Singapore: कौन हैं भारतीय मूल के थर्मन षणमुगरत्नम? लड़ने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव
सिंगापुर में जल्द ही एक भारतीय मूल का व्यक्ति सबसे बड़े ओहदे पर पहुंच सकता है। भारतीय मूल के वरिष्ठ मंत्री थर्मन षनमुगरत्नम ने राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
थर्मन षनमुगरत्न ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए सभी आधिकारिक और राजनीतिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय मूल के 66 वर्षीय थर्मन सामाजिक नीतियों के समन्वय मंत्री के रूप में कार्यरत थे।

थर्मन ने शुक्रवार को पीपुल्स एक्शन पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया है। दो दशकों तक संसद का हिस्सा रहने वाले थर्मन ने राष्ट्रपति पद के अपनी दावेदारी सौंप दी है। संसद में उनकी आखिरी बैठक गुरुवार को थी।
स्ट्रेट्स टाइम्स में गुरुवार को सदन की नेता इंद्राणी राजा ने कहा कि वे सभी थर्मन को याद करेंगी। इंद्राणी राजा ने कहा कि संसद में उनकी प्रभावशाली उपस्थिति और ओजस्वी भाषण की कमी हम महसूस करेंगे।
इंदाणी ने आगे कहा, "थर्मन बहुत जटिल आर्थिक सिद्धांतों को सरल तरीके से समझा देते थे। हमें उनकी बुद्धिमता और और वाकपटुता की कमी भी खलेगी। मुझे लगता है कि सबसे बढ़कर, हमें एक दोस्त और एक साथी संसद सदस्य के रूप में उनकी कमी महसूस होगी।''
थर्मन ने अपनी राजनीति 2001 में संसद सदस्य के रूप में शुरू की थी। वे जुरोंग ग्रुप रिप्रेजेंटेशन कॉन्स्टिट्यूएंसी से सांसद चुने गए थे। वे उप-प्रधानमंत्री पद के साथ-साथ शिक्षा और वित्त सहित कई कई कैबिनेट पद संभाल चुके थे।
इसके अलावा थर्मन सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। इसके अलावा थर्मन ने सॉवरेन वेल्थ फंड जीआईसी के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने इसकी निवेश रणनीति समिति की अध्यक्षता की और आर्थिक विकास बोर्ड के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार परिषद के अध्यक्ष रहे।
सिंगापुर में हर छह साल पर राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होता है। इस साल 13 दिसंबर को वर्तमान राष्ट्रपति हलीमा याकूब का कार्यकाल खत्म हो रहा है। 68 वर्षीय राष्ट्रपति हलीमा देश की आठवीं राष्ट्रपति और पहली महिला राष्ट्रपति हैं।
13 दिसंबर से पहले राष्ट्रपति पद का चुनाव होना है। सिंगापुर में 2011 के बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव होगा। राष्ट्रपति हलीमा याकूब ने 29 मई को घोषणा की थी कि वह एक बार फिर से इस पद के लिए खड़ी नहीं होंगी। इससे पहले 2017 में राष्ट्रपति चुनाव हुआ था लेकिन वह एक आरक्षित चुनाव था।
इस चुनाव में सिर्फ मलय मूल के व्यक्ति को चुनाव लड़ने की अनुमति थी। ऐसे में हलीमा याकूब को तब राष्ट्रपति नामित किया गया था क्योंकि कोई अन्य उम्मीदवार नहीं थे। आपको बता दें कि सिंगापुर में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के लिए कड़े नियम और शर्तें लागू हैं।
राष्ट्रपति चुनाव समिति (पीईसी) को भी संतुष्ट होना चाहिए कि व्यक्ति के पास राष्ट्रपति पद के कार्यों और कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने का अनुभव और क्षमता है।
-
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
Bengaluru Metro Pink Line: मेट्रो पिंक लाइन का शुरू हो रहा ट्रायल, जानें रूट और कब यात्री कर सकेंगे सवारी? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications