Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत

Iran Vs America: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने हाथ-पांव मारना शुरू किया, लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने मध्यस्थता का दांव खेला, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने रिशेयर कर हवा तो दी, पर ईरान ने दो टूक कह दिया कि उसे पाकिस्तान की पंचायती मंजूर नहीं है।

ईरान का यह रुख साफ करता है कि वह पाकिस्तान को भरोसेमंद नहीं मानता। 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना' की तर्ज पर पाकिस्तान बीच में कूद तो पड़ा, पर ईरान ने भारत का नाम लेकर उसे आईना दिखा दिया कि असली सम्मान और भरोसा कहां है।

iran vs america pakistan mediation

Pakistan Iran mediation: पाकिस्तान की 'अब्दुल्ला दीवाना' वाली कोशिश

पाकिस्तान की हालत उस बिन बुलाए मेहमान जैसी हो गई है जो दूसरों के झगड़े सुलझाने के बहाने अपनी अंतरराष्ट्रीय साख बचाना चाहता है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति दूत बनने का प्रस्ताव रखा, जिसे ट्रंप ने रिशेयर भी किया। लेकिन कूटनीति सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं चलती। ईरान ने पाकिस्तान की इस पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तान खुद कर्ज और अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में उसका 'शांति दूत' बनना दुनिया को रास नहीं आ रहा।

ये भी पढे़ं: Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार

India Iran friendship: 'ईरान को भारत पर भरोसा'

ईरानी प्रवक्ता एस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते या बातचीत का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। दिलचस्प बात यह रही कि इस पूरे विवाद के बीच ईरान ने भारत का जिक्र कर पाकिस्तान को तगड़ा संदेश दिया। ईरान ने कहा कि भारत के साथ उसके संबंध 'सम्मानजनक' हैं। यह बयान बताता है कि ईरान की नजर में भारत एक जिम्मेदार शक्ति है, जबकि पाकिस्तान सिर्फ अमेरिका की गुड-बुक में आने की कोशिश कर रहा है।

इजराइल ने भी दिखाई पाकिस्तान को औकात

सिर्फ ईरान ही नहीं, इजराइल ने भी पाकिस्तान के दावों की हवा निकाल दी। भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने साफ कहा कि इजराइल उन देशों पर भरोसा नहीं करता जिनके साथ उसके कूटनीतिक रिश्ते ही नहीं हैं। पाकिस्तान न तो इजराइल को मान्यता देता है और न ही उसके पास कोई रणनीतिक वजन है। इजराइल का यह रुख और भारत के साथ अपनी मजबूत साझेदारी का जिक्र करना यह साबित करता है कि मध्य पूर्व की जंग में पाकिस्तान की कोई अहमियत नहीं है।

ये भी पढे़ं: Iran America War: ईरान की वो मिसाइलें जिसकी मार ने ट्रंप को कराया सरेंडर! दुबई-कतर, सऊदी में मचाया हाहाकार

Iran rejects Pakistan's offer: मध्यस्थता का दिखावा और जमीनी हकीकत

पाकिस्तान अक्सर मुस्लिम जगत का नेता बनने की कोशिश में ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों के बीच कूदता रहता है। लेकिन हकीकत यह है कि ईरान को पता है कि पाकिस्तान की विदेश नीति अक्सर अमेरिकी इशारों पर चलती है। ऐसे में ईरान किसी ऐसे देश को बीच में नहीं आने देना चाहता जो खुद अपनी मर्जी से फैसले न ले सके। पाकिस्तान का प्रस्ताव महज एक 'पीआर स्टंट' बनकर रह गया, जिसे न ईरान ने भाव दिया और न ही इजराइल ने गंभीरता से लिया।

भारत की 'चुप्पी' में छिपा ईरान का भरोसा

इस पूरे ड्रामे के बीच भारत ने खुद को शोर-शराबे से दूर रखा है, फिर भी ईरान ने भारत की तारीफ की। भारत की विदेश नीति किसी एक पक्ष का मोहरा बनने की नहीं, बल्कि अपने हितों और पुराने रिश्तों को निभाने की है। ईरान जानता है कि भारत दबाव में आकर दोस्ती नहीं तोड़ता। यही वजह है कि जब पाकिस्तान मध्यस्थता के लिए छटपटा रहा था, तब ईरान ने भारत के साथ अपने 'अच्छे और सम्मानजनक' रिश्तों की दुहाई देकर साबित कर दिया कि असली क्षेत्रीय ताकत कौन है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+