कैमरा बंद होने के बाद हुई थी अमेरिकी पत्रकार की हत्या!
लंदन। आतंकवादी संगठन आईएसआईएस द्वारा अमेरिकी पत्रकार के सिर कलम करने की घटना में नया मोड़ सामने आया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने दावा किया है कि इस्लामी आतंकवादी द्वारा अमेरिकी पत्रकार की गला काटकर हत्या करने का जो वीडियो सामने आया था, उसमें दिखाई गई हत्या दरअसल कैमरे के ऑन रहते हुई ही नहीं थी।

दरअसल पिछले हफ्ते एक वीडियो सामने आया था जिसमें ब्रिटिश मूल का एक आईएसआईएस आतंकवादी अमेरिकी पत्रकार जेम्स फॉली की हत्या करते हुए दिखाया गया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद दुनिया भर में सनसनी फैल गई थी। वहीं इसकी कड़ी निंदा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस्लामिक स्टेट को ‘कैंसर' करार दिया था ।
अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की दावा किया है कि पत्रकार की हत्या करते हुए जिस ब्रिटिश आतंकवादी को दिखाया गया है वह असल हत्यारा नहीं है बल्कि उसे हत्यारे के तौर पर दिखाया गया। वहीं खबर ये भी है कि सुरक्षा बलों ने उस आतंकवादी की पहचान भी कर ली है, लेकिन कार्रवाई इसलिए नहीं की जा रही है क्योंकि आतंकवादियों ने अब भी पश्चिमी देशों के 20 लोगों को बंधक बना रखा है।
एक अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस कंपनी ने ये दावा किया है। उनसे 4 मिनट 40 सेकंड के इस वीडियो क्लिप का अध्ययन किया और उसके बाद ये दावा किया है कि कैमरा बंद होने के बाद अमेरिकी पत्रकार की हत्या की गई। ब्रिटिश अखबार ‘दि टाइम्स' ने फॉरेसिक विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि सबसे पहली बात तो ये है कि गर्दन के आसपास कम से कम छह दफा चाकू फेरा गया पर खून कहीं नहीं दिखा । दूसरी बात ये कि कथित तौर पर फॉली की आवाज और अपेक्षित आवाज में बहुत फर्क था ।












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