Iran US Israel Conflict: संघर्ष और हमलों के बीच ईरान ने दिया झुकने का संकेत, 'इज्जत के साथ बातचीत के लिए तैयार
Iran US Israel Conflict: अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। ईरान के सुप्रीम लीडर समेत 40 टॉप कमांडरों की मौत हो चुकी है। तेहरान की ओर से भी जोरदार कार्रवाई की जा रही है। आईडीएफ ने स्पष्ट कर दिया है कि हमले जारी रहेंगे। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि ईरान अब युद्ध से होने वाले भारी नुकसान से बचना चाहता है। जारी तनाव के बीच तेहरान की ओर से एक अहम बयान सामने आया है।
ANI को दिए इंटरव्यू में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्ला सैय्यद अली खामेनेई के प्रतिनिधि बताए जा रहे डॉक्टर अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, 'ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इज्जत के साथ समझौता होना चाहिए।'

Iran US Israel Conflict: जल्द हो सकता है समझौता
डॉ. इलाही ने स्पष्ट किया कि ईरान कूटनीतिक समाधान के खिलाफ नहीं है, मगर वह किसी भी तरह के दबाव या एकतरफा शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा। उनके अनुसार, किसी भी वार्ता की बुनियाद आपसी सम्मान, समानता और संप्रभुता के सिद्धांतों पर होनी चाहिए।
Amid the ongoing conflict between US-Israel and Iran, Dr Abdul Majid Hakeem Ilahi, representative of the late Supreme Leader of the Islamic Republic of Iran, Ayatollah Seyyed Ali Khamenei, in an interview to ANI, says, "Iran is ready for negotiations but with dignity"
— ANI (@ANI) March 3, 2026
(file pic) pic.twitter.com/yc7GhpeVnR
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और तीखी बयानबाज़ी ने वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इजरायल की नीतियों पर सवाल उठाते हुए ईरान लगातार अपने सुरक्षा हितों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है।
Iran Israel Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का अंत होगा?
- विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के लिए एक साथ चौतरफा हमले झेलना आसान नहीं है। खामेनेई और टॉप लीडरशिप की मौत के बाद देश में हालात अस्थिर हैं।
- लंबे समय से आर्थिक प्रतिबंध झेल रहे ईरान की अर्थव्यवस्था पहले ही बर्बाद हो चुकी है। जंग अगर लंबे समय तक चलता है, तो नुकसान असहनीय हो सकता है।
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पहले ही कह दिया है कि वह तेहरान से बातचीत करने के लिए तैयार हैं। अगर सभी पक्षों की सहमति बनती है, तो मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि क्या आने वाले दिनों में बैक-चैनल कूटनीति या औपचारिक वार्ता की दिशा में कोई ठोस पहल होती है। फिलहाल ईरान ने सम्मान के साथ बातचीत की बात कहकर समझौते के संकेत जरूर दे दिए हैं।












Click it and Unblock the Notifications