ईरान-हिजबुल्लाह की मिलिट्री पॉवर में ऐसे घातक हथियारों का जखीरा, जानें इजराइल कैसे कर रहा अपनी हिफाजत?

Israel, Iran or Hezbollah Military Power-Weapons: 7 अक्टूबर 2023 को हमास और हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर किए गए हमलों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ा दिया है। इजरायल लगातार बदला लेने में जुटा हुआ है और इस जंग में अब ईरान, यमन और लेबनान जैसे देशों की भी एंट्री हो चुकी है।

इस लड़ाई के चलते पिछले एक साल में मध्य पूर्व के निवासियों को गोलियों, मिसाइलों और खून से लथपथ अपनों का सामना करना पड़ रहा है। मरने वालों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि गिनती भी करना मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, क्षेत्र में भारी आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। गाजा के लोग बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि देश एक-दूसरे पर करोड़ों के हथियार खर्च कर रहे हैं।

Israel Iran or Hezbollah Military Power-Weapons Story

ईरान के हथियारों के जखीरे में पावरफुल मिसाइल

  • फत्ताह-2 हाइपरसोनिक मिसाइल: ईरान की सबसे आधुनिक और खतरनाक मिसाइलों में से एक है। यह हाइपरसोनिक मिसाइल है, जिसकी रफ्तार लगभग मैक 13 (16,000 किमी/घंटा) है। इसकी गति और अप्रत्याशित रास्तों पर यात्रा करने की क्षमता इसे रोकने के लिए बेहद मुश्किल बनाती है। इस मिसाइल को विशेष रूप से अमेरिका और इजराइल की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों को चकमा देने के लिए डिजाइन किया गया है।
Weapons Story
  • शाहब-3 बैलिस्टिक मिसाइल: ईरान की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जो 760 से 1200 किलोग्राम तक की मारक क्षमता रखती है। यह मिसाइल 2003 से इस्तेमाल हो रही है और इसकी लंबी रेंज इसे बड़ी दूरी के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम बनाती है। 1 अक्टूबर को हुए हमले में शाहब-3 के इमाद और कादर वेरिएंट्स का इस्तेमाल किया गया।
Weapons Story
  • हज कासिम मिसाइल: इसका नाम जनरल कासिम सुलेमानी के नाम पर रखा गया है, जिनकी 2020 में अमेरिकी हमले में हत्या कर दी गई थी। यह मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 1,400 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है और 500 किलोग्राम तक का वारहेड ले जा सकती है।
सेना इजराइल ईरान
सैनिक बल 6 लाख 70 हजार सैनिक 11 लाख 80 हजार
डिफेंस बजट 2 लाख करोड़ 83 हजार करोड़
टैंक 1370 1996
एयर क्राफ्ट 612 551

सोर्स- ग्लोबल फायर पावर

ढाल बनकर इजराइल की हिफाजत कर रहे यह हथियार

  • आयरन डोम (Iron Dome): दुनिया भर में इजराइल की सबसे प्रसिद्ध मिसाइल रक्षा प्रणाली है, जो कम दूरी की रॉकेट और मोर्टार हमलों से सुरक्षा प्रदान करती है। हालांकि, इजराइल के मिसाइल रक्षा संगठन (IMDO) के अनुसार, आयरन डोम केवल इजराइल की बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली की सबसे निचली परत है। यह उन बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ प्रभावी नहीं है, जिन्हें लंबी दूरी से दागा जाता है।
Iron Dome
  • डेविड्स स्लिंग (David's Sling): डेविड्स स्लिंग इजराइल की दूसरी स्तर की मिसाइल रक्षा प्रणाली है, जो मध्यम दूरी के मिसाइल और रॉकेट हमलों को रोकने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह प्रणाली इजराइल की राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और अमेरिकी कंपनी रेथियॉन के सहयोग से बनाई गई है। डेविड्स स्लिंग का स्टनर और स्काईसेप्टर इंटरसेप्टर इसे 186 मील की दूरी तक लक्ष्य को नष्ट करने में सक्षम बनाता है। यह प्रणाली इजराइल के ऊपर के आसमान को और मजबूत बनाती है, खासकर जब बड़े और दूरस्थ खतरे हों।
  • एरो 2 और एरो 3 (Arrow 2 & 3): ये दोनों सिस्टम इजरायल की सबसे उन्नत रक्षा प्रणालियों में से हैं। एरो-2 बैलिस्टिक मिसाइलों को वायुमंडल में नष्ट करने में सक्षम है, जबकि एरो-3 अंतरिक्ष में मिसाइलों को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • Jericho-3: बैलिस्टिक मिसाइल जिसकी रेंज 4000-6500 किमी तक है, इसे परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम माना जाता है।
  • LORA मिसाइल: 280 किमी तक की रेंज वाली सटीक निशाने वाली मिसाइल है।

इजराइल ने हमले में किए ऐसे हथियारों का इस्तेमाल

  • MK-84 (907 किलो): इजराइल ने इस बम से 14,100 हमले किए, जिसमें सबसे पहले 9 अक्टूबर 2023 को गाजा के जबालिया इलाके पर हमला हुआ।
  • GBU-39 (114 किलो): 2,600 से अधिक बमों का इस्तेमाल हुआ। इसका पहला इस्तेमाल 9 जनवरी 2024 को गाजा में किया गया।
  • JDAM: यह बम और मिसाइल का मिश्रण है। इजराइल ने पिछले साल से 3,000 JDAM का इस्तेमाल किया।
  • हेलफायर मिसाइल: इजराइल ने 3,000 हेलफायर मिसाइलें दागी। इनका सबसे बड़ा हमला 8 जून 2024 को नुसेरात रेफ्यूजी कैंप में हुआ।
  • 120 mm टैंक गोले और 155 mm आर्टिलरी शेल: 57,000 से ज्यादा गोले गाजा और लेबनान पर दागे गए, जो भारी तबाही का कारण बने।

अमेरिका-इजराइल हथियार डील
इजराइल को सबसे अधिक हथियार अमेरिका से मिलते हैं। पिछले एक साल में इजराइल ने अमेरिका से 100 से अधिक हथियार डील की हैं, यानी औसतन हर 36 घंटे में एक डील। इजराइल के पास सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले फाइटर जेट्स जैसे F-35, F-16, और F-15 हैं। इन विमानों में लगे बम और मिसाइलें मुख्य रूप से अमेरिकी थीं।

हिजबुल्लाह के पास कौन कौन से हैं हथियार?

अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के अनुसार, हिजबुल्लाह के पास 150,000 से अधिक मिसाइलें और रॉकेट्स हैं। इसके अलावा, संगठन के पास एंटी-टैंक, एंटी-एयरक्राफ्ट, और एंटी-शिप मिसाइलें भी मौजूद हैं। आइए आपको रूबरू कराते हैं...

  • कत्यूषा रॉकेट: हिजबुल्लाह के पास बड़ी संख्या में ये बिना दिशा वाले रॉकेट हैं, जिनकी रेंज 30 किमी तक होती है। 2006 के युद्ध में, इन रॉकेटों का बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ था। इन रॉकेट्स का बड़े पैमाने पर उपयोग 2006 के इजराइल-लेबनान युद्ध में हुआ था, जब हिजबुल्लाह ने इजराइल पर करीब 4,000 मिसाइलें दागीं। हालांकि, हिजबुल्लाह के पास अब कई सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइलें भी हैं, जो इजराइल के सभी हिस्सों को निशाना बना सकती हैं।
Katyusha rocket
  • फज्र-5 और M-302 मिसाइलें: ये लंबी दूरी की मिसाइलें हैं, जिनका इस्तेमाल इजरायल के शहरों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इनकी रेंज 200 किमी तक होती है, जिससे ये बड़े पैमाने पर तबाही मचाने में सक्षम हैं।
  • टैंक रोधी मिसाइलें: हिजबुल्लाह के पास रूसी निर्मित कोर्नेट टैंक रोधी मिसाइलें हैं, जिन्हें उसने 2006 के युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, हिजबुल्लाह ने ईरान निर्मित अल-मास मिसाइल का भी इस्तेमाल किया है, जो दृष्टि रेखा से परे लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। यह मिसाइल इजराइली स्पाइक मिसाइल पर आधारित रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए बनाई गई है।
  • विमान रोधी मिसाइलें: हाल के संघर्षों में, हिजबुल्लाह ने इजराइल के ड्रोन को गिराने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का भी उपयोग किया है। संगठन ने इजराइली हर्मीस 450 और 900 ड्रोन को निशाना बनाया। हालांकि, इसने इजराइली फाइटर जेट्स को गिराने का दावा किया है, परंतु किसी भी प्रकार के हवाई जहाज को मार गिराने की पुष्टि नहीं हुई है।
  • ड्रोन (Unmanned Aerial Vehicles - UAVs): हिजबुल्लाह ने आत्मघाती ड्रोन हमलों और बम गिराने वाले ड्रोनों का इस्तेमाल किया है। उसके पास अयूब और मर्साद मॉडल के स्थानीय स्तर पर निर्मित ड्रोन हैं। ये ड्रोन सस्ते हैं और आसानी से बनाए जा सकते हैं, जो हिजबुल्लाह को हवाई हमलों में मदद प्रदान करते हैं।
  • जहाज रोधी मिसाइलें: 2006 में, हिजबुल्लाह ने साबित किया कि उसके पास जहाज-रोधी मिसाइलें भी हैं, जब उसने 16 किमी दूर एक इजराइली युद्धपोत पर हमला किया था। इस हमले में चार इजराइली सैनिक मारे गए थे। इसके बाद, हिजबुल्लाह ने रूस निर्मित याखोंट एंटी-शिप मिसाइल हासिल कर ली, जिसकी रेंज 300 किलोमीटर (186 मील) है। हालांकि, हिजबुल्लाह ने इस मिसाइल के अपने शस्त्रागार में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

हिजबुल्लाह की मिलिट्री पावर

  • सैनिक - 25 हजार हथियार बंद लड़ाके।
  • मिसाइलें और रॉकेट- 1.5 लाख से ज्यादा।
  • सोर्स-इजराइल डिफेंस फोर्स

हमास (गाज़ा):

  • क़सम रॉकेट: सस्ती और साधारण मिसाइलें जो 10-15 किमी की दूरी तक मार कर सकती हैं।
  • हाल के संघर्षों में हमास ने इज़राइल के खिलाफ लंबी दूरी के रॉकेट और ड्रोन भी तैनात किए हैं।

यमन (हौथी विद्रोही):

  • हौथियों ने सऊदी अरब और इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन हमले किए हैं। उन्होंने ईरान से मिसाइल तकनीक प्राप्त की है और अपने स्वयं के बुरकान बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया है।

मारक क्षमता और हथियारों के जखीरे:
सभी पक्ष अपने-अपने हथियारों के जखीरे को अद्यतित रखते हैं। इनमें इज़राइल की परमाणु क्षमताएँ, ईरान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और हिज़बुल्लाह तथा हमास की छोटे और मध्यम दूरी की मिसाइलें शामिल हैं। ईरान और हिज़बुल्लाह के पास बड़े पैमाने पर मिसाइल जखीरा है, जबकि इज़राइल की मिसाइलें ज्यादा सटीक और उच्च तकनीक वाली हैं।

इस तरह की सैन्य क्षमताओं के कारण क्षेत्र में तनाव हमेशा उच्च स्तर पर रहता है, और सभी देशों के पास अपने हथियारों और मिसाइलों का बड़ा भंडार है जो बड़े पैमाने पर क्षति पहुंचाने की क्षमता रखता है।

नोट- (इनपुट कई मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट्स से लिया गया है। वनइंडिया आंकड़ों को लेकर दावा नहीं करता है।)

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