भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक मुसलमान होने के शक पर हिरासत में

अमेरिका में जन्‍में भारतीय मूल के नासा वैज्ञानिक सिद्द बिक्‍कान्‍नावार चिली से लौटते ही लिए गए हिरासत में। कस्‍टम और बॉर्डर पेट्रोल ने फोन को अनलॉक करने का दबाव डाला।

वॉशिंगटन। अमेरिका में जन्‍में भारतीय मूल के नासा वैज्ञानिक को अमेरिकी कस्‍टम्‍स एंड बॉर्डर पेट्रोल (सीबीपी) ने उस समय हिरासत में ले लिया जब वह चिली से लौट रहे थे। इस वैज्ञानिक पर उनका फोन भी अनलॉक करने का दबाव डाला गया। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने होमलैंड सिक्‍योरिटी को आदेश दिए हैं कि बा‍हर से आने वाले हर व्‍यक्ति की कड़ी जांच की जाए।

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सरनेम की वजह से शक

होमलैंड सिक्‍योरिटी विदेशी मूल के अमेरिकी नागरिकों की कड़ी जांच कर रही है। वैज्ञानिक सिद्द बिक्‍कान्‍नावार नासा की जेट प्रोपल्‍सन लैब (जेपीएल) में काम करते हैं। ट्रंप के ट्रैवेल बैन से जुड़े एग्जिक्‍यूटिव ऑर्डर को साइन करने के चार दिन बाद सिद्द बाद ह्यूस्‍टन लौटे और उन्‍हें इमीग्रेशन ऑफिशियल्‍स ने उन्‍हें हिरासत में ले लिया था। एजेंट्स ने उनका फोन भी ले लिया था और उनसे पिन की मांग की। उन्‍होंने इसके लिए कोई भी वजह नहीं बताई लेकिन फोन नासा की ओर से दिया गया था और इसमें कई संवदेनशील जानकारियां थीं, सिद्द ने फोन देने से इंकार कर दिया। उन्‍हें तब तक हिरासत में रखा गया जब तक कि उन्‍होंने जानकारी नहीं दे दी। सिद्द का त्‍वचा का रंग गोरा है और उनके भूरे बालों को देखकर कोई भी यह नहीं कह सकता है कि वह विदेश हैं। उनके नाम का आखिरी शब्‍द देखकर उन्‍हें मुसलमान गया जबकि उनका आखिरी नाम नॉर्थ कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ जिले से जुड़ा है। इसके अलावा वह सीबीपी की ग्‍लोबल एंट्री में भी शामिल हैं। सीबीपी की ग्‍लोबल एंट्री उन व्‍यक्तियों को मिलती है जिनकी पृष्‍ठभूमि से लेकर कई अहम बातों की जांच पहले ही हो चुकी होती है। सिद्द अपने व्‍यक्तिगत कार्य से चिली गए थे।

फेसबुक अकाउंट निष्क्रिय

सिद्द ने अपनी फेसबुक पोस्‍ट में लिखा, 'मैं यह बात साफ कर देना चाहता हूं कि मैं अमेरिका में जन्‍मा और एक नासा इंजीनियर हूं और वैध अमेरिकी पासपोर्ट पर सफर कर रहा था।' उन्‍होंने इस बात की जानकारी भी अपनी फेसबुक पोस्‍ट पर दी है कि उनके दोनो फोन ले लिए गए और पिन हासिल किया गया। जब तक डाटा कॉपी नहीं कर लिया गया तब तक उन्‍हें फोन वापस नहीं मिला और उन्‍हें दूसरे सो रहे बंदियों के साथ रखा गया। फिलहाल सिद्द अपने घर वापस लौट आए हैं लेकिन उन्‍होंने अपा फेसबुक पेज निष्क्रिय कर दिया है। उनको इस बात का शक है कि उनका फेसबुक अकाउंट पर भी नजर रखी जा रही थी।

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