'टेरेरिज्म का केन्द्र है पाकिस्तान', ऑस्ट्रिया में दिए गये इंटरव्यू में जयशंकर ने पश्चिम को दिखाया आईना
जयशंकर ने पिछले महीने पाकिस्तान के एक रिपोर्टर के आतंकवाद और भारत पाकिस्तान के बीच संबंध को लेकर पूछे गये सवाल पर कहा था, कि आप गलत देश से सवाल पूछ रहे हैं, आपको पाकिस्तान से सवाल पूछना चाहिए था।

Jaishankar on Pakistan: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताने के बाद एक बार फिर से पाकिस्तान पर करारा वार किया है और उन्होंने एक बार फिर से पाकिस्तान को आतंकवाद का केन्द्र करार दिया है। ऑस्ट्रिया की मीडिया को दिए गये एक इंटरव्यू में जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद का एपिसेंटर कहा है और उन्होंने कहा है, कि पाकिस्तान को आतंकवाद का एपिसेंटर बताना डिप्लोमेटिक जवाब ही है।

पाकिस्तान पर बरसे जयशंकर
ऑस्ट्रियाई पब्लिक ब्रॉडकास्टर Österreichischer Rundfunk (ORF) के साथ अपने एक इंटरव्यू के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से पाकिस्तान के लिए गैर-कूटनीतिक भाषा के इस्तेमाल पर सवाल किया गया था। ऑस्ट्रियाई एंकर ने जयशंकर से पूछा था, कि पाकिस्तान को आतंकवाद का एपिसेंटर बताना डिप्लोमेटिक भाषा है? ऑस्ट्रियाई एंकर ने पूछा कि, "इससे पहले भी, आप एक राजनयिक हैं, लेकिन कई हफ्ते पहले, आपने पाकिस्तान, अपने पड़ोसी देश को आतंकवाद का एपिसेंटर कहा था। यह बहुत कूटनीतिक नहीं लगता है, है ना?" इस सवाल के जवाब पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि, 'मैंने पाकिस्तान शब्द का इस्तेमाल किए बिना ऐसा कहा है, और चूंकी आप एक डिप्लोमेट हैं, इसका मतलब ये नहीं, कि आप सच नहीं बोलें। उन्होंने कहा कि, मैं एपिसेंटर की जगह और ज्यादा कठिन शब्द का इस्तेमाल कर सकता था, यह देखते हुए कि, हमारे साथ क्या हो रहा है... मुझे लगता है कि, एपिसेंटर एक सही कूटनीतिक शब्द है।"
आतंकवादी हमलों में पाकिस्तान शामिल
भारतीय विदेश मंत्री ने भारत पर हुए आतंकवादी हमलों में पाकिस्तान के हाथ का जिक्र करते हुए इस बात का उल्लेख किया, कि कैसे पाकिस्तान के आतंकवादियों ने 2001 में भारतीय संसद पर हमला किया था, कैसे 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में पाकिस्तान का हाथा था और कैसे हर दिन भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की कोशिश पाकिस्तानी आतंकवादी करते हैं। उन्होंने कहा कि, आतंकियों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी जाती है और उन्हें मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है, तो क्या उसमें पाकिस्तान का हाथ नहीं है। वहीं, इस सवाल पर, कि आतंकवादी कोई सरकारी संस्थाएं नहीं हैं, जयशंकर ने जोर देकर कहा कि, "यदि दिन के उजाले में आतंकवादी शिविर चलते हैं, शहरों में आतंकी शिविर चलते हैं और उन्हें सेना के स्तर की ट्रेनिंग दी जाती है, को क्या आप वास्तव में मुझे बता सकते हैं, कि उसे पाकिस्तान की सरकार नहीं जानती होगी।"

ऑस्ट्रियाई एंकर को लिया आड़े हाथ
वहीं, भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध की संभावना के बारे में पूछे जाने पर, भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि, "दुनिया को चिंतित होना चाहिए, कि दुनिया में आतंकवाद चल रहा है, जो उन्हें दूर से दिखाई देती है। दुनिया इसे अकसर इस तरह से देखने की कोशिश करती है, कि यह मेरी समस्या नहीं है अक्सर महसूस करती है, कि यह मेरी समस्या नहीं है, क्योंकि यह किसी और देश के साथ हो रहा है।" उन्होंने कहा कि, "मुझे लगता है कि, दुनिया को इस बारे में चिंतित होने की जरूरत है कि वह कितनी ईमानदारी और दृढ़ता से आतंकवाद की चुनौती को स्वीकार कर रही है है।" हालांकि, ऑस्ट्रियाई पत्रकार निकट भविष्य में भारत-पाकिस्तान युद्ध की संभावना के बारे में अपने सवाल पर अड़े थे। जिसपर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि, "यदि आप इसे उस तरह से प्रस्तुत करते हैं, जैसे आप कर रहे हैं, तो यह आतंकवाद को खुली छूट देने जैसा है। यह ऐसा है, जैसे कि आप इसके परिणाम को लेकर चिंतित हैं, जबकि मुझे आतंकवाद की चिंता है।"












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