Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Iran US conflict: ईरान-अमेरिका जंग के बीच कूदा जापान! क्यों कहा अगर ऐसा होता है तो भेजेंगे सेना

Iran US conflict: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है, खासकर तेल की सप्लाई को लेकर। इसी बीच जापान ने एक अहम संकेत दिया है। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी के अनुसार, अगर दोनों देशों के बीच युद्धविराम (सीजफायर) हो जाता है, तो जापान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने के लिए अपनी सेना भेजने पर विचार कर सकता है।

चूंकि जापान अपनी जरूरत का 90% तेल इसी रास्ते से मंगाता है, इसलिए इस समुद्री मार्ग का सुरक्षित होना उसके लिए बेहद जरूरी है। फिलहाल यह सिर्फ एक संभावना है, जो पूरी तरह शांति बहाली पर टिकी है।

Iran US conflict japan hormuz

Hormuz Strait mines: जापान की सेना और कड़े कानून

दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान के संविधान में सेना के इस्तेमाल को लेकर काफी पाबंदियां लगाई गई थीं। जापान सीधे तौर पर किसी युद्ध का हिस्सा नहीं बन सकता। हालांकि, 2015 में बने एक नए सुरक्षा कानून ने उसे थोड़ी छूट दी है। अब जापान अपनी 'सेल्फ-डिफेंस फोर्स' को तब विदेश भेज सकता है, जब उसके किसी करीबी सहयोगी (जैसे अमेरिका) पर हमला हो और उससे जापान की अपनी सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो जाए। बारूदी सुरंगें हटाना इसी रक्षात्मक दायरे में आता है।

ये भी पढ़ें: ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश?

Iran oil route news: होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व

'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट है। जंग की वजह से ईरान ने इस रास्ते को लगभग बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। जापान के लिए यह रास्ता उसकी लाइफलाइन है। हालांकि, विदेश मंत्री मोटेगी ने साफ किया कि जापान अपने जहाजों के लिए कोई अलग से रास्ता बनाने की योजना नहीं बना रहा है। उनका लक्ष्य एक ऐसा माहौल बनाना है जहाँ सभी देशों के जहाज बिना किसी डर के सुरक्षित ढंग से गुजर सकें।

ईरान का रुख और जापान की जरूरत

हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जापान से बातचीत की है। उन्होंने संकेत दिया है कि जापान से जुड़े जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। जापान के लिए यह एक बड़ी राहत हो सकती है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह तेल के आयात पर टिकी है। जापान चाहता है कि कूटनीतिक रास्तों से बात सुलझ जाए ताकि उसे सेना भेजने जैसे कदम न उठाने पड़ें और तेल की सप्लाई चैन भी दोबारा शुरू हो सके।

ये भी पढे़ं: Hormuz Crisis: इन देशों के लिए खुला होर्मुज, भारत के शिप को मिलेगा 'सेफ पास' या नहीं? ईरान का नया आदेश

ट्रंप और ताकाइची की बातचीत

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। ट्रंप ने जापान से इस संघर्ष में और ज्यादा सक्रिय सहयोग मांगा था। इसके जवाब में ताकाइची ने स्पष्ट किया कि जापान अपनी मदद को देश के कानूनों के दायरे में ही रखेगा। जापान सीधे युद्ध में कूदने के बजाय शांति के बाद की स्थितियों, जैसे कि माइंस (बारूदी सुरंगें) हटाने या सुरक्षा व्यवस्था सुधारने में सीमित भूमिका निभाने को प्राथमिकता दे रहा है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+