पाकिस्तानी नौसेना और चीन का युद्धाभ्यास, फारस की खाड़ी की ओर बढ़ रहे युद्धपोत- पनडुब्बी, इंडियन नेवी अलर्ट
वैश्विक स्थिरता के बीच चीनी पनडुब्बियां और युद्धाभ्यास के लिए पाकिस्तान की ओर बढ़ रहे हैं। एजेंसियों के अलर्ट और नौसेना को मिले इनपुट के आधार पर समुद्री सीमा की निगरानी कड़ी कर दी गई है। पी-8आई निगरानी विमानों और एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन के जरिए भारतीय नौसेना की संपत्तियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
पाकिस्तान की ओर बढ़ रहे हैं और P-8I निगरानी विमानों और एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन सहित भारतीय नौसेना की संपत्तियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि चीनी और पाकिस्तानी युद्धपोत फारस की खाड़ी के उन क्षेत्रों की ओर बढ़ सकते हैं जहां से वे उस क्षेत्र में इजराइल-हमास संघर्ष के बीच अमेरिकी फोर्स की तैनाती की निगरानी कर सकते हैं। हिंद महासागर में पाकिस्तान की ओर बढ़ रहे चीनी युद्धपोतों में एक पनडुब्बी सपोर्ट वेसल चांग दाओ (एएसआर 847) के साथ एक सॉन्ग क्लास पनडुब्बी भी शामिल है।

फारस की खाड़ी में चीनी युद्धपोत मौजूद
न्यूज एजेंसी एएनआई इंडियन नेवी के सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा कि एक विध्वंसक और फ्रिगेट के साथ एक टैंकर सहित चीनी नौसेना के तीन विध्वंसक युद्धपोत फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं। मई, 2023 से यह तीनों चीनी युद्धपोत 44वीं एंटी-पायरेसी स्काट फोर्स का हिस्सा हैं, लेकिन अदन की खाड़ी में समुद्री डाकुओं से निपटने की यह जिम्मेदारी अब 45वीं एपीईएफ के दो दी गई है। चीन नौसेना के साथ समुद्री अभ्यास के लिए पाकिस्तानी नौसेना के इसमें शामिल होने की संभावना है।
भारतीय एजेंसियों की क्या है चिंता?
एएनआई ने बताया कि अदन की खाड़ी में समुद्री डाकुओं से निपटने की यह जिम्मेदारी अब 45वीं एपीईएफ को दी गई है, जिसमें हिंद महासागर क्षेत्र में अक्टूबर में ही प्रवेश कर लिया था और मौजूदा समय में वहीं है। ऐसे में जांच एजेंसियों ने चिंता इस बात की है कि चीनी और पाकिस्तानी युद्धपोत फारस की खाड़ी में बहुत नजदीक आ सकते हैं, जहां से वे अमेरिकी नौसैनिक तैनाती पर नजर रख सकते हैं। बता दें कि क्षेत्र में इजरायल और हमास का युद्ध छिड़ने के बाद अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से वहां अपनी नौसेना की तैनाती बढ़ाई है।












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