हिंदुओं के स्वास्तिक के खिलाफ ट्रूडो की साजिश का भारी विरोध, कनाडाई सांसद ने प्रधानमंत्री को समझाया अंतर
कनाडा की लिबरल पार्टी के राजनेता और भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने स्वस्तिक विवाद पर बयान दिया है। चंद्र आर्य ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और विपक्ष के नेता पियरे पोइलिवरे से कहा कि हिंदू 'स्वस्तिक' प्रतीक का उपयोग करते समय प्रतिबंधित महसूस करते हैं क्योंकि इसे गलती से नाजी हेकेनक्रेज़ के रूप में समझ लिया जाता है।
आर्य, जो कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स में नेपियन निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने पिछले साल के अपने संदेश को दोहराते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने हेकेनक्रूज़ और स्वस्तिक की तुलना करने पर कनाडा में रहने वाले हिंदुओं के सामने आने वाले मुद्दों पर प्रकाश डाला।

आर्य ने हाउस ऑफ कॉमन्स के कनाडाई स्पीकर ग्रेग फर्गस को संबोधित करते हुए अपने पोस्ट में कहा, "चंद्र आय ने कहा कि कृपया नाजी घृणा के प्रीतक को स्वस्तिक कहना बंद कर देना चाहिए। वे सभी नफरत के नाजी प्रतीक हेकेनक्रूज़ या हुक्ड क्रॉस पर प्रतिबंध का समर्थन करते हैं। लेकिन इसे स्वस्तिक कहना हम हिंदू-कनाडाई लोगों को हमारे दैनिक जीवन में हमारे पवित्र प्रतीक स्वस्तिक का उपयोग करने के हमारे धार्मिक अधिकार और स्वतंत्रता से वंचित करना है।"
आर्य ने कहा, "मैं इस सदन के सदस्यों और सभी कनाडाई लोगों से हिंदू धार्मिक पवित्र प्रतीक स्वस्तिक और नाजी प्रतीक के बीच अंतर करने का आह्वान करता हूं। नफरत को जर्मन में हेकेनक्रूज़ या अंग्रेजी में हुक्ड क्रॉस कहा जाता है।''
पिछले साल आर्य की याचिका का उत्तरी अमेरिका में हिंदू समूहों ने स्वागत किया था। इस याचिका में कहा गया था कि स्वस्तिक शुभ शुरुआत और सौभाग्य का प्रतीक है, उसे गलती से हेकेनक्रूज़ समझ लिया गया है और इससे हिंदू धर्म और उसके विश्वासियों के बारे में गलत धारणाएं पैदा हुई हैं।
आपको बता दें कि कनाडा में पीएम ट्रूडो द्वारा स्वस्तिक पर प्रतिबंध लगाने वाले ट्वीट को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। रविवार को पीएम ट्रूडो ने एक्स पर पोस्ट लिखकर कनाडा की राजधानी में आयोजित फिलिस्तीन समर्थक रैली में पार्लियामेंट हिल पर स्वस्तिक चिह्न दिखाने पर आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि वे नफरत भरे प्रतीक को संसद में दिखाने की इजाजत नहीं दे सकते हैं।












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