Kathavachak Pawan Dev Maharaj कौन हैं? दो बच्चों की मां ने लगाया राम मंदिर दर्शन का झांसा देकर रेप का आरोप
Ayodhya Kathavachak Pawan Dev Maharaj: अयोध्या में रहने वाले कथावाचक पवन देव महाराज (42 वर्ष) पर बिहार की एक शादीशुदा महिला ने दुष्कर्म, फर्जी शादी, मारपीट, धमकी और करीब 10 लाख रुपये के गहने हड़पने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि कथावाचक ने उसे राम मंदिर दर्शन कराने के बहाने अयोध्या बुलाया, यहां दुष्कर्म किया, फर्जी शादी का ढोंग रचा और बाद में जबरन मायके भेज दिया।
शनिवार रात (6 जून) बीकापुर कोतवाली पुलिस ने महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच चल रही है। यह घटना धार्मिक कथावाचकों की विश्वसनीयता, आस्था के शोषण और महिलाओं की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को एक बार फिर उठा रही है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं...

Who Is Kathavachak Pawan Dev Maharaj: पवन देव महाराज कौन हैं?
पवन देव महाराज अयोध्या जिले के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के मलेथू कनक गांव के रहने वाले हैं। वे 42 वर्षीय हैं और खुद को प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर (Kathavachak Devkinandan Thakur) का शिष्य बताते हैं।
पिछले कुछ सालों में उन्होंने भागवत कथा, राम कथा और अन्य धार्मिक प्रवचनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के राज्यों में पहचान बनाई है। वे 'युवा हृदय सम्राट' और 'अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास' जैसे उपनामों से भी जाने जाते हैं। 13 मई 2026 को उन्हें करणी सेना का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। इस पद पर आने के बाद वे संगठन से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर सक्रिय रहने लगे थे।

उनके पिता पंडित रमाकांत शास्त्री कर्मकांडी पंडित हैं और पारिवारिक स्तर पर पूजा-पाठ और अनुष्ठानों से जुड़े हैं। परिवार में छोटा भाई आनंद मिश्रा और मां हैं। पवन देव महाराज धार्मिक मंचों पर सक्रिय रहते हैं। वे अयोध्या में कथाओं का आयोजन करते हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। उनकी छवि एक युवा, प्रभावशाली और भक्ति-भाव से ओत-प्रोत कथावाचक के रूप में बनी थी, लेकिन इस आरोप ने उनकी साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Kathavachak Pawan Dev Maharaj Allegations: पीड़िता का आरोप क्या?
महिला बिहार के सीवान जिले की रहने वाली है। वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। महिला के अनुसार, 10 जुलाई 2023 को बिहार के चंपारण में पवन देव महाराज की कथा चल रही थी। इसी दौरान पहली मुलाकात हुई। आरोपी पवन देव ने महिला का नंबर लिया और फोटो-वीडियो भेजकर बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

2025 में पवन देव मुजफ्फरपुर आए और महिला को फोन कर राम मंदिर दर्शन कराने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने वीआईपी दर्शन का भरोसा भी दिया। 10 जुलाई 2025 को महिला अपने बेटे के साथ अयोध्या पहुंची। पवन देव ने उसे अपने घर (मलेथू कनक गांव) में ठहराया। घर में उनकी मां और छोटा भाई आनंद मिश्रा मौजूद थे। अगले दिन मां मायके चली गईं। इसी दौरान पवन देव ने महिला के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है।
फर्जी शादी, गर्भवती और जबरन मायके वाला टर्न
महिला ने विरोध किया और पुलिस में जाने की बात कही। तब पवन देव ने माफी मांगते हुए शादी का वादा किया। महिला का कहना है कि आरोपी डरता था कि मेडिकल जांच से मामला खुल जाएगा। 17 अगस्त 2025 को नाका हनुमानगढ़ी में दोनों ने शादी की । महिला का आरोप है कि यह फर्जी और ढोंग थी। इसके बाद महिला पवन देव के घर रहने लगी। इस दौरान वह गर्भवती भी हुई।
4 नवंबर 2025 को पवन देव और उनके छोटे भाई ने महिला को जबरन मायके (सीवान) भेज दिया। विरोध करने पर कहा गया कि पुलिस कार्रवाई हो सकती है। महिला ने अपने गहने (लगभग 10 लाख रुपये) अयोध्या लाए थे, लेकिन वापसी पर सिर्फ कुछ कपड़े लेकर गई। बाकी जेवर आरोपी के पास रह गए। कुछ समय बाद पवन देव और उनके पिता पंडित रमाकांत शास्त्री सीवान पहुंचे। वहां विवाद हुआ, मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। महिला के पिता ने भी सवाल किया कि अगर साथ नहीं रखना था तो ऐसा व्यवहार क्यों?
महिला की मांग क्या है?
महिला पहले से तलाक की प्रक्रिया में है। वह बेरोजगार है और रहने का ठिकाना नहीं है। उसकी मांग है कि या तो उसे पत्नी के रूप में रखा जाए या आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो।
पुलिस कार्रवाई और वर्तमान स्थिति क्या है?
बीकापुर कोतवाली पुलिस ने महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों में पवन देव महाराज, उनके पिता रमाकांत शास्त्री और भाई आनंद मिश्रा शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच चल रही है। साक्ष्यों, दोनों पक्षों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट (अगर हुई) और अन्य सबूतों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच सावधानीपूर्वक की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
कानूनी पहलू और किन धाराओं में मुकदमा हो सकता है?
ऐसे मामलों में आमतौर पर निम्न धाराएं लगाई जाती हैं:
- BNS धारा 64 दुष्कर्म
- BNS धारा 318 धोखाधड़ी (Cheating)
- BNS धारा 85 पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता
- BNS धारा 351 आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation)
- POCPO (यदि कोई नाबालिग शामिल) - यहां नहीं
- दहेज या संपत्ति संबंधी धाराएं (गहनों के मामले में)
महिला की शादी पहले से थी, इसलिए फर्जी शादी का दावा कानूनी रूप से जटिल हो सकता है। पुलिस को सबूतों (कॉल रिकॉर्ड्स, वीडियो, गवाह, मेडिकल) की पुष्टि करनी होगी।
करणी सेना और पवन देव की भूमिका
करणी सेना राजपूत समुदाय से जुड़ा संगठन है, जो ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर सक्रिय रहता है। पवन देव को मई 2026 में राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया। यह नियुक्ति उनके धार्मिक प्रभाव को बढ़ाने वाली थी, लेकिन वर्तमान आरोप संगठन की छवि पर भी असर डाल सकते हैं।
यह मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है। आरोप गंभीर हैं, लेकिन अदालत में साबित होने तक इन्हें सिद्ध मानना गलत होगा। पुलिस को फॉरेंसिक सबूत, कॉल डिटेल्स, गहनों का रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर निष्कर्ष निकालना है। पूरी जांच के बाद जो भी सच सामने आएगा, वह न्याय की राह तय करेगा।













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