Iran War Impact: भारत के पड़ोस में गैस-तेल का संकट, आधे भरे मिलेंगे सिलेंडर, 2 दिन छुट्टी- वर्क फ्रॉम होम भी
Iran War Impact: ईरान पर थोपी गई जंग का असर कई एशियाई देशों पर दिखने लगा है। पाकिस्तान, श्रीलंका समेत अब नेपाल भी इसकी जद में आ गया है। लिहाजा, इसे टालने के लिए बालेन शाह की सरकार ने अब सरकारी दफ्तर और स्कूल-कॉलेज जैसे संस्थानों के लिए वर्किंग डेज 6 से घटाकर 5 कर दिए हैं। अब देश में शनिवार और रविवार दोनों दिन छुट्टी रहेगी। इसके अलावा भी सरकार ने और भी तैयारियां की हैं।
Emergency Cabinet Meeting में हुआ बड़ा फैसला
यह फैसला रविवार को हुई एक इमरजेंसी कैबिनेट मीटिंग में लिया गया। सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि यह फैसला बढ़ती ईंधन की कमी और महंगे होते खर्च को कंट्रोल करने के लिए लिया गया है। उन्होंने साफ कहा- अब सरकारी दफ्तर और स्कूल शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे।

नया टाइमिंग सिस्टम क्या रहेगा?
नई व्यवस्था के तहत, ऑफिस अब सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे। जिसकी टाइमिंग सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। पहले नेपाल में सिर्फ शनिवार को ही छुट्टी होती थी, लेकिन अब वीकेंड 2 दिन का हो गया है।
फैसला नहीं मजबूरी है- सरकार
सरकार ने इस फैसले को मजबूरी बताया है। पोखरेल के मुताबिक, देश में ईंधन की सप्लाई की स्थिति कुछ हद तक गड़बड़ा गई है। जिसकी वजह से पेट्रोल-पंप पर लाइन, गैस की सप्लाई में दिक्कत और तेल-गैस के दाम को कंट्रोल करने के लिए ऐसे फैसले लेने पड़ रहे हैं। बावजूद इसके इनके दाम बढ़ रहे हैं।
EV की ओर जाने की तैयारी
सरकार अब सिर्फ छोटे फैसलों तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि लॉन्ग टर्म में प्लान खोज रही है। इसके लिए पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को Electric Vehicles (EVs) में बदलना और उसके लिए कानून बनाने पर विचार किया जा रहा है। लेकिन इसको लेकर कोई टाइमलाइन या रोडमैप तैयार नहीं हुआ है।
नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन पर बढ़ता दबाव
नेपाल की सरकारी कंपनी नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि कीमतें बढ़ाने के बावजूद घाटा बढ़ रहा हैइससे देश की energy system पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
Panic Buying रोकने के लिए अजीब कदम
सरकार ने जमाखोरी और घबराहट में तेल-गैस खरीदने (panic buying) पर रोक लगाने के लिए कुछ जरूरी कदम भी उठाए हैं। जैसे आधे भरे LPG सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। साथ ही लोगों से कम ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की गई है। यह दिखाता है कि संकट कितना गंभीर हो चुका है।
टूरिज्म की कमाई पर बड़ा खतरा
नेपाल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक टूरिज्म पर निर्भर है। लेकिन इस ऊर्जा संकट का असर अब यहां भी दिखने लगा है। नेपाल में बार-बार यात्रा महंगी होना और ट्रांसपोर्ट में दिक्कत आना शुरू हो चुका है। जिसका असर अब विदेशी टूरिस्टों पर पड़ने लगा है। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो नेपाल की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
सिर्फ नेपाल नहीं, श्रीलंका भी संकट में
यह संकट सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं है। श्रीलंका ने भी पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिसमें हर बुधवार को सरकारी संस्थान बंद रहेंगे। यानी हफ्ते में एक एक्स्ट्रा छुट्टी सिर्फ पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए दी जा रही है।
बुरे दौर के लिए तैयार रहो
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने साफ कहा है कि देश को "सबसे बुरे हालात" के लिए तैयार रहना चाहिए यह बयान दिखाता है कि मिडिल ईस्ट का युद्ध पूरे क्षेत्र पर कितना बड़ा असर डाल रहा है।
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