इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से मिली दो हफ्तों की जमानत, सुप्रीम कोर्ट पर बरसे शहबाज शरीफ
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को सभी मामलों में जमानत दे दी है और 9 मई के बाद दर्ज किसी भी मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का आदेश भी दिया है। जो पूर्व प्रधानमंत्री के लिए बहुत बड़ी राहत है।

Imran Khan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को शुक्रवार को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने दो हफ्तों की जमानत दे दी है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख और 70 साल के इमरान खान आज उसी अदालत में पेश हुए थे, जहां से मंगलवार को उन्हें घसीट कर गिरफ्तार किया गया था।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को सभी मामलों में जमानत दे दी है और 9 मई के बाद दर्ज किसी भी मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का आदेश भी दिया है। पाकिस्तान की एआरवाई न्यूज और समा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल इमरान खान के ऊपर से गिरफ्तारी की तलवार हट गई है।
इमरान खान को दो हफ्तों की जमानत
मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया था, जिसमें उनके समर्थकों ने देश के विभिन्न हिस्सों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया, वाहनों और एंबुलेंस को जला दिए और सैकड़ों दुकानों को लूट लिया। सरकार ने जवाबी कार्रवाई करते हुए करीब 3,000 लोगों को गिरफ्तार किया है।
वहीं, आज इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) की एक खंडपीठ ने पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में दो सप्ताह की जमानत दे दी है। एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने IHC परिसर से उनकी गिरफ्तारी को "अवैध और गैरकानूनी" करार दिया।
न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब और न्यायमूर्ति समन रफत इम्तियाज की खंडपीठ ने पीटीआई प्रमुख की जमानत याचिका पर कोर्ट नंबर 2 में सुनवाई की। मामले में विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है, लेकिन जहां तक अल-कादिर ट्रस्ट मामले का संबंध है, इमरान खान अब घर जाने के लिए स्वतंत्र हैं।
हालांकि, डॉन न्यूज टीवी ने बताया कि इमरान के वकीलों ने चार अतिरिक्त याचिकाएं भी दायर की थीं, जिनमें हाईकोर्ट से इमरान के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को एक साथ जोड़ने और अधिकारियों को उनके खिलाफ दर्ज मामलों का विवरण प्रदान करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था।
उन मामलों को लेकर भी हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।
इमरान की गिरफ्तारी के इंतजार में लाहौर पुलिस
दूसरी तरफ, अदालत में आज इमरान खान के मुख्य वकील बाबर अवान ने संवाददाताओं से कहा, कि ऐसा लगता है कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने पर अड़ी हुई है। जबकि, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में पत्रकारों से बात करते हुए कहा है, कि देश में जंगल राज है, मार्शल लॉ जैसे हालात हैं और उन्हें गिरफ्तार नहीं, बल्कि अपहरण किया गया। इमरान खान ने फिर से अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई है।
उनकी यह टिप्पणी गृह मंत्रालय के कल के बयान के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि यदि इमरान खान को भ्रष्टाचार के मामलों में संरक्षण दिया जाता है तो वह इमरान खान को अन्य आरोपों में गिरफ्तार कर सकती है। सरकार का तर्क है कि खान की रिहाई का मतलब भीड़ ने हिंसा किया है, उसे बढ़ावा देना है।
दूसरी तरफ इमरान खान के खिलाफ पंजाब प्रांत में दर्ज कई मामलों में गिरफ्तार करने के लिए लाहौर पुलिस की एक टीम इस्लामाबाद पहुंच गई है। शुक्रवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
डॉन अखबार ने बताया कि पुलिस टीम का नेतृत्व उप महानिरीक्षक (इन्वेस्टिगेशन) कर रहे हैं। यह बताया गया है, कि इमरान के खिलाफ मामलों की जांच कर रहे संयुक्त जांच दल ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय को सूचित किया है, कि वह पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख की गिरफ्तारी चाहता है।
एक नंबर के झूठे हैं इमरान खान- शहबाज शरीफ
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संघीय कैबिनेट में अपने संबोधन के दौरान कहा है, कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान और उनकी पार्टी "झूठी" हैं।
Recommended Video

वहीं, शहबाज शरीफ ने देश की सर्वोच्च अदालत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है, कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट की राहत एनआरओ के अलावा और कुछ नहीं है। संघीय कैबिनेट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, कि "यदि आप इस लाडले का पक्ष लेते रहना चाहते हैं, तो आपको देश के सभी डकैतों को भी सलाखों के पीछे छोड़ देना चाहिए"।
पीएम शहबाज शरीफ ने सुप्रीम कोर्ट पर भड़ास निकालते हुए कहा, कि "तो फिर सबको जेल से आजाद कर दीजिए और आगे जाकर जो भी परिणाम होंगे, उसे सब मिलकर भुगतेंगे।"
शहबाज शरीफ ने पीटीआई नेतृत्व पर देश को विनाश की ओर धकेलने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, कि "जैसा कि आप जानते हैं, कि देश की करेंसी इस वक्त कठिन हालात से गुजर रही है, और हमें विरासत में मिली चुनौतियां, स्थिति को बिगड़ने में बहुत तेजी से धकेल रही हैं। पिछली सरकार ने आईएमएफ के साथ एक समझौते का उल्लंघन किया था और हम इसे दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं।'












Click it and Unblock the Notifications