Ukraine Crisis: युद्ध में लगी थी 3 गोलियां, यूक्रेन से बाहर निकाले गये जख्मी हरजोत सिंह, आज वतन वापसी
दिल्ली के छतरपुर इलाके के रहने वाले हरजोत को यूक्रेन के लवीव क्षेत्र में पहुंचने की कोशिश के दौरान एक के बाद एक तीन गोलियां लग गईं थीं।
कीव/नई दिल्ली, मार्च 07: यूक्रेन में चल रही जंग के बीच वहां फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन की ये प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और यूक्रेन से उस भारतीय छात्र हरजोत सिंह को भी लाया जा रहा है, जो यूक्रेन में चल रही गोलीबारी के बीच गंभीर घायल हो गये थे। हरजोत सिंह को तीन गोलियां लगी थीं, लेकिन उन्हें यूक्रेन से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस फ्लाइट से केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह भी वापस लौट रहे हैं।

दिल्ली के रहने वाले हैं हरजोत सिंह
दिल्ली के छतरपुर इलाके के रहने वाले हरजोत को यूक्रेन के लवीव क्षेत्र में पहुंचने की कोशिश के दौरान एक के बाद एक तीन गोलियां लग गईं थीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। लेकिन, अब वो ठीक रहे हैं और उनकी वतन वापसी हो रही है। केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह ने रविवार को ट्वीट कर हरजोत सिंह को वापस भारत लाने की पुष्टि करते हुए एक ट्वीट की थी और लिखा था, "कीव से भागने के दौरान गोली लगने से घायल हुए भारतीय नागरिक हरजोत सिंह कल हमारे साथ भारत लौट आएंगे।" 31 साल के हरजोत सिंह यूक्रेन युद्ध में दोनों सेनाओं के बीच फंस गये थे और रूसी हमले के तीसरे दिन वो सुरक्षित निकलने के दौरान गोलीबारी के बीच फंस गये थे। हरजोत सिंह अपने दो दोस्तों के साथ कीव से भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस दौरान उन्हें तीन गोलियां लग गईं।

पढ़ाई के लिए गये थे यूक्रेन
हरजोत सिंह, हायर स्टडी के लिए यूक्रेम गये थे, जहां वो आईटी क्षेत्र में विशेष योग्यता हासिल कर रहे थे। लेकिन, यूक्रेन युद्ध ने उन्हें करीब करीब मौत के मुहाने पर पहुंचा दिया था। होश आने के बाद हरजोत सिंह ने कहा कि, वो अपनी नई जिंदगी की शुरूआत नये सिरे से करना चाहते हैं। वहीं, केन्द्र सरकार ने कहा है कि, हरजोत सिंह की इलाज का खर्च वो उठाएगी। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि, "हम हरजोत सिंह की सही चिकित्सा स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें चलने में सक्षम होने की उनकी तैयारी भी शामिल है।"
कैसे लगी थी हरजोत को गोलियां?
हरजोत सिंह ने मीडिया को बताया कि, 27 फरवरी को लवीव जाने के दौरान वॉकजाना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने गये थे, लेकिन वहां इतनी भीड़ थी, कि वो ट्रेन नहीं पकड़ पाए। फिर उन्होंने कैब के जरिए वहां से बाहर निकलने की सोची और करीब एक हजार डॉलर में अपने दोस्तों के साथ कैब के जरिए बाहर निकलने का प्लान बनाया। दो क्रॉसिंग प्वाइंट तो उन्होंने पार कर ली, लेकिन तीसरे क्रॉसिंग प्वाइंट पर उन्हें रोक दिया गया और वापस कीव की तरफ जाने के लिए बोला गया। इस दौरान हरजोत कैब की पिछली सीट पर बैठे हुए थे।
एक के बाद एक, लगी तीन गोलियां
हरजोत ने कहा कि, कीव लौटने के दौरान शहर के अंदर पहुंचते ही भारी गोलीबारी शुरू हो गई और वो कैब से उतरकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान एक गोली उनके घुटने में, एक गोली पैर में और एक गोली उनके सीने में लगी, जिसके बाद वो बेहोश हो गये और फिर 2 मार्च की रात करीब 2 बजे उन्हें होश आया और पता चला कि, कि वो अस्पताल में भर्ती हैं और वो किसी भी हाल में भारत वापस लौटना चाह रहे थे और अब हरजोत सिंह भारत लौट रहे हैं।












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