Indian Rupee vs Dollar: दुनिया की वो 5 करेंसी जहां पैसा कूड़े के भाव, जानें भारत का रुपया किस नंबर पर?
Weakest currency in the World: साल 2025 में भारतीय करेंसी रुपया पहली बार ₹90 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया है, जिसने देश में आर्थिक चर्चा को गरमा दिया है। हालाँकि, यह गिरावट सिर्फ घरेलू नहीं, बल्कि वैश्विक दबाव को भी दर्शाती है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि कई देशों की मुद्राएं भारत के रुपये से कहीं अधिक बदतर स्थिति में हैं, जहां 1 अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए लाखों यूनिट स्थानीय करेंसी खर्च करनी पड़ती है।
इस विश्लेषण में, हम जानेंगे कि लेबनानी पाउंड और ईरानी रियाल जैसी मुद्राएं क्यों दुनिया में सबसे कमजोर हैं, और इस भयावह सूची में भारत का रुपया शीर्ष 25 कमजोर मुद्राओं से बाहर होकर कहाँ अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए हुए है।

लेबनान का पाउंड (Lebanese Pound - LBP)
लेबनान का पाउंड दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी है। देश के गंभीर आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और विदेशी मुद्रा भंडार के खत्म होने के कारण इसकी दर 1 USD = 89,819 LBP तक पहुँच गई है। यह दर लेबनान की चरमराती बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था का सीधा परिणाम है।
ईरान का रियाल (Iranian Rial - IRR)
ईरान की करेंसी रियाल दुनिया की दूसरी सबसे कमजोर मुद्रा है। अमेरिका और अन्य देशों के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था अलग-थलग पड़ गई है। तेल पर अत्यधिक निर्भरता और उच्च मुद्रास्फीति के कारण, 1 USD = 42,112 IRR है।
वियतनाम का डोंग (Vietnamese Dong - VND)
वियतनाम का डोंग एशियाई मुद्राओं में सबसे कमजोर में से एक है, जहां 1 USD = 26,370 VND है। वियतनाम जानबूझकर अपनी मुद्रा को सस्ता रखता है ताकि उनके निर्यात (Exports) को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सके। यह रणनीति उनकी बढ़ती अर्थव्यवस्था को समर्थन देती है।
ये भी पढ़ें: Putin India visit: भारत आने से पहले पुतिन ने बताया पीएम मोदी से किस एजेंडे पर होगी बात
सिएरा लियोन का लियोन (Sierra Leonean Leone - SLL)
पश्चिमी अफ्रीकी देश सिएरा लियोन की करेंसी लियोन भी अत्यधिक कमजोर है (1 USD ≈ 22,000 SLL)। राजनीतिक अस्थिरता, कमजोर बुनियादी ढांचे और लगातार भारी महंगाई के कारण यह खनिज-समृद्ध देश जूझ रहा है, जिससे इसकी मुद्रा अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन में दम नहीं रखती।
लाओस का किप (Laotian Kip - LAK)
लाओस की मुद्रा किप एशिया की कमजोर मुद्राओं में शामिल है, जहाँ 1 USD ≈ 21,000 LAK है। लाओस की अर्थव्यवस्था प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है, लेकिन भारी विदेशी कर्ज और सीमित औद्योगिक विकास इसकी आर्थिक क्षमता को कमजोर बनाए हुए है, जिससे किप लगातार नीचे जा रहा है।
ये भी पढ़ें: Putin India Visits: कितनी बार भारत आ चुके हैं पुतिन? दिसंबर से है गहरा नाता, छठी बार इसी महीने में आ रहे हैं
Indian Rupee vs Dollar: रुपए शीर्ष 25 की सूची से बाहर क्यों?
साल 2025 में भारतीय रुपया भले ही ₹90 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया हो, लेकिन यह दुनिया की शीर्ष 25 सबसे कमजोर मुद्राओं की सूची में शामिल नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसकी स्थिति विदेशी कर्ज, महंगाई नियंत्रण और राजनीतिक स्थिरता के मामले में कई देशों से बेहतर है। इसलिए, रुपया दबाव में होता है, पर यह सबसे कमजोर करेंसी की श्रेणी से काफी दूर है।
करेंसी क्यों होती है कमजोर?
किसी भी देश की करेंसी के कमजोर होने के पीछे कई जटिल कारण होते हैं। लेबनान और ईरान के मामले में, राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार, उच्च मुद्रास्फीति (Inflation) और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध मुख्य वजहें हैं। इसके अलावा, देश का विदेशी कर्ज और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी भी मुद्रा के मूल्य को नीचे खींचती है। वियतनाम जैसे देश अपनी निर्यात अर्थव्यवस्था को लाभ देने के लिए जानबूझकर मुद्रा को नियंत्रण में रखते हैं।
ये भी पढे़ं: Putin India Visit: पुतिन के भारत दौरे का हर मिनट तय, PM मोदी से मुलाकात, S-400 डील और भोज, जानें पूरा शेड्यूल












Click it and Unblock the Notifications