नई दिल्ली में भिड़े ईरान और इजरायल के अधिकारी, दो 'जानी दुश्मनों' के बीच जानिए क्यों छिड़ी जंग?
नई दिल्ली में ईरान और इजरायल के अधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। जानिए जोनों 'दुश्मनों' के बीच क्यों जंग शुरू हो गई।
नई दिल्ली, अक्टूबर 29: दुनिया के दो सबसे दुश्मन देशों के बीच भारत की राजधानी नई दिल्ली में जंग छिड़ चुकी है और दोनों देशों के अधिकारी एक दूसरे पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता ने उन मुस्लिम देशों को जमकर फटकार लगाई थी, जो इजरायल के साथ अपने संबंध को मजबूत कर रहे हैं और अब दोनों देशों के बीच की ये लड़ाई भारत तक पहुंच गई है।

भारत में भिड़े ईरान-इजरायल
ईरान दूतावास ने शुक्रवार को भारत में इजराइल के नवनियुक्त दूत नाओर गिलोन की तेहरान पर टिप्पणी को 'बचकाना' करार दिया है। इजरायल के नव नियुक्त राजदूत गिलोन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में मीडिया से मुलाकात के दौकान ईरान को आड़े हाथ लिया था और कहा था कि, ईरान को अस्थिरता की वजह करार दिया था। उन्होंने कहा था कि, परमाणु हथियारों के साथ ईरान का चरम शासन पश्चिम एशिया में एक खतरा है। इजरायली राजनयिक के इस बयान के बाद ईरान के राजनयिक काफी भड़क गये और उन्होंने इजरायली राजनयिक पर जमकर वार किए हैं।

इजरायल को ईरान का उत्तर
इजरायली राजनयिक के आरोपों के जवाब में ईरान दूतावास ने एक बयान जारी कर गिलोन को "एडवेंचरस" और तेहरान पर उनकी टिप्पणी को "बचकाना" बताया है। ईरान दूतावास की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि, "इजराइल एक 'आतंकवादी घर' है, जिसकी नाजायज स्थापना मध्य पूर्व में फिलिस्तीनियों और अन्य राष्ट्रों के रक्तपात, हत्या और नरसंहार से हुई है, ये एक ऐसा शासन है जो वर्तमान में पेगासस जासूसी में इसकी निंदनीय भागीदारी के साथ-साथ कब्जे के इतिहास और अन्य क्षेत्रों पर आक्रमण करता है।'' ईरान की तरफ से जारी बयान में का गया है कि, इजरायल ने सीरिया और लेबनान के साथ साथ काना, काफर कासेम, सबरा और शतीला शिविरों में निर्दोष लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ा, निर्दोषों की हत्या की और इन युद्धअपराधों के बाके में दुनिया में हर कोई जानता है।

किस मुंह से शांति की बात
ईरान दूतावास ने अपने बयान में कहा है कि, इजरायल 'शांति गठबंधन' को शांति की सलाह कैसे दे सकता है और वो देशों को दोषी कैसे ठहरा सकता है, जो खुद इस तरह के काम में लिप्त रहा है। आपको बता दें कि, इजरायल ने भारत में पिछले हफ्ते अपना नया राजदूत नियुक्त किया है, जिन्होंने कार्यभार संभालने के बाद भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से औपचारिक मुलाकात की थी और फिर उन्होंने ईरान को लेकर बयान जारी किया था। भारत में ईरान और इजरायल के अधिकारियों के बीच कोई पहली बार जंग नहीं हुई है, बल्कि, इसी साल जब इजरायली दूतावास के बाहर एक बम धमाका हुआ था, तो इजरायल ने उसके पीछे ईरान का हाथ बताया था। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता ने इजरायल से दोस्ती करने को सबसे बड़ा पाप करार दिया है।

इजरायल का परमाणु प्रोग्राम
इसी महीने खबर आई है कि, ईरान काफी तेजी से अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है और ईरान ने 120 किलो 20 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन करने में भी कामयाबी हासिल कर ली है और पिछले महीने यूनाइटेड नेशंस के वॉचडॉग ने इसका आकलन भी किया है। जिसके बाद इजरायल की तरफ से ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए ईरान पर हमले की धमकी भी दी गई थी। जिसके जवाब में ईरान ने कहा कि, अगर इजरायल के द्वारा सैन्य कार्रवाई की गई, को उसे गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। ईरान ने कहा कि, इजरायल ने धमकी देकर यह साबित कर दिया है, कि ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले जो भी हमले हुए हैं, उन सबके लिए इजरायल जिम्मेदार है।

ईरान से टेंशन में क्यों है दुनिया?
आपको बता दें कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से पूरी दुनिया को चिंता है और अमेरिका ने तो ईरान के ऊपर कड़े आर्थिक प्रतिबंध भी लगा रखे हैं। ईरान जैसे-जैसे संवर्धित यूरेनियम तैयार करता जाएगा, दुनिया का टेंशन उतना ही बढ़ता जाएगा। इससे पहले ईरान के प्रसिद्ध वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह की हत्या भी इजरायल और अमेरिका ने ही मिलकर की थी और इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के साथ बहुत बड़ा मिशन चलाया गया था। पिछले महीने खुलासा हुआ था कि इजरायली स्नाइपर ने करीब 1400 किलोमीटर की दूरी से ईरान के परमाणु वैज्ञानिक की हत्या की थी।












Click it and Unblock the Notifications