'PM Is Compromised..', India-USA Deal पर क्यों भड़के राहुल गांधी? शशि थरूर ने क्या सवाल उठाए?- Video
India-USA Deal: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की घोषणा के तरीके और समय पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "अत्यधिक दबाव" में काम कर रहे हैं और यह समझौता देश के हितों के खिलाफ जा सकता है।
प्रधानमंत्री दबाव में हैं- राहुल गांधी
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी घबराए हुए हैं। अमेरिका-भारत के बीच जो व्यापार समझौता पिछले कई महीनों से रुका हुआ था, उस पर नरेंद्र मोदी ने कल रात हस्ताक्षर कर दिए। उन पर बहुत दबाव है। उनकी छवि खराब हो सकती है।" उन्होंने कहा कि जनता को इस समझौते पर गंभीरता से सोचना चाहिए।

"देश की मेहनत बेची गई"- राहुल गांधी का बड़ा बयान
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर राष्ट्रीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा, "नरेंद्र मोदी जी ने आपकी मेहनत इस व्यापार समझौते में बेच दी है। उन्होंने देश बेच दिया है।" उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने पीएम की छवि बनाई थी, वही अब उसे तोड़ रहे हैं, इसलिए मोदी जी डरे हुए हैं। अपनी आलोचना को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने कहा, "एपस्टीन फाइल्स में अभी और भी खुलासे हो सकते हैं, जिन्हें अमेरिका ने जारी नहीं किया है।
मोदी-ट्रम्प फोन कॉल के बाद समझौते की घोषणा
राहुल गांधी की ये टिप्पणियां ऐसे समय आईं जब भारत और अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच फोन कॉल के बाद इस समझौते को बड़ी सफलता बताया। दोनों देशों ने कहा कि इससे द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई दिशा मिलेगी।
18% तक टैरिफ कटौती- ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सबसे पहले 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की कि अमेरिका भारतीय सामानों पर शुल्क तुरंत 18 प्रतिशत तक कम करेगा। उन्होंने दावा किया कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क और गैर-शुल्क बाधाएं हटाने, 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी सामान खरीदने और रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गया है।
भारत सरकार ने सभी दावों की पुष्टि नहीं की
भारतीय सरकार ने अपने बयानों में शुल्क कटौती का स्वागत किया, लेकिन ट्रम्प के सभी बड़े दावों की पुष्टि नहीं की। इससे यह सवाल उठने लगे कि असल में समझौते में क्या-क्या तय हुआ है और इसकी सीमा क्या है।
शशि थरूर ने ट्रांसपेरेंसी
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जानकारी की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "हमें अब तक सिर्फ राष्ट्रपति ट्रम्प के ट्वीट और प्रेस बयान मिले हैं, कोई ठोस विवरण सामने नहीं आया है।"
भारतीय किसानों पर असर को लेकर सवाल
शशि थरूर ने कहा कि 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने और अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोलने जैसे दावे गंभीर सवाल खड़े करते हैं, खासकर भारतीय किसानों पर इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए।
"शर्तें समझे बिना जश्न नहीं मना सकते"
थरूर ने आगे कहा, "व्यापार समझौता जरूरी है और कम टैरिफ बेहतर होते हैं, लेकिन शर्तें समझे बिना जश्न नहीं मनाया जा सकता।" उन्होंने सरकार से मांग की कि संसद को विश्वास में लिया जाए और साफ-साफ बताया जाए कि किन बातों पर सहमति बनी है।
कांग्रेस का आरोप: सवाल हैं, जवाब नहीं
उन्होंने यह भी कहा, "अभी चिंता इसलिए है क्योंकि स्पष्टता नहीं है। कांग्रेस सवाल पूछ रही है और भाजपा जवाब नहीं दे रही है। यही असली मुद्दा है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया 'शानदार घोषणा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाद में इस समझौते को "शानदार घोषणा" बताया और कहा कि इससे भारत-अमेरिका सहयोग और गहरा होगा। हालांकि, विपक्ष अब भी समझौते के पूरे विवरण सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है और चाहता है कि संसद और जनता को इसके सभी पक्षों की पूरी जानकारी दी जाए।
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