Israel Attack Iran: ईरान में रेडिएशन का खतरा, जांच में जुटे वैज्ञानिक, इजरायल के हमले से कितना हुआ नुकसान?
Israel Attack Iran: 12 जून को इजराइल ने ईरान पर हमला बोल दिया। हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान की कई इमारतों से काला धुआं निकलता दिखाई दिया। सड़कों पर क्षतिग्रस्त गाड़ियां भी बिखरी देखी गईं। ईरान की सरकारी टीवी ने पुष्टि की कि इस हमले में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख नेता जनरल होसैन सलामी समेत दो टॉप कमांडर मारे गए। इसके अलावा कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े वैज्ञानिक भी हताहत हुए। सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी की भी हमले में मौत हो गई।
न्यूक्लियर साइट्स पर हमला
यह ईरान की सरकार के लिए एक बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि ये लोग देश की सैन्य और परमाणु रणनीति के अहम हिस्से थे। इस हमले में ईरान के कई सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें नतांज की मुख्य परमाणु प्रोलिफरेशन फैसिलिटी भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA)ने पुष्टि की कि नतांज की फैसिलिटी पर हमला हुआ। नतांज पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु संस्था का कहना है कि अभी न्यूक्लियर रेडिएशन का खतरा नहीं है। अर्थात ईरान में न्यूक्लियर रेडिएशन को लेकर चिंता करने की फिलहाल कोई बात नहीं है और वहां रेडिएशन स्तर की निगरानी की जा रही है।

परमाणु रेडिएशन से नुकसान
परमाणु रेडिएशन इंसानी शरीर के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक है। इस रेडिएशन के संपर्क में आने से मनुष्य के ब्लड सेल्स में कमी, डायरिया, उल्टी, कैंसर, हेयरफॉल, बांझपन, बच्चों में जन्मदोष जैसे गंभीर लक्षण हो सकते हैं। इससे दिल की समस्याएं, आंख और कान को भी नुकसान पहुंचता है। इससे निकलने वाली अल्फा, बीटा और गामा किरणें बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं। परमाणु बनाने में जिस यूरेनियम का उपयोग किया जाता है, वो एक भारी धातु है। इसके संपर्क में आने से इंसान को कैंसर, त्वचा जलन जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती है।
इज़राइल की हमले की रणनीति
इज़राइल ने ईरान पर हमला करने के लिए एक बहुत ही सोची-समझी रणनीति अपनाई, जो ईरान की वायु रक्षा को चकमा देने में सफल रही इज़राइल ने अपने F-35 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया, जो स्टील्थ तकनीक से लैस हैं। ये विमान रडार पर कम दिखाई देते हैं, जिससे ईरान के रडार इन्हें आसानी से पकड़ नहीं पाए। ज़राइल ने ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया, इन मिसाइलों को कई दिशाओं से एक साथ लॉन्च किया गया, जिससे ईरान पर दबाव बढ़ गया।
ईरान ने इजराइल पर की ड्रोन की बौछार
ईरान ने इजराइल पर जवाबी हमले में 100 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं। इजराइली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उनके लड़ाकू विमान ड्रोन को रास्ते में ही गिरा रहे हैं। अभी तक एक भी ड्रोन इजराइल की सीमा में नहीं पहुंचा है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। हमले के बाद ईरान और इजरायल ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए। इजरायल का मुख्य हवाई अड्डा भी बंद कर दिया गया।। इज़राइल के द्वारा कीए गए इस हमले की जानकारी के बारे में ईरान को 2-3 दिन पहले चेतावनी मिली थी। फिर भी, अपने हवाई रक्षा प्रणाली के बावजूद इस हमले को रोकने में नाकाम रहा। हमले का बाद से वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह युद्ध कब तक चलेगा और क्या इसका परिणाम बाकी देशों को भुगतना पड़ेगा।
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