अमेरिका की संसद को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, स्पीकर केविन मैक्कार्थी ने भेजा आमंत्रण
सात साल पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया था। वहीं, पीएम बनने के बाद पीएम मोदी की अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा हो रही है।

Narendra Modi US Congress: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में वाशिंगटन डीसी की अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी कांग्रेस की एक संयुक्त बैठक को संबोधित करने वाले हैं।
अमेरिकी संसद कांग्रेस के स्पीकर केविन मैक्कार्थी ने 22 जून को प्रतिनिधि सभा और सीनेट की एक संयुक्त बैठक को संबोधित करने के लिए भारतीय पीएम को निमंत्रण दिया, जिसे वाशिंगटन द्वारा विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक माना जाता है।
पीएम मोदी के संबोधन का विषय भारत के भविष्य और दोनों देशों के सामने आने वाली वैश्विक चुनौतियों के दृष्टिकोण के इर्द-गिर्द ही रहेगा।
अमेरिकी कांग्रेस के स्पीकर केविन मैक्कार्थी के निमंत्रण में अमेरिकी कांग्रेस में प्रधानमंत्री के 7 साल पहले के किए संबोधन का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है, कि पीएम मोदी ने जो सात साल पहले भाषण दिया था, उसने "एक स्थायी प्रभाव छोड़ा" और भारत और अमेरिका के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बहुत मजबूत किया है।
अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
आपको बता दें, कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन 21 से 24 जून के बीच अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा के लिए व्हाइट हाउस में पीएम मोदी की मेजबानी करने वाले हैं। हालांकि पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल में पहले भी कई बार अमेरिका का दौरा किया है, लेकिन 2014 में पद संभालने के बाद से अमेरिका की ये उनकी पहली 'राजकीय यात्रा' होगी।
वहीं, पिछले एक महीने में बाइडेन और पीएम मोदी के बीच यह चौथी मुलाकात होगी।
पीएम मोदी की अमेरिका की ये यात्रा भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते संबंध को दर्शाता है और इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम घोषणाएं की जाएंगी। जिसमें जेट इंजन के भारत में निर्माण को लेकर भी घोषणा होगी।
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन खुद कह चुके हैं, कि वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ संबंधों को गहरा करने के लिए काफी उत्सुक हैं और उनका मानना है, कि दुनिया की निरंकुश सत्तावादी ताकतें, खासकर चीन के खिलाफ और निरंकुश समाजों के खिलाफ चल रहे प्रतियोगिता को जीतने के लिए अमेरिका को निश्चित तौर पर भारत का साथ चाहिए।
भारत अब दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है और इसी साल दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरण, सेमिकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर संबंधों को गहरा करने के लिए साझेदारी की शुरूआत की गई है।
वहीं, भारत इस साल जी20 शिखर सम्मेलन की भी मेजबानी कर रहा है, लिहाजा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन इस साल सितंबर मबीने में नई दिल्ली की यात्रा करने वाले हैं। वहीं, इस दौरान भारत में क्वाड देशों की बैठक भी होगी, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे।
इसी साल जनवरी में अमेरिका के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा था, कि "राष्ट्रपति बाइडेन का मानना है, कि दुनिया की दो प्रमुख ज्ञान अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी काफी आवश्यक है।

भारत-अमेरिका बनाम चीन
भारत फिलहाल विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन कुछ सालों में ही ये तीसरे नंबर पर आ जाएगा, ये बात सब जानते हैं। लिहाजा, अमेरिका और भारत की साझेदारी कई मायनों में अहम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल जापान की राजधानी टोक्यो में अमेरिका-भारत संबंध को विश्वास की साझेदारी और अच्छी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक ताकत के रूप में वर्णित किया था। वहीं, अमेरिकी अधिकारी ने कहा, कि "अमेरिका वास्तव में मानता है, कि वैश्विक शक्ति के रूप में भारत के उदय का समर्थन करना हमारे रणनीतिक हित में है।
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अमेरिकी अधिकारी ने कहा, कि हम इसे क्वाड और जी-20 में भारत की अध्यक्षता दोनों में इसे देखते हैं। यह इस सुसंगत यूएस-इंडो पैसिफिक रणनीति की एक बड़ी दृष्टि का वर्णन करता है, जिसके लिए आवश्यक है कि अमेरिका और भारत दोनों एक साथ आएं और ऐसा करने के लिए लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करें।
आपको बता दें, कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले साल दिसंबर में अपने पहले राजकीय रात्रिभोज के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रॉन की मेजबानी की थी, वहीं अप्रैल महीने में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति राजकीय अतिथि बनकर अमेरिका गये थे और अब पीएम मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा होने वाली है।












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