ईरानी नेता खामेनेई का बेतुका फरमान, टीवी कार्टून में महिलाओं को हिजाब पहनाना जरूरी
तेहरान। ईरान की सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने सोमवार को एक फ़तवा जारी किया है। शीर्ष नेता की ओर से जारी फतवे में कहा गया है कि कार्टून एनिमेटेड फीचर्स में महिलाओं को हिजाब पहने हुए दर्शाया जाना चाहिए। तस्नीम समाचार एंजेसी के अनुसार खामनेई ने समाचार एजेंसी द्वारा पूछे एक सवाल के जवाब में यह बात कही। जिसमें पूछा गया था कि क्या एनिमेटेड पात्रों में महिलाओं के लिए हिजाब पहनाना आवश्यक है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि आयतुल्लाह को किस फोरम के माध्यम से ये प्रश्न पूछा गया था।

सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहअली खामेनेई ने कहा कि, हिजाब नहीं पहनने के परिणाम को देखते हुए एनीमेशन में हिजाब दिखाने की आवश्यकता होती है। इस्लामी कानून के आधार पर यह फतवा जारी किया गया है। जो कानून रूप से बाध्य नहीं करता है लेकिन यह किसी मान्यता प्राप्त उच्च प्राधिकरण की ओर से जारी किया जाता है। वहीं दूसरी ओर ईरान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने फतवे की निंदा की है। इसकी तुलना जहर से की है।
ईरानी पत्रकार और कार्यकर्ता मासिह अलाइनजाद ने ट्विट कर लिखा कि, यह मजाक नहीं है! इस्लामी गणतंत्र ईरान के सर्वोच्च नेता ने घोषणा की है कि एनिमेटेड महिलाओं को भी हिजाब पहनना चाहिए। यहां तक कि मधुमक्खियों जैसे मादा कीटों के भी हिजाब में देखना चाहते हैं! मादा के बालों के साथ उनका जुनून कुछ भी विषाक्त है। ये लोग ईरान में सत्ता में हैं। ईरान की सत्ता में बैठे लोगों को महिलाओं के बालों से इस कदर दिक्कत हैं, कि उन्हें ये जहर लगते हैं।
हिस्ट्री के स्कॉलर अर्श अजीजी ने भी सरकार के इस फैसले की आलोचना की है। अजीज ने कहा कि अगर आपको लगता है कि ग्रैंड अयातुल्ला खामनेई ईरान और ईरानियों के हित के मुख्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं। ईरान में इस तरह का फतवा कोई नई बात नहीं है क्योंकि देश में महिलाओं को पहले भी हिजाब नहीं पहनने के लिए उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। ईरान में 1979 के क्रांति के बाद से इस्लामी कानून के तहत, महिलाओं को एक हिजाब पहनना अनिवार्य है।












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