अजरबैजान की सीमा पर विध्वंसक हथियारों के साथ पहुंचा ईरान, भड़के पाकिस्तान ने बताया इस्लामिक कलंक

ईरान और अजरबैजान के बीच का विवाद काफी बढ़ गया है और ईरान विध्वंसक हथियारों के साथ अजरबैजान की सीमा पर मौजूद है। वहीं माना जा रहा है कि अजरबैजान के पक्ष में इजरायल खड़ा हो सकता है।

इस्लामाबाद, अक्टूबर 01: इन दिनों विश्व की राजनीति में भारी उथल-पुथल मची हुई है। अफगानिस्तान में अस्थिकता फैली हुई है तो यूक्रेन और रूसे के बीच में भारी तनाव है। इन सबके बीच ईरान और अजरबैजान एक दूसरे के सामने खड़े हो गये हैं। हालांकि, ईरान और अजरबैजान दोनों ही मुस्लिम देश हैं, लेकिन ईरान ने अपनी एक बड़ी फौज को विध्वंसक हथियारों के साथ अजरबैजान की सीमा पर भेज दिया है, जिससे पाकिस्तान बुरी तरह से भड़क गया है।

अजरबैजान की सीमा तक पहुंचा ईरान

अजरबैजान की सीमा तक पहुंचा ईरान

ईरान ने घोषणा की है कि वह अजरबैजान की सीमा के पास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास कर रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच इस कदर तनाव भड़का हुआ है कि युद्ध की नौबत भी आने की आशंका जताई जा रही है और माना जा रहा है कि ईरान ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए अजरबैजान की सीमा के पास अपने सैनिकों को युद्धाभ्यास के लिए भेज दिया है। ईरान ने भारी संख्या में बख्तरबंद गाड़ियों में सैनिक, तोपखाने, ड्रोन. इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट्स और लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को अजरबैजान की सीमा पर भेज दिया है। ईरान ग्राउंड फोर्स कमांडर ब्रिगेडियर जनरल किओमार्स हेदरी ने 30 सितंबर को अजरबैजान की सीमा पर भीषण युद्धाभ्यास की घोषणा की है, इसके साथ ही उन्होंने ईरान के उत्तर-पश्चिमी सीमा पर भी सैनिकों को भेजने की घोषणा कर दी है।

काफी गंभीर हो चुका है तनाव

काफी गंभीर हो चुका है तनाव

अजरबैजान और ईरान के नेताओं में भी जुबानी जंग हो रही है। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला तब और गंभीर हो गया, जब अजरबैजान ने ईरान के कई ट्रकों को रोकते हुए सभी ट्रक ड्राइवर्स को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद गुस्साए ईरान ने सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों को भेज दिया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अगर सीमा पर एक भी गोली चलती है, तो दोनों देश एक मामूली सी बात के लिए एक दूसरे का खून बहाना शुरू कर देंगे।

अजरबैजान ने भी दी धमकी

अजरबैजान ने भी दी धमकी

30 सितंबर को ईरान द्वारा सीमा पर भेजे गये सैनिकों और ईरानी युद्धाभ्यास को लेकर अभी तक अजरबैजान की तरह से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तो नहीं आई है, लेकिन अजरबैजान की मीडिया में ईरान के खिलाफ काफी सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि, ''अजरबैजान पर संभावित ईरानी हमले के बारे में चिंता करने वालों को पता होना चाहिए कि अजरबैजान पर किसी भी हमले में क्षेत्रीय और वैश्विक महाशक्तियों को शामिल करने की वास्तविक क्षमता है।'' यानि, अजरबैजान की मीडिया दावा कर रहा है कि अगर ईरान हमला करने की गलती करता है, तो उसके साथ कई और वैश्विक शक्तियां खड़ी हो जाएंगी। यानि, अगर दोनों देश के बीच युद्ध भड़कता है, तो ये लड़ाई बड़ी भी हो सकती है।

पाकिस्तानी सोशल मीडिया एक्टिव

पाकिस्तानी सोशल मीडिया एक्टिव

एक तरफ जहां ईरान और अजरबैजान के बीच युद्ध जैसे हालात हैं तो पाकिस्तान में सोशल मीडिया काफी एक्टिव हो चुका है और ईरान को जी भर के गालियां देने में लगा हुआ है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया ने पुरानी डफली बजाते हुए इसमें भारत की भी आलोचना करनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि भारत से दोस्ती होने की वजह से ईरान अजरबैजान के साथ युद्ध करने के लिए तैयार हो गया है। पाकिस्तान के एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है कि ''जब तक धरती पर ईरान है, मुसलमानों को किसी और दुश्मन की जरूरत नहीं है।'' वहीं एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है कि ''ईरान ने हमेशा से ही मुस्लिमों को बांटने की कोशिश की है''।

''भारत का दिया साथ''

''भारत का दिया साथ''

पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया यूजर्स इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि मुस्लिम देश होने के बाद भी ईरान हमेशा से पाकिस्तान का नहीं, बल्कि भारत का साथ देता आया है। कुछ पाकिस्तानी यूजर्स कह रहे हैं कि ईरान को विश्व के हर मुस्लिम देश से दिक्कत है। वहीं, एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है कि, ''ईरान शिया मुस्लिमों का देश है और वो अर्मोनिया के साथ मिलकर अजरबैजान के साथ साजिशें कर रहा है, जहां ईशाई समाज का बाहुल्य है।'' एक यूजर ने लिखा है कि ''अफगानिस्तान में हार के बाद ईरान का सपना टूट गया है, इसीलिए वो मुस्लिमों के खिलाफ साजिश कर रहा है और अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने के लिए जमीन की तलाश कर रहा है''।

इजरायल की हो सकती है एंट्री

वहीं माना जा रहा है कि अगर ईरान अजरबैजान पर हमला करता है तो इजरायल उसकी मदद करने के लिए आ जाएगा। ईरान और इजरायल पहले से ही एक दूसरे के दुश्मन रहे हैं और अजरबैजान के साथ इजरायल के काफी अच्छे संबंध हैं और इजरायल पहले भी कई मौकों पर अजरबैजान की मदद कर चुका है। अजरबैजान की मीडिया से भी यही संकेत मिले हैं कि इजरायल उसकी मदद कर सकता है। अजरबैजान और इजरायल के बीच कई तरह के रिश्ते हैं। इजरायल अपने कई खतरनाक हथियार और मिसाइलें अजरबैजान को दे चुका है और ईरान के खिलाफ दोनों देश साझा अविश्वास प्रस्ताव भी पारित कर चुके हैं। कई वर्षों से दोनों देशों का संबंध काफी मजबूत रहा है, और कई विशेषज्ञों का कहना है कि इजरायली हथियारों के डर से ही अभी तक ईरान ने अजरबैजान पर हमला नहीं किया है। ईरान को डर है कि इजरायली हथियार उसका काफी नुकसान कर सकते हैं।

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