Strait of Hormuz Crisis: भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद नौसेना ने संभाला मोर्चा, जारी की नई एडवाइजरी
Strait of Hormuz Crisis: होर्मुज स्ट्रेट में हाल ही में दो भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी के बाद भारतीय नौसेना पूरी तरह अलर्ट पर है। समुद्री मार्ग में बढ़ते तनाव को देखते हुए नौसेना ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। विशेष रूप से लारक द्वीप के पास ईरानी गतिविधियों को देखते हुए भारतीय व्यापारिक जहाजों के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई है।
नौसेना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा पूरी कर सकें और किसी भी अप्रिय घटना से बच सकें।

नौसेना की नई एडवाइजरी
भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों को विशेष निर्देश दिए हैं। अब जहाजों को लारक द्वीप से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और केवल नौसेना के संकेतों का पालन करने को कहा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर, जलडमरूमध्य पार करने के लिए इंतजार कर रहे जहाजों की कड़ाई से निगरानी की जा रही है। अब तक 11 जहाज सफलतापूर्वक इस रास्ते को पार कर चुके हैं। नौसेना का कंट्रोल रूम हर जहाज के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
ये भी पढे़ं: Iran Vs America War: भारतीय जहाजों पर हुए हमले के सवाल पर भड़के ट्रंप, महिला पत्रकार को निकाला बाहर
देश गरिमा जहाज की स्थिति
'देश गरिमा' वह आखिरी भारतीय टैंकर है जिसने 18 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया था। वर्तमान में यह जहाज अरब सागर में है, जहां भारतीय नौसेना के युद्धपोत इसे सुरक्षा कवच प्रदान कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यह जहाज 22 अप्रैल तक मुंबई बंदरगाह पर पहुंच जाएगा। जिस दिन देश गरिमा ने रास्ता पार किया, उसी दिन 'जग अर्नव' और 'सनमार हेराल्ड' नामक जहाजों पर फायरिंग हुई थी, जिसके बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।
लारक द्वीप का सामरिक महत्व
लारक द्वीप ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ उनका बड़ा तेल इंफ्रास्ट्रक्चर और रडार सिस्टम मौजूद है। यह द्वीप होर्मुज के सबसे संकरे हिस्से में स्थित है, जहाँ से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। यहाँ ईरान ने बंकर और आधुनिक रडार नेटवर्क लगा रखे हैं, जिससे हर गुजरने वाले जहाज पर पैनी नजर रखी जाती है। इस द्वीप के पास ईरानी सैन्य अड्डे भी हैं, जो छोटे और तेज जहाजों के जरिए किसी भी विदेशी जहाज को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं।
ये भी पढे़ं: Iran Vs America: ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ट्रंप को सरेआम ललकारा, कहा- परमाणु कार्यक्रम हमारा अधिकार
समुद्र में भारतीय नौसेना की तैनाती
भारतीय नौसेना ने इस संकट से निपटने के लिए फारस की खाड़ी के पास अपने 7 युद्धपोत तैनात किए हैं। वर्तमान में करीब 14 भारतीय जहाज खाड़ी में मौजूद हैं जो आगे बढ़ने के सही समय का इंतजार कर रहे हैं। नौसेना इन जहाजों को छोटे-छोटे समूहों में सुरक्षा घेरे के साथ बाहर निकालने की योजना पर काम कर रही है। भारतीय कमांडरों का कहना है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, जहाजों को बिना अनुमति आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी ताकि जान-माल का नुकसान न हो।












Click it and Unblock the Notifications