विश्वशक्ति बनने के सफर पर निकला भारत, इंडोनेशिया में सौंपी गई G20 की अध्यक्षता, ऐतिहासिक दिन
बतौर जी20 अध्यक्ष भारत का कार्यकाल एक दिसंबर से शुरू हो जाएगा और अगले साल कश्मीर में जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन करवाया जाएगा।
India becomes G20 President: इंडोनेशिया में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन भारत को नया अध्यक्ष बनाने के साथ ही खत्म हो गया है। कार्यक्रम के समापन समारोह में भारत को जी20 ग्रुप का नया अध्यक्ष बनाया गया है और भारत के कार्यकाल की शुरूआत एक दिसंबर से शुरू होगी। यानि, अब अगले एक साल तक भारत विश्व की अर्थव्यवस्था की 80 प्रतिशति हिस्सेदारी रखने वाले देशों के संगठन का प्रतिनिधित्व करेगा और भारत के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक दिन है।

भारत बना जी20 का अध्यक्ष
भारत को जी20 का अध्यक्ष बनाने के साथ ही साथ जी-20 देशों की तरफ से आज एक साझा बयान भी जारी किया गया है और पीएम मोदी के यूक्रेन युद्ध पर दिए गये चर्चित बयान को भी शामिल किया गया है, जिसमें पीएम मोदी ने कहा था, कि 'आज का युग युद्ध का युग नहीं है।' इसके साथ ही जी20 के संयुक्त भाषण में परमाणु बम के इस्तेमाल पर पीएम मोदी की सख्त चेतावनी को भी शामिल किया है और भारत की डिप्लोमेसी की नीति का समर्थन करते हुए कूटनीति और संवाद पर जोर देने की बात कही गई है, जिसका जिक्र भारत ने यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से बार बार किया है और जी20 देशों को संबोधित करते हुए भी पीएम मोदी ने डिप्लोमेसी की आवश्यकता पर जोर दिया था। इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और हेल्थ पर आयोजित सत्रों में भाग लिया। वहीं, प्रधानमंत्री ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति, ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन से संबंधित अलग अलग कार्यक्रमों में दुनियाभर के अन्य नेताओं के साथ शिरकत की।

अगले साल भारत में सम्मेलन
बतौर जी20 अध्यक्ष भारत का कार्यकाल एक दिसंबर से शुरू हो जाएगा और अगले साल कश्मीर में जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन करवाया जाएगा। इसका मतलब ये हुआ, कि जी20 के सदस्य देश, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, जापान, कोरिया गणराज्य, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं, उनके राष्ट्राध्यक्ष अगले साल भारत का दौरा करेंगे। यानि, मोदी सरकार एक तीर से दो निशाना साधना चाहती है। एक तरफ वो जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की ताकत का प्रदर्शन करना चाहेगी, तो दूसरी तरफ कश्मीर को लेकर भारत सरकार पर जो भी आरोप लगते रहें हैं, उसे एक ही झटके में हमेशा के लिए खत्म करना चाहती है। लिहाजा, पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और पाकिस्तान के दोस्त चीन को भी मिर्ची लगी हुई है।
जी20 का एजेंडा तैयार करेगा भारत
वहीं, अब भारत जी20 का एजेंडा तय करेगा। नियमों के मुताबिक, अध्यक्ष भारत बनने वाला देश, पुराने अध्यक्ष और अगले अध्यक्ष के साथ मिलकर जी20 का एजेंडा तय तय करता है, ताकि उसकी निरंतरता बनी रहे, जिसे 'ट्रोइका' कहा जाता है और इस वक्त इटली, इंडोनेशिया और भारत ट्रोइका देश हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब भारत जी20 देशों की अध्यक्षता करेगा, लिहाजा भारत के लिए इस बार का जी20 शिखर सम्मेलन काफी ज्यादा अहम था और विश्व की टॉप-5 अर्थव्यवस्था में शामिल हो चुके भारत का कद अब अंतराष्ट्रीय राजनीति में और भी ज्यादा हो चुका है। भारत को जी20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता मिली है, जो इस बात को साफ तौर पर जाहिर करता है, कि अब भारत वैश्विक शक्तियों की लिस्ट में शामिल हो चुका है।

पीएम मोदी ने लॉन्च किया था थीम
इससे पहले 8 नवंबर को ही पीएम मोदी ने भारत में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के लिए थीम और लोगो लॉन्च कर दिया था। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि, "मैं भारत की जी20 अध्यक्षता के ऐतिहासिक अवसर पर देशवासियों को बधाई देता हूं। 'वसुधैव कुटुम्बकम' विश्व के प्रति भारत की करुणा का प्रतीक है। कमल दुनिया को एक साथ लाने में भारत की सांस्कृतिक विरासत और विश्वास को चित्रित करता है"। पीएम मोदी ने आगे कहा था कि, "G20 लोगो में कमल का प्रतीक आशा का प्रतिनिधित्व करता है। भारत ने अक्षय ऊर्जा के संरक्षण में वन सन, वन वर्ल्ड और वन ग्रिड जैसी पहल के साथ दुनिया का नेतृत्व किया है। G20 में एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य का हमारा मंत्र वैश्विक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा"। हालांकि, भारत के लिए 2023 जी-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करना चुनौती भरा होगा, क्योंकि अगले साल पूरी दुनिया के आर्थिक संकट में फंसे रहने की आशंका जताई गई है।












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