UAE में इंडियन एयरफोर्स का युद्धाभ्यास, IAF ने भेजी तस्वीरें, अमेरिका-फ्रांस समेत 7 देशों की वायुसेना शामिल
संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय वायुसेना ने युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। 7 देशों की एयरफोर्स के साथ इंडियन एयरफोर्स आज से अपना दम दिखा रही है।
अबूधाबी: संयुक्त अरब अमीरात के आकाश में भारतीय वायुसेना ने अपना दम दिखाना शुरू कर दिया है। 7 देशों की एयरफोर्स के साथ इंडियन एयरफोर्स अपना दम दिखा रही है। 27 मार्च तक यूएई के आकाश में 7 देशों की एयरफोर्स के साथ युद्धाभ्यास चल रहा है, जिसमें आज भारतीय वायुसेना ने सुखोई के साथ युद्धाभ्यास किया है। इंडियन एयरफोर्स की तरफ से ट्वीट कर युद्धाभ्यास की तस्वीरों को देश की जनता के साथ शेयर किया गया है। इंडियन एयरफोर्स ने लिखा है 'संयुक्त अरब अमीरात के आसमान में इंडियन एयरफोर्स का ऊंचा और संयुक्त उड़ान'। ट्वीट के साथ इंडियन एयरफोर्स की तरफ से दो तस्वीरें देशवासियों के साथ शेयर की गई हैं।

फारस की खाड़ी में युद्धाभ्यास
यूएई में भारत, पाकिस्तान का होश उड़ा रहा है और भारत का साथ दे रहा है पाकिस्तान का ही दोस्त मुल्क यूएई। जी हां यूएई में इंडियन एयरफोर्स पहली बार युद्धाभ्यास "डेजर्ट-फ्लैग" में हिस्सा ले रहा है। जिसने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के पेशानी पर परेशानी ला दिया है। भारत के लिए ये युद्धाभ्यास कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है मोदी सरकार की ये बड़ी डिप्लोमेटिक उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं, पाकिस्तान के लिए ये युद्धाभ्यास कई मायनों में परेशान करने वाला है क्योंकि खाड़ी देशों में जिन देशों को पाकिस्तान अपना दोस्त समझता है, हर वो देश इस एयरफोर्स ड्रिल में शामिल हो रहे हैं साथ ही F-16 को लेकर भी पाकिस्तान के माथे पर पसीने आ गये हैं।

फारस की खाड़ी में IAF का दम
सामरिक लिहाज से भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले फारस की खाड़ी में पहली बार इंडियन एयरफोर्स युद्धाभ्यास कर रही है। इस युद्धाभ्यास में भारत के साथ संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल है, लिहाजा इस युद्धाभ्यास का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। भारत की तरफ से इस युद्धाभ्यास में बुधवार को 6 सुखोई-30MKI फाइटर जेट, दो C-17 ग्लोबमास्टर-3 एयरक्राफ्ट और इंडियन एयरफोर्स के करीब 125 जवान इस 'डेजर्ट फ्लैग' युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। भारत के साथ इस युद्धाभ्यास में अमेरिका, फ्रांस, साउथ कोरिया, यूएई, सऊदी अरब और बहरीन एयरफोर्स भी शामिल है। ग्रीस, जॉर्डन और कुवैत इस एयरफोर्स वारफेयर को ऑब्जर्वर बनकर वॉच कर रहे हैं। युद्धाभ्यास में अमेरिका की F015 और F-16 एयरक्राफ्ट को शामिल किया गया है जबकि फ्रांस ने रफाल और मिराज-2000 को युद्धाभ्यास में भेजा है।

फारस की खाड़ी कितना महत्वपूर्ण
फारस की खाड़ी, पश्चिम एशिया में हिंद महासागर का ही एक विस्तार है, जो ईरान से लेकर अरब देशों तक फैला हुआ है। यूनाइटेड नेशंस ने इसे फारस की खाड़ी नाम दिया हुआ है। फारस की खाड़ी को आठ गल्फ कंट्री बहरीन, ईरान, कुवैत, इराक, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शेयर करता है। इन खाड़ी देशों का कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक होने से उनके आर्थिक हित भी एक तरह के ही हैं। और फारस की खाड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। वित्तवर्ष 2018-19 में भारत और खाड़ी देशों के बीच 162 बिलियन अमेरिकन डॉलर का व्यापार हुआ है। यह एक वित्तवर्ष में भारत द्वारा दुनिया के देशों के साथ होने वाले व्यापार का करीब 20 प्रतिशत है। करीब 75 बिलियन डॉलर का पेट्रोलियम पदार्थों और प्राकृतिक गैस का आयात भारत फारस की खाड़ी से ही करता है। इसके साथ ही खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय हर साल करीब 40 बिलियन डॉलर भारत भेजते हैं। लिहाजा भारत के लिए ये युद्धाभ्यास कई मायनों में महत्वपूर्ण है।

पाकिस्तान को टेंशन
फारस की खाड़ी में चलने वाले एयरफोर्स के युद्धाभ्यास में अमेरिका ने F-15 और F-16 फाइटर जेट को भाग लेने के लिए भेजा है, लिहाजा पाकिस्तान की पेशानी पर बल पड़ गये हैं। पाकिस्तान एयरफोर्स ने एफ-16 फाइटर जेट अमेरिका से लीज पर लिया हुआ है और पाकिस्तान एयरफोर्स के बेड़े में सबसे खतरनाक फाइटर जेट एफ-16 फाइटर जेट ही है। और एफ-16 फाइटर जेट के साथ भारतीय एयरफोर्स के जवान अब युद्धाभ्यास में शामिल हैं। लिहाजा इस एयरक्राफ्ट की हर बारीकियों से भारतीय एयरफोर्स के जवान वाकिफ हो रहे हैं और फिर पाकिस्तान के पास धौंस दिखाने वाला आखिरी शस्त्र भी खत्म हो जाएगा और यही बाक पाकिस्तान को खाए जा रही है। पाकिस्तान चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान जिन देशो को मुस्लिम मुल्क कहकर अपने पाले में करना चाहता है वो सभी देश आज भारत के साथ खड़े हैं, लिहाजा पाकिस्तान जल-भुनकर राख हो रहा है।












Click it and Unblock the Notifications