Indian Students Abroad 2025: 18.8 लाख भारतीय स्टूडेंट्स गए विदेश, सबसे ज़्यादा किस देश में पढ़ने पहुंचे
Top Countries for Indian Students: भारत से विदेशों में जाकर पढ़ाई करने का रुझान तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अब न केवल यूनिवर्सिटी, बल्कि स्कूल स्तर के छात्र भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में जारी किए गए नए आंकड़ों से यह पता चलता है कि 2025 तक दुनिया के 153 देशों में भारतीय छात्रों की कुल संख्या 18.8 लाख को पार कर जाएगी।
यह पहली बार है जब स्कूल स्तर के छात्रों (6.28 लाख) को भी शामिल किया गया है, जिससे छात्र की वास्तविक और पूरी तस्वीर सामने आई है। हालांकि, यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षा के छात्रों की संख्या में पिछले साल की तुलना में गिरावट (12.54 लाख) दर्ज की गई है, जिसके पीछे प्रमुख मेजबान देशों की सख्त नीतियां और कूटनीतिक तनाव मुख्य कारण हैं।

Indian Students Abroad 2025: उच्च शिक्षा के लिए इन देशों में सबसे ज्यादा बच्चे
- कनाडा: 4,27,085 छात्र
- अमेरिका (USA): 2,55,247 छात्र
- यूनाइटेड किंगडम (UK): 1,73,190 छात्र
- ऑस्ट्रेलिया: 1,38,579 छात्र
- जर्मनी: 49,483 छात्र
- रूस: 27,000 छात्र
- किर्गिस्तान: 16,500 छात्र
- जॉर्जिया: 16,000 छात्र
ये भी पढ़ें: G20 से 'यह' ताकतवर देश बाहर, ट्रंप का दुनिया को चौंकाने वाला ऐलान, मची खलबली
खाड़ी देशों में भारतीय स्कूली छात्रों की संख्या ज्यादा
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): 2,47,325 छात्र
- सऊदी अरब: 75,000 छात्र
- कुवैत: 50,000 छात्र
- कतर: 47,846 छात्र
- ओमान: 44,547 छात्र
ये भी पढे़ं: Indian Rupee Hits Record Low: डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तरों पर लुढ़का रुपया, कितना पड़ेगा पॉकेट पर असर?
छात्रों के लिए ये तीन देश पसंदीदा
स्कूल और कॉलेज दोनों स्तरों पर भारतीय छात्रों के आकर्षण का केंद्र बने शीर्ष तीन देश हैं: कनाडा, जहाँ 4,27,085 छात्र पढ़ रहे हैं, यह उच्च शिक्षा का सबसे बड़ा गंतव्य है; अमेरिका, जहां 2,55,447 भारतीय छात्र मौजूद हैं, जो उच्च शिक्षा के लिए दूसरा प्रमुख केंद्र है; और संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जहां कुल 2,53,832 छात्र हैं, जिनमें स्कूली छात्रों की संख्या बहुत अधिक है। इन देशों में भारतीय छात्रों की संख्या लगातार सर्वाधिक बनी हुई है।
यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट
जहां कुल छात्रों की संख्या बढ़ी है, वहीं कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर पढ़ने वाले छात्रों की संख्या (2025 में 12.54 लाख) में 2024 की तुलना में (13.3 लाख) गिरावट आई है। इस गिरावट के मुख्य कारण हैं: भारत-कनाडा कूटनीतिक तनाव जिसने वीज़ा प्रक्रिया को धीमा किया; अमेरिका की नई सख्ती और आव्रजन नियमों में अतिरिक्त जांच; ब्रिटेन के कड़े स्टूडेंट वीज़ा और डिपेंडेंट नियम; और ऑस्ट्रेलिया में बढ़ी हुई वित्तीय ज़रूरतें। इन नीतिगत बदलावों ने मास्टर कोर्स और अन्य उच्च शिक्षा में जाने वाले छात्रों के प्लान को प्रभावित किया है।
ये भी पढे़ं: Indian Rupee vs Dollar: दुनिया की वो 5 करेंसी जहां पैसा कूड़े के भाव, जानें भारत का रुपया किस नंबर पर?












Click it and Unblock the Notifications