भारतीय मूल के महमूद जमाल नियुक्त हुए कनाडा के सुप्रीम कोर्ट में जज
टोरंटो, जून 18: प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय मूल के न्यायमूर्ति महमूद जमाल को कनाडा के सर्वोच्च न्यायालय के लिए नामित किया है, जो देश के सर्वोच्च न्यायालय में नामित होने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति बन गए हैं। कनाडा ऐसा देश है जहां हर चार में से करीब एक शख्स अल्पसंख्यक है। महमूद जमाल साल 2019 से ओंटारियो कोर्ट में अपील जज की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे पहले वह कनाडा के शीर्ष लॉ स्कूल में पढ़ाने का काम कर चुके हैं।

न्यायमूर्ति जमाल सेवानिवृत्त हो रही न्यायाधीश रोसाली सिल्बरमैन एबेला की जगह लेंगे, जो शीर्ष न्यायालय की प्रथम यहूदी एवं प्रथम शरणार्थी न्यायाधीश थीं। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि, कनाडा के उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति महमूद जमाल को नामित किये जाने की घोषणा करते हुए मुझे खुशी महसूस हो रही है। अपने असाधारण कानूनी और अकादमिक अनुभव के कारण वह देश के शीर्ष न्यायालय के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे।
हालांकि महमूद जमाल को अभी भी हाउस ऑफ कामंस की ओर से जस्टिस कमेंटी की 'मंजूरी' की जरूरत है, लेकिन इस मंजूरी को महज एक औपचारिकता भर है। प्रधान मंत्री कार्यालय ने कहा कि न्यायमूर्ति जमाल 2019 में ओंटारियो के अपीलीय न्यायालय में उनकी नियुक्ति से पहले नि: शुल्क काम करने के लिए गहरी प्रतिबद्धता के साथ एक वादी के रूप में एक विशिष्ट कैरियर था। महमूद जमाल का जन्म एक भारतीय परिवार में केन्या के नैरोबी में हुआ था। वह ब्रिटेन में पले बढ़े और साल 1981 में कनाडा पहुंचे थे।
अच्छी अंग्रेजी और फ्रेंच बोलने वाले जस्टिस जमाल दीवानी, संवैधानिक, आपराधिक और नियामक मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 35 अपीलों में पेश हुए हैं। जस्टिस जमाल की शादी गोलेटा से हुई है जो ईरान में 1979 की क्रांति के बाद अपने बहाई धर्म के उत्पीड़न से बचने के लिए किशोरी शरणार्थी के रूप में कनाडा भाग गई थी। सउन्होंने शादी के बाद बहाई धर्म में धर्मांतरण किया।












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