7 जिंदा इजरायली बंधकों को हमास ने छोड़ा, उनकी वेलकम किट में क्या-क्या निकला?- Video
इज़रायल में बंधकों की रिहाई से पहले तेल अवीव के उस प्लाजा पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जिसे अब "बंधकों का चौक" (Square of hostages) कहा जाता है। इस मौके पर लोग अपनों की सुरक्षित वापसी की दुआ करते नजर आए। इस बीच, हमास द्वारा गाज़ा में रखे गए सात बंधकों के पहले जत्थे को उत्तरी गाज़ा में अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस को सौंप दिया गया है।
फिलीस्तीनी कैदियों की रिहाई?
यह कदम अमेरिका समर्थित संघर्ष-विराम समझौते में एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। इस समझौते के तहत फ़िलिस्तीनी कैदियों की रिहाई भी तय मानी जा रही है। इसके अलावा, गाज़ा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचने की उम्मीद भी बढ़ गई है, जहां लोग लंबे समय से भुखमरी और बुनियादी जरूरतों की कमी से जूझ रहे हैं।

वेलकम किट में क्या मिला?
हमास की कैद से 737 दिन बाद बंधक रिहा हो रहे हैं। हमास की कैद से लौट रहे बंधकों के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने एक खास मैसेज दिया है।
नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने अपने मैसेज में लिखा है, 'इजरायल के सभी लोगों की ओर से आपका स्वागत है। हम आपका इंतजार कर रहे थे। हम आपका स्वागत करते हैं।- सारा और बेंजामिन नेतन्याहू।'
खत्म होने की तरफ जंग
दो साल से जारी युद्ध अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। पिछले सप्ताह मिस्र में हुई बातचीत में इज़रायल और हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना के पहले चरण पर सहमति जताई थी। इस बातचीत में क़तर और तुर्की जैसे देशों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
ट्रंप की ऐतिहासिक इज़रायल यात्रा
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार सुबह एयर फ़ोर्स वन से इज़रायल पहुंचेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वे बंधकों के परिवारों से मिलेंगे और इज़रायली संसद नेसेट को संबोधित करेंगे। यह दौरा शांति समझौते को आगे बढ़ाने के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है।
मिस्र में होगा 'वैश्विक शांति शिखर सम्मेलन'
इज़रायल यात्रा के बाद राष्ट्रपति ट्रंप मिस्र रवाना होंगे, जहां वे क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नेताओं के साथ एक "वैश्विक शांति शिखर सम्मेलन" की अध्यक्षता करेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य संघर्ष-विराम समझौते पर हस्ताक्षर को औपचारिक रूप देना और मध्य पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
इज़रायली सेना गाज़ा से पीछे हटी
"शांति समझौते" के पहले चरण पर हस्ताक्षर के बाद इज़रायली सेना गाज़ा शहर से एक तय "पीली रेखा" तक पीछे हट गई है। इससे लाखों विस्थापित फ़िलिस्तीनियों को अपने घर लौटने का रास्ता मिल गया है - हालांकि वे अब धूल और मलबे से भरे खंडहरों में लौट रहे हैं।
गाज़ा में पुलिस की तैनाती और राहत कार्य शुरू
गाज़ा शहर और दक्षिणी गाज़ा में सशस्त्र पुलिसकर्मियों को सड़कों पर गश्त करते हुए देखा गया। वे उन क्षेत्रों में सहायता ट्रकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, जहां से इज़रायली सेना पीछे हट चुकी है। इस राहत कार्य से गाज़ा में सामान्य जीवन की बहाली की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications