एयरस्ट्राइक के बाद अब ईरान ने पाकिस्तान में किया सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकी संगठन जैश अल-अदल के ठिकानों पर हमले
Iran Surgical Strike in Pakistan: ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से ईरान इंटरनेशनल इंग्लिश ने बताया है, कि ईरान के सैन्य बलों ने पाकिस्तान में घुसकर एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक किया है और जैश अल-अदल के सीनियर कमांडर इस्माइल शाहबख्श समेत कई आतंकवादियों को मार गिराया है।
आपको बता दें, कि एक महीने पहले ही ईरान ने पाकिस्तान में घुसकर एयरस्ट्राइक किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया और ईरानी हमले के बाद पाकिस्तान ने भी ईरान में घुसकर आतंकियों के ठिकानों पर हवाई हमले करने के दावे किए थे।

हालांकि, बाद में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक हुई थी और तनाव को कम करने की कोशिशें की गईं, लेकिन एक बार फिर से ईरानी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण हालात होने की पूरी आशंका है।
जैश अल-अदल क्या है?
जैश अल-अदल को अरबी में न्याय की सेना के रूप में अनुवादित किया जाता है, जिसे पहले जुंदाल्लाह के नाम से जाना जाता था, जिसका मतलब होता है, ईश्वर के सैनिकों का उत्तराधिकारी माना जाता है। ये संगठन भी दूसरे आतंकी संगठनों की तरह बम धमाके करने के लिए कुख्यात रहा है। साल 2000 में इस्लामिक गणराज्य ईरान के खिलाफ एक हिंसक विद्रोह को बढ़ाना शुरू किया, जिससे अशांत ईरान-पाकिस्तान की सीमावर्ती इलाकों में सालों तक मार काट होती रही।
2010 में स्थिति उस वक्त बदल गई, जब ईरान ने जुंदाल्लाह के नेता अब्दोलमलेक रिगी को मार डाला। अब्दोलमलेक रिगी का पकड़ा जाना और फिर मारा जाना, जिसमें दुबई से किर्गिस्तान जा रही एक उड़ान को नाटकीय ढंग से रोकना शामिल था, विद्रोही समूह के लिए एक महत्वपूर्ण झटका था।
जैश अल-अदल का हेडक्वार्टर पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में है और इसे ग्लोबर टेरेरिस्ट संगठन करार दिया गया है। इसके आतंकी अतीत में ईरानी पुलिस के कई जवानों का अपहरण कर चुके हैं।
ऐसा दावा किया जाता है, कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव जब ईरान में अपना कारोबार कर रहे थे, तब इसी संगठन ने उनका अपहरण किया था और फिर उन्हें पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया था, और पाकिस्तानी सेना ने उनपर जासूस का आरोप लगा दिया।












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