आतंक के खात्मे पर Delhi Declaration का जिक्र कर UN के मंच से क्या बोला भारत ?
संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधी सह भारतीय राजदूत रुचिरा कांबोज ने अमेरिका में काउंटर टेररिज्म कमेटी (CTC) के तहत आतंक का मुकाबला करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, CTC अग्रणी दस्तावेज है।

अमेरिका में दिल्ली डेक्लरेशन (सीटीसी की विशेष बैठक) पर एक बयान में भारतीय राजदूत रुचिरा कांबोज ने कहा, दिल्ली घोषणा से सहमत होकर, आतंकवाद-रोधी समिति ने आतंक का मुकाबला करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी उद्देश्यों को विफल करने के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकी का मुकाबला करना होगा। कांबोज ने कहा, काउंटर टेररिज्म कमेटी (CTC) ने आतंक के मुकाबले का संकल्प लिया है और समिति निरंतर समर्पण और प्रतिबद्धता का वचन भी देती है।
UNSC के दृष्टिकोण को बढ़ाना है
आतंकवाद-रोधी योजनाओं पर अमेरिका में एक ब्रीफिंग के दौरान रुचिरा कांबोज ने कहा, CTC घोषणा एक अग्रणी दस्तावेज है। इसका उद्देश्य आतंकवाद के खतरे को व्यापक और समग्र तरीके से संबोधित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के दृष्टिकोण को बढ़ाना है।

भारत की लीडरशिप में UNSC की उपबलब्धि
बता दें कि रुचिरा कंबोज, संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत हैं। उन्होंने शुक्रवार से पहले गत 23 नवंबर को UNSC में बताया था कि आतंकवाद का मुकाबला करने की दिशा में भारत की अध्यक्षता में क्या उपलब्धियां हासिल की गईं।

तकनीक महत्वपूर्ण, तीन चीजें काफी अहम
उन्होंने बताया था कि आतंकवाद विरोधी समिति ने 28-29 अक्टूबर, 2022 को मुंबई और नई दिल्ली में 'आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग' का मुकाबला करने के व्यापक विषय पर विशेष बैठक आयोजित की। कंबोज ने बताया, "चर्चा तीन महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी- इंटरनेट और सोशल मीडिया, नई भुगतान तकनीकों और धन उगाहने के तरीकों और ड्रोन सहित मानव रहित हवाई प्रणालियों के आतंकवादी उद्देश्यों के लिए उपयोग से उत्पन्न खतरों पर केंद्रित रही।"












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