Iran Israel War 2025 Reason: ईरान-इजरायल युद्ध की वजह क्या है? सिर्फ परमाणु बम नहीं, जानिए लड़ाई के 5 कारण
Iran Israel War 2025 Reason: साल 2025 में जब दुनिया पहले ही उथल-पुथल से जूझ रही थी, तभी पश्चिम एशिया में एक पुराना घाव फिर से फट पड़ा। मिसाइलों की बारिश, ड्रोनों की मार और धमाकों की गूंज के बीच एक ऐसा युद्ध भड़क उठा, जिसकी आग सीमाओं से बहुत दूर तक फैल सकती है। यह तीसरा विश्व युद्ध भी करवा सकती है। ईरान और इजरायल आमने-सामने हैं। 13 जून 2025 की रात को इजरायल ने ईरान के सैन्य व परमाणु ठिकानों पर मिसाइल दागकर जंग की इस चिंगारी को फिर से हवा दे दी।
हैरानी की बात तो ये है कि ईरान और इजरायल न तो पड़ोसी हैं और न ही सीधे सीमा साझा करते हैं। उनके बीच 2,300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी है। फिर भी दोनों देश दशकों से एक-दूसरे के खिलाफ ज़हर उगलते आ रहे हैं-कूटनीति के मंच से लेकर युद्ध के मैदान तक।

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तो आखिर क्या है इन दो देशों के बीच ऐसी दुश्मनी की जड़ें?
इसकी वजह केवल ईरान के परमाणु परीक्षण की कोशिश ही नहीं है, बल्कि ईरान-इजरायल की लड़ाई के पीछे धार्मिक वैमनस्य, राजनीतिक प्रभुत्व की जंग, परमाणु हथियारों का डर और फिलिस्तीन का संघर्ष जैसे कई कारण हैं।
साल 2025 में जो ईरान-इजरायल के बीच युद्ध फूटा है, वह सिर्फ़ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि सालों से सुलग रही नफरत की चिंगारी है, जो अब लपटों में बदल चुकी है।
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यूं तो ईरान-इजरायल लड़ाई की वजहें बड़ी जटिल हैं। आइए इसे संक्षेप में 5 प्रमुख बिंदुओं में समझते हैं।
1. फिलिस्तीन और इजरायल संघर्ष में भूमिका
ईरान खुद को फिलिस्तीन का समर्थक मानता है और इजरायल को "अवैध यहूदी राज्य" कहता है। ईरान, हामास, हिज़्बुल्लाह और इस्लामिक जिहाद जैसे आतंकी संगठनों को समर्थन देता है, जो इजरायल पर हमले करते हैं। इजरायल बार-बार इन संगठनों को कमजोर करने के लिए सीरिया, लेबनान और गाजा में हमले करता है।
2. ईरान का परमाणु कार्यक्रम
ईरान परमाणु परीक्षण की तैयारी में है। वह परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका है। इजरायल को डर है कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ गए, तो वह उसके लिए अस्तित्व का खतरा बन सकता है। इसलिए इजरायल ईरान की परमाणु सुविधाओं पर साइबर और सैन्य हमले करता रहा है। ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानता है। खुद इजरायल के पास करीब 90 परमाणु बम बताए जाते हैं।
3. सीरिया और इराक में छद्म युद्ध
ईरान पड़ोसी देश सीरिया और इराक में मिलिशिया समूहों के जरिए अपनी पकड़ बना रहा है। इजरायल इन पर हमला करता है ताकि ईरानी प्रभाव सीमित रहे। यह छद्म युद्ध अब ईरान और इजरायल के बीच सीधे टकराव की ओर बढ़ गया है।
4. अमेरिका और इजरायल की दोस्ती
अमेरिका, इजरायल का सबसे बड़ा समर्थक है। हालिया जंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि उन्हें पता है ईरान का सुप्रीम लीडर खामेनेई कहां छिपा है, लेकिन "उसे अभी नहीं मारेंगे... अगले सप्ताह कुछ बड़ा हो सकता है।" ईरान, अमेरिका को "शैतान" और इजरायल को उसका "नौकर" मानता है। जब भी अमेरिका कोई कार्रवाई करता है (जैसे: जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या), ईरान इसका दोष इजरायल पर भी डालता है।
5. धार्मिक तनाव: शिया बनाम यहूदी विचारधारा
ईरान एक शिया इस्लामी गणराज्य है और इजरायल एक यहूदी राष्ट्र। धार्मिक दृष्टिकोण से भी दोनों एक-दूसरे को धार्मिक दुश्मन मानते हैं, जिससे वैचारिक टकराव लगातार बना रहता है।
2025 की ताजा लड़ाई क्यों शुरू हुई?
अप्रैल-मई 2025 में इजरायल ने सीरिया में ईरानी सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया था। जवाब में ईरान ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके बाद 13 जून 2025 की रात से दोनों के बीच ड्रोन-मिसाइलों से सीधा युद्ध शुरू हो गया। ईरान के कई टॉप कमांडर मार गिराए गए, जबकि इजरायल में मोसाद के मुख्यालय को तबाह करने की खबरें सामने आई हैं।
ईरान-इजरायल जंग के ताजा अपडेट (21 जून 2025)
ईरान के एक ड्रोन कमांडर की इजरायली हमले में मौत हो गई है।
ईरान की न्यूक्लियर रिसर्च साइट इस्फहान पर भी हमला हुआ है।
ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव और पोर्ट शहर हाइफा में शक्तिशाली धमाके किए हैं।
ईरान ने बैलेस्टिक मिसाइल भी दागी है।
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