Indus Water Treaty: भारत ने बंद किया पानी, तो तिलमिलाया पाक, पाकिस्तानी नेताओं का घटियापन उजागर
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को सस्पेंड करके एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस कदम से पाकिस्तान में हलचल पैदा हो गई है, क्योंकि यह संधि पाकिस्तान की खेती और प्यास बझाने के लिए बेहद जरूरी हैं। सिंधु, चिनाब और झेलम नदियां, जो पाकिस्तान की कृषि के लिए महत्वपूर्ण हैं, भारत से निकलती हैं। इस संधि के रुक जाने से पाकिस्तान के जल संसाधनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

सिंधु जल संधि सस्पेंड होने से बिलबिलाया पाकिस्तान
पाकिस्तानी नेताओं ने भारत के इस फ़ैसले पर बौखलाहट जताई है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मंत्री आज़मा बुखारी ने गंभीर परिणामों की चेतावनी दी और भारत पर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ साज़िश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत द्वारा की गई किसी भी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा पूर्व मंत्री चौधरी फ़वाद हुसैन ने अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का रोना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल कानूनों के आधार पर भारत ऐसा नहीं कर सकता। संधि रुकने या टूटने से पंजाब और सिंध के ग़रीब किसानों को नुकसान होगा।
संधि रुकी, तनाव बढ़ा..
संधि के रुक जाने से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान के सुरक्षा विशेषज्ञ बालाकोट जैसी पिछली घटनाओं को याद कर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि भारत की कार्रवाई से तनाव और बढ़ सकता है। पाक के रिटायर्ड ब्रिगेडियर अहमद सईद मिन्हास ने लिखा है कि पाकिस्तान ने अतीत में संयम दिखाया था, लेकिन हो सकता है कि वह फिर ऐसा न करे। इसका मतलब है कि मिन्हास भारत को धमकी दे रहे हैं। वो बात और है कि पाकिस्तान इस हैसियत में नहीं है कि भारत से टक्कर ले सके।
पाक ने किया अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का रोना शुरू
भारत में पाकिस्तान के पूर्व हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने पाकिस्तानियों को आश्वस्त किया कि सिंधु जल संधि को एकतरफा तरीके से सस्पेंड या समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारत द्वारा उठाए जाने वाले किसी भी कदम के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। इसी तरह, पूर्व राजदूत शेरी रहमान ने कहा कि संधियों को एकतरफा तरीके से समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा पाकिस्तान के सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी पहलगाम की घटना को लेकर भारत के आरोपों की वैधता पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ सैयद मुहम्मद अली ने इसे भारत के आंतरिक मुद्दों से ध्यान भटकाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दबाव को कम करने की भारत की साजिश बताया है।
भारत के खिलाफ क्या योजना बना रहा पाक?
भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तानी नेता तमाम उपायों पर विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने स्थिति पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई है। इसके अलावा, पाकिस्तान अपनी रणनीतिक प्रतिक्रिया के तहत मिसाइल का परीक्षण करने की योजना बना रहा है। सिंधु जल संधि के रुक जाने ने इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच अंतरराष्ट्रीय कानूनों और द्विपक्षीय समझौतों को लेकर बहस छेड़ दी है। पूर्व सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने भारत के इस कदम को "ऑटोमेटेड रिस्पॉन्स" बताया और यूनाइटेड नेशन्स के महासचिव को इसके बारे में सूचित करने का सुझाव दिया।
भारत के ऊपर क्या असर पड़ेगा?
मौजूदा स्थिति ने भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। पाक के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भारत के दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए इसे "कच्चा" और "जल्दबाजी" वाला बताया और आरोप लगाया कि भारत ने बिना सबूत दिए घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की कार्रवाई मुद्दों को हल करने की दिशा में नहीं है। हालांकि पाक समय-समय पर मुद्दों को खुद सुलगाता है इसका जिक्र करना पाक भूल गया। फिलहाल मौजूदा तनाव भारत-पाक संबंधों के नाजुक हाल को दिखाते हैं। खासकर जल संसाधनों के मामले में जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन ऐसी स्थिति में भारत का मजबूत और सख्त रहना ही एक बेहतर विकल्प है।
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