Iran Vs USA: 'युद्ध का अंत हम तय करेंगे', IRGC ने ट्रंप को दिया ऐसा जवाब, जिससे कांप उठा अमेरिका
Iran usa war trump statement: 28 फरवरी से ईरान में शुरू हुई भीषण सैन्य कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के माध्यम से ईरान की सैन्य शक्ति, वायुसेना और संचार तंत्र को लगभग पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। ट्रंप के अनुसार, यह कार्रवाई इजरायल और पूरे मध्य पूर्व को ईरानी हमले से बचाने के लिए अनिवार्य थी।
दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन दावों को चुनौती देते हुए स्पष्ट किया है कि युद्ध के अंत और क्षेत्र के भविष्य का फैसला केवल उनके सशस्त्र बल करेंगे, न कि अमेरिका। पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु और मोजतबा खामेनेई के नए नेतृत्व के बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी ने वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी है।

ट्रंप का दावा: ईरान की ताकत हुई खत्म
राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लोरिडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और संचार व्यवस्था पूरी तरह तबाह हो चुकी है। उनके अनुसार, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरुआती दो दिनों में ही मुख्य जोखिम खत्म हो गया था। ट्रंप का मानना है कि ईरान के नेतृत्व के दो स्तर खत्म हो चुके हैं और उनके पास अब जवाबी हमला करने के लिए संसाधन नहीं बचे हैं। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को 'बेहद प्रभावी' और सफल बताया है।
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ईरान का पलटवार और IRGC की चुनौती
अमेरिकी दावों के विपरीत, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कड़ा रुख अपनाया है। IRGC ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र का भविष्य और युद्ध की समयसीमा उनके सशस्त्र बलों के नियंत्रण में है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना इस संघर्ष को खत्म करने वाली ताकत नहीं हो सकती। ईरान का नेतृत्व यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वे अभी भी संघर्ष के लिए तैयार हैं।
नए सुप्रीम लीडर और नेतृत्व पर निराशा
ईरान में सत्ता परिवर्तन के तहत मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया है, क्योंकि पूर्व नेता अली खामेनेई की इस संघर्ष के दौरान मृत्यु हो गई थी। ट्रंप ने इस चुनाव पर निराशा जताई और कहा कि इससे पुरानी समस्याएं बनी रहेंगी। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया कि उनके दिमाग में एक वैकल्पिक नाम है जो ईरान का नेतृत्व कर सकता है, लेकिन उन्होंने उस नाम का खुलासा करने से फिलहाल इनकार कर दिया है।
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मिसाइल संकट और वैश्विक तेल बाजार पर असर
ट्रंप के अनुसार, ईरान इजरायल और पूरे मध्य पूर्व पर बड़े मिसाइल हमले की योजना बना रहा था, जिसे समय रहते रोक दिया गया। इस युद्ध के कारण ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को ब्लॉक कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान के लगभग 80% मिसाइल ठिकानों और लॉन्चर्स को पहले ही नष्ट कर दिया है।












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