हिजाब उतारकर शतरंज खेलने वाली खिलाड़ी छोड़ेंगी ईरान, जानिए कौन हैं सारा खादम?
ईरान में 17 सितंबर से हिजाब के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन लगातार तीसरे महीने प्रवेश कर चुका है और 500 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 18 हजार प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Iran Anti-Hijab Protest: ईरान की प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी सारा खादेम ने अंतर्राष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट में हिबाज उतारकर खेलने के बाद ईरान छोड़ने का फैसला लिया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि सारा खादेम अपने पति के साथ ईरान छोड़ रही हैं और वो स्पेन में बसने की योजना बना रही हैं। सारा खादेम ने देशभर में चल रहे हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन का समर्थन किया था और उन्होंने हिजाब उतारकर टूर्नामेंट में हिस्ला लिया था। जिसके बाद से ही आशंका जताई जा रही थी, कि ईरान लौटने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

शतरंज खिलाड़ी ने छोड़ा ईरान
गार्जियन ने स्पेनिश अखबार एल पेस के हवाले से बताया है कि, दुनिया में 804वें रैकिंग पर काबिज सारा खादेम टूर्नामेंट के बाद ईरान लौटने की योजना नहीं बना रही हैं। सारा खादेम काफी तेजी से प्रसिद्ध होने वाली खिलाड़ी हैं और उन्हें भविष्य का स्टार माना जा रहा है, लेकिन ईरान छोड़ने के फैसले के बाद उनके शतरंज कैरियर पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि, सारा खादम और उनके पति, जो कि एक फिल्म डायरेक्टर हैं और जिनका नाम अर्देशिर अहमदी है, वो अपने छोटे बच्चों के साथ ईरान छोड़ रही हैं। हालांकि, यह साफ नहीं है, कि परिवार ने पहले ही स्पेन में रहने का जगह प्राप्त कर लिया है नहीं। अखबार ने बताया है कि, सारा खादेम का एक फ्लैट स्पेन में है और ज्यादा उम्मीद है, कि वो स्पेन में अपने इसी फ्लैट में रहेंगी।

बिना हिजाब खेला था शतरंज
सारा खादम, जिनका असली नाम सारासादत खडेमलशरीह है, उन्होंने दुनियाभर में उस वक्त सुर्खियां बटोरी थी, जब वो कजाकिस्तान के अल्माटी में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट, र्ल्ड रैपिड एंड ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में बिना हिबाज के शतरंज खेला था। उनकी तस्वीरें जंगल की आग की तरह पूरी दुनिया में वायरल हो गई और उसके बाद से ही आशंका जताई जा रही थी, कि सारा खादम को ईरान लौटने के साथ ही गिरफ्तार किया जा सकता है। आपको बता दें कि, ईरान में सितंबर महीने से ही हिजाब के खिलाफ भारी प्रदर्शन चल रहा है, जिसे कई खिलाड़ियों और एक्टर का समर्थन मिला है। सारा खादम, हिजाब के खिलाफ चलने वाले आंदोलन का समर्थन करने वाली लेटेस्ट सेलिब्रिटी हैं।
कौन हैं चेस प्लेयर सारा खादम
इंटरनेशनल चेस फेडरेशन के मुताबिक, 1997 में जन्मी शतरंज खिलाड़ी सारा खादेम को विश्व स्तर पर सक्रिय खिलाड़ियों की लिस्ट में 804 स्थान दिया गया है और ईरान में 10 वें स्थान पर रखा गया है, अक्टूबर में, ईरानी पर्वतारोही एल्नाज रेकाबी ने भी अनिवार्य हिजाब के बिना दक्षिण कोरिया में एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, हालांकि बाद में उन्होंने कहा था, कि उनका हिजाब गिर गया था। लेकिन, ये साफ नहीं है, कि क्या उन्होंने किसी दबाव में अपना बयान बदला था। एल्नाज रेकाबी के अलावा भी कई ईरानी खिलाड़ियों ने एंटी-हिबाज प्रोटेस्ट का समर्थन किया है। नवंबर महीने में ईरानी तीरंदाज परमिदा घासेमी ने तेहरान में एक अवार्ड फंक्शन के दौरान अपने हिजाब को हटाकर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के लिए अपने समर्थन का ऐलान कर दिया था, लेकिन उन्होंने भी बाद में अपना बयान बदल दिया था और कहा था, कि उन्होंने हिबाज को गिरते हुए नहीं देखा। हालांकि, उनका जो वीडियो वायरल हुआ था, उसमें उन्हें खुद से अपना हेडस्कार्फ हटाते हुए देखा गया था।

प्रदर्शन कुचल रही इस्लामिक सरकार
वहीं, ईरान की उप खेल मंत्री मरियम काज़ेमिपुर ने नवंबर में कहा था, कि जिन एथलीटों ने इस्लामिक मानदंडों के खिलाफ काम किया है, उन्हें बाद में अपने उठाए गये कदमों को लेकर "पछतावा" हुआ और वो "अपनी गलती को सुधारने के लिए अवसर की तलाश कर रहे हैं।" आपको बता दें कि, इसी महीने ईरान की सरकार ने ईरान की रहने वालीं हॉलीवुड फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री और ऑस्कर अवार्ड विजेता तरानेह अलीदूस्ती को भी हिजाब उतारने के लिए गिरफ्तार कर लिया है और तरानेह अलीदूस्ती को खौफनाक सजा देकर देश के तमाम प्रदर्शनकारियों के लिए एक उदाहरण सेट करने की कोशिश की जा रही है। उन्हें ईरान की सबसे खौफनाक जेल में रखा गया है, जहां खूंखार कैदी बंद किए जाते हैं।

सितंबर से चल रहा है ईरान में प्रदर्शन
ईरान में 17 सितंबर से हिजाब के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन लगातार तीसरे महीने प्रवेश कर चुका है और 500 प्रदर्शनकारियों की जान जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों में जोश बरकरार है। ईरान में हजारों प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ पिछले करीब 3 महीने से खड़े हैं, जबकि करीब 18 हजार प्रदर्शनकारी जेल में बंद किए जा चुके हैं। हिजाब के खिलाफ महिलाएं पिछले तीन महीने से इस्लामिक सरकार के खिलाफ डटी हुई हैं, भले ही उनके कई साथियों को ईरान की इस्लामिक सरकार ने सरेआम फांसी से क्या ना लटका दिया हो।












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