तुर्की में आईएसआईएस की दस्तक, पीएम ने ब्लास्ट्स को बताया संगठन की साजिश
अंकारा। अमेरिका के साथ आईएसआईएस के खिलाफ हो रहे हमलों में तुर्की बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। शायद शनिवार को आईएसआईएस ने देश से बदला लेने के मकसद से ही यहां पर दो खतरनाक ब्लास्ट्स को अंजाम दिया है।
इस ब्लास्ट में बताया जा रहा है कि 128 लोगों की मौत हो गई है। तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोग्लु का दावा है कि अंकारा में एक रैली में हुए ब्लास्ट्स में शामिल मुख्य संदिग्ध आईएसआईएस संगठन का ही है।
अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने ब्लास्ट्स की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन तुर्की की सरकार मानती है कि इन हमलों को दो पुरुष आत्मघाती हमलावरों ने अंजाम दिया है।
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रैली में मरने वालों का सरकारी आंकड़ा 97 बताया जा रहा है लेकिन आयोजकों में से एक गुट का कहना है कि रैली में 128 लोगों की मौत हो गई थी।
शनिवार को अंकारा में होने वाली एक रैली में कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) और तुर्की की सरकार के बीच हिंसा खत्म करने की मांग की जाने वाली थी।
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वहीं तुर्की में एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू देते समय पीएम दावुतोग्लु ने कहा कि ब्लास्ट्स तुर्की में होने वाले चुनावों को प्रभावित करने के लिए अंजाम दिया गया है।
दावुतोग्लु की मानें तो जांचकर्ता एक आत्मघाती हमलावर की पहचान करने के करीब हैं। एक नवंबर को तुर्की में चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले जून में हुए चुनाव में कोई भी पार्टी सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाई थी।
रैली में शामिल होने आए कुर्द समर्थक पार्टी एचडीपी के कई कार्यकर्ताओं की ब्लास्ट्स में मौत हो गई थी।
वहीं एक और नेता सेलाहतीन देमीरतास ने कहा कि सरकार को इन ब्लास्ट्स के लिए दोषी ठहराया है। उनका कहना है कि सरकार ने एक साजिश के तहत लोगों पर हमला करवाया है।
आलोचकों कह रह हैं कि तुर्की की सरकार आईएसआईएस की आड़ ले रही है। उसका मकसद रकार के संदेहास्पद अंशों पर से ध्यान हटाकर चुनाव के लिए समर्थन जुटाना है।













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