World News Hindi: खाना खाकर सो रहे थे बुजुर्ग, तभी काल बनकर आई आग, 16 की दर्दनाक मौत से कांपा पूरा देश
Indonesia nursing home fire: इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप स्थित मनाडो शहर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रविवार रात एक रिटायरमेंट होम (वृद्धाश्रम) में भीषण आग लगने से 16 बुजुर्गों की दर्दनाक मौत हो गई। 'वेरधा दमाई' नामक इस नर्सिंग होम में आग उस वक्त लगी जब ज्यादातर बुजुर्ग खाना खाकर अपने कमरों में आराम कर रहे थे।
आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग ने भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक यह हादसा दर्जनों परिवारों को गहरे जख्म दे चुका था।

आधी रात का तांडव और रेस्क्यू ऑपरेशन
मनाडो के पाल दुआ जिले में स्थित इस वृद्धाश्रम में रविवार रात करीब 8:31 बजे आग लगने की सूचना मिली। जब तक फायरफाइटर्स मौके पर पहुंचे, आग की लपटों ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया था। स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर बुजुर्गों को बाहर निकालने की कोशिश की। कड़ी मेहनत के बाद रात 9:30 बजे तक आग बुझाई जा सकी। पुलिस के अनुसार, 12 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कमरों में ही थम गई कई बुजुर्गों की सांसें
हादसे के समय की स्थिति बेहद खौफनाक थी। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, कई मृतकों के शव उनके कमरों के बिस्तर पर ही पाए गए, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें भागने का समय ही नहीं मिला। मनाडो फायर डिपार्टमेंट के प्रमुख ने बताया कि तीन अन्य बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती पीड़ितों की पहचान करना है, जिसके लिए नॉर्थ सुलावेसी पुलिस की फोरेंसिक टीमें और भायंगकारा अस्पताल के विशेषज्ञ जुटे हुए हैं।
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जांच के घेरे में आग लगने का कारण
भले ही आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इसके पीछे की वजह अब भी रहस्य बनी हुई है। पुलिस अधिकारी अलमसयाह पी हसीबुआन के मुताबिक, फोरेंसिक टीमें क्राइम सीन की बारीकी से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ या फिर किसी लापरवाही के कारण। चश्मदीदों और सर्वाइवर्स से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
शोक में डूबा शहर और प्रशासनिक कार्रवाई
इस भीषण अग्निकांड के बाद पूरे मनाडो शहर में मातम का माहौल है। प्रशासन ने पीड़ितों के परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। बचाए गए बुजुर्गों को मानाडो सिटी रीजनल हॉस्पिटल और परमाता बुंडा हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया है, जहाँ उनका मनोवैज्ञानिक उपचार भी किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर वृद्धाश्रमों और सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Standards) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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