'गांधी दर्शन के साथ विश्वासघात', राहुल गांधी मामले को लेकर मोदी सरकार पर बरसे भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद
रो खन्ना अमेरिका में काफी मजबूती से भारत का पक्ष रखते हैं। पिछले साल उन्होंने कहा था, कि, "संयुक्त राज्य अमेरिका को चीन से बढ़ती आक्रामकता का सामना करने के लिए भारत के साथ खड़ा होना चाहिए।"

Ro Khanna on Rahul Gandhi: राहुल गांधी की संसद की सदस्यता खत्म होने की खबर पूरी दुनिया में फैल चुकी है और पूरी दुनिया से अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। राहुल गांधी को मोदी सरनेम वाले को 'अपराधी' बताने वाली टिप्पणी के मामले में मानहानि का दोषी ठहराए जाने के 24 घंटे बाद संसद से निष्कासित कर दिया गया है। हालांकि, राहुल गांधी पर फौरन जेल जाने का खतरा नहीं है, क्योंकि उनके पास अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने का अधिकार है और कोर्ट से उन्हें जमानत भी मिल गई है और अगर ऊपरी अदालत में राहुल गांधी की सजा को रद्द कर दिया जाता है, तो फिर उनकी सदस्यता फिर से बहाल कर दी जाएगी, लेकिन फिलहाल राहुल गांधी को लेकर मोदी सरकार पर निशाने साधे जा रहे हैं। भारतीय अमेरिकियों में भी राहुल गांधी को लेकर बहस चल रही है। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने राहुल गांधी मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नसीहत दी है।

अमेरिका में भी राहुल गांधी पर बहस
अमेरिकी राजनीति में तेजी से उभरने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना, जिन्हें भविष्य का अमेरिकी राष्ट्रपति बताया जाता है, उन्होंने राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म होनेको लेकर कहा है, कि ये 'गांधीवादी दर्शन के साथ गहरा विश्वासघात है।' आपको बता दें, कि रो खन्ना अमेरिका में भारतीय हितों को लगातार उठाते रहते हैं और वो जो बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद हैं। अमेरिकी मीडिया में कई बार कहा जा चुका है, कि अगर जो बाइडेन 2024 राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी नहीं जताते हैं, तो रो खन्ना डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं। वहीं, रो खन्ना लगातार चीन और पाकिस्तान को लेकर अमेरिका में भारत का बचाव करते हैं और पिछले साल उन्होंने ही भारत को प्रतिबंधों से बचाने वाला बिल अमेरिकी संसद में पास करवाया था, जिसमें CAATSA कानून से भारत को छूट देने की मांग की गई थी।
मोदी सरकार पर बरसे रो खन्ना
रो खन्ना ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर को ट्विटर पर शेयर किया है, जिसमें राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म होने की खबर प्रकाशित की गई है। रो खन्ना ने ट्वीट करते हुए लिखा है, कि "राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से निष्कासित किया जाना गांधी दर्शन और भारत के सिद्धांतों के साथ गहरा विश्वासघात है। इसके लिए हमारे पूर्वजों ने अपनी कुर्बानियां नहीं दीं और जेल की सजा नहीं काटी"। रो खन्ना ने अपने ट्वीट में आगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग करते हुए लिखा है, कि "नरेन्द्र मोदी, आपके पास इस फैसले को बदलने की शक्ति है और भारत के लोकतंत्र के लिए आपको इस फैसले को बदलना चाहिए।" रो खन्ना का ये सीधा हमला भारत की मोदी सरकार है और उनका ये ट्वीट भारत सरकार के फैसले को लेकर उनकी नाराजगी को जताता है और भारत, रो खन्ना जैसे भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों के बयान को इसलिए भी हल्के में नहीं ले सकता है, क्योंकि उनके जैसे ही नेताओं ने अमेरिका में भारतीय लॉबी को काफी मजबूत बनाया हुआ है।

कौन हैं सांसद रो खन्ना?
रो खन्ना भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद होने के साथ साथ बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य और सांसद भी हैं। इसके साथ ही वे चर्चित वकील और 'हाउस आर्म्ड सर्विस एक्ट' के सदस्य भी हैं। वह 2017 से कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद हैं। उनका जन्म 13 सितंबर 1976 में फिलाडेल्फिया में एक भारतीय पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता पंजाब से यू.एस. में आकर बस गए। रो खन्ना के पिता एक केमिकल इंजीनियर हैं, जिन्होंने भारत में ही IIT से पढ़ाई की है और फिर मिशिगन यूनिवर्सिटी से स्नातक किया। उनकी मां एक टीचर रही हैं। रो खन्ना ने 8 अगस्त 2009 से अगस्त 2011 तक राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासनकाल में अमेरिका के वाणिज्य विभाग में उप सहायक सचिव के रूप में भी काम किया है।
Recommended Video

भारतीय लॉबी के मजबूत नाम हैं रो खन्ना
आपको बता दें कि, अमेरिकी कांग्रेस में रो खन्ना काफी आक्रामक तरीके से भारत के पक्ष में राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं और पिछले साल उन्होंने ही अमेरिकी कांग्रेस में एक बिल पेश किया था, जिसमें रूसी हथियार खरीदने के बाद, भारत के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेने, और CAATSA कानून को लागू नहीं करने का प्रस्ताव रखा था। इस बिल को बाद में अमेरिकी कांग्रेस में पास किया गया था और भारत को रूसी हथियार खरीदने पर बहुत बड़ी राहत मिल गई थी। इसके अलावा, पिछले साल जुलाई महीने में सांसद रो खन्ना ने कहा था, कि अमेरिका, भारत को नाटो प्लस में जोड़ना चाहता है। उन्होंने कहा था, कि अगर भारत को नाटो प्लस में शामिल किया जाता है, तो भारत को अमेरिका के साथ रक्षा-सुरक्षा से आसानी से जोड़ा जा सकेगा। पिछले साल सांसद रो खन्ना ने कहा था, कि 'भारत-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त राज्य के हितों को आगे बढ़ाने के लिए और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भारत-अमेरिका साझेदारी महत्वपूर्ण है"। उन्होंने ये भी कहा था, कि दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच यह साझेदारी महत्वपूर्ण है और भारत-प्रशांत क्षेत्रों में बढ़ते खतरों के जवाब में भारत को लगातार मजबूत करना जारी रखना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications