक अभी तक संक्रमण से अछूते रहे, विशेषकर बच्चों में मामले बढ़ने के बाद केसहोल्ड बढ़ा है। इनमें ब्रेकथ्रो संक्रमण भी था जिन्हें टीका लगाने के बाद वायरस ने चपेट में ले लिया है।
हालांकि अध्ययन में कहा गया है कि गैर-टीकाकरण वाले लोगों में टीका लगवाने वालों की तुलना में 10 गुना अधिक गंभीर मामले देखे गए हैं। यह दिखाता है कि प्रतिरक्षा कम होने के बावजूद टीका सुरक्षा प्रदान कर रहा है।












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