Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

F35, Rafale, Eurofighter... भारत के आसमान में पहली बार इन लड़ाकू विमानों का 'महासंग्राम', क्या है तरंग शक्ति?

India's 1st Multinational Air Drills Tarang Shakti: भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए एक टेंडर जीतने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा में उलझने के बाद एक बार फिर से फ्रांसीसी राफेल और यूरोपीय यूरोफाइटर के बीच हिंदुस्तान के आसमान में महासंग्राम होने वाला है, जिसका मकसद चीन को संदेश देना है।

भारतीय वायुसेना ने 2024 में दो प्रमुख युद्धाभ्यास आयोजित किए हैं, लेकिन ये पहली बार है, जब इंडियन एयरफोर्स मल्टीनेशनल युद्धाभ्यास का आयोजन करने जा रही है, जिसमें राफेल के साथ साथ यूरोफाइटर जेट गर्जना करेंगे। और इस युद्धाभ्यास का नाम 'तरंग शक्ति' रखा गया है।

Tarang Shakti indian air force

चीन की बढ़ती आक्रामकता ने समान विचारधाराओं वाले देशों को सैन्य सहयोग के लिए एक साथ खड़ा कर दिया है और भारत, जो 2020 से लगातार चीन के साथ सैन्य गतिरोध में उलझा हुआ है, उसने अपने सहयोगी देशों के साथ युद्धाभ्यास को काफी बढ़ा दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर ड्रैगन को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

यूरोफाइटर पर भारी पड़ा था राफेल

ऑपरेशन'तरंग शक्ति', पिछले कुछ वर्षों में वायु क्षेत्र में शुरू की गई भारत की मित्रता का परिणाम है। इस युद्धाभ्यास में अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया समेत एक दर्जन से ज्यादा भारत के मित्र देशों के भाग लेने की उम्मीद है। इस युद्धाभ्यास में 6 देशों के फाइटर जेट मौजूद होंगे, जबकि छह अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी और फ्रांस के यूरोफाइटर टाइफून और राफेल लड़ाकू विमानों के साथ युद्धाभ्यास में शामिल होने की उम्मीद है।

आपको बता दें, कि जब भारत मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (MMRCA) फाइटर जेट की तलाश अपनी एयरफोर्स के लिए कर रहा था, उस वक्त भारत से टेंडर जीतने के लिए यूरोफाइटर टाइफून और राफेल फाइटर जेट के बीच में तगड़ा मुकाबला हुआ था और इन दोनों फाइटर जेट को भारत की जरूरत के मुताबिक, करीब करीब सभी पैमानाओं पर सही पाया गया था। लेकिन, अंतत: बाजी फ्रांसीसी राफेल ने मारी थी।

इन दोनों फाइटर जेट्स ने उस वक्त कई पैमानाओं पर अमेरिका के F-16/F-18 फाइटर जेट और स्वीडन के ग्रिपेन फाइटर जेट के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया। और अंत में कीमत और क्वालिटी में राफेल ने बाजी मारी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक और यूरोपीय फाइटर जेट ने भारत सरकार से लड़ाकू विमानों की डिलीवरी का वादा किया था, लेकिन कई विशेषज्ञों ने तर्क दिया है, कि फ्रांस, भारत का भरोसेमंद पार्टनर है, जबकि जर्मनी पर आंख मुंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता है। जर्मनी भारत के लिए कभी भी भरोसेमंद नहीं रहा है और वो अमेरिका के इशारे पर अपनी विदेश नीति तय करता है।

यूरोफाइटर टाइफून का निर्माण करने वाले यूरोपीय संघ ने भारतीय वायुसेना के लिए लड़ाकू विमानों की आपूर्ति का टेंडर जीतने के लिए कड़ी मेहनत की। लेकिन IAF ने फ्रांसीसी सरकार के साथ एक अंतर-सरकारी समझौते (IGA) के माध्यम से 36 राफेल विमान खरीदे।

Tarang Shakti indian air force

ऑपरेशन'तरंग शक्ति' क्या है?

भारत में ऑपरेशन तरंग शक्ति के पहले चरण का आयोजन 6 अगस्त से 24 अगस्त तक किया जाएगा। और ऐसा पहली बार हुआ है, जब जर्मनी की वायुसेना ने पुष्टि की है, कि वो अपने फ्रांसीसी और स्पेनिश समकक्षों के साथ ऑपरेशन तरंग शक्ति में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रही है।

यूरोपीय मीडिया की रिपोर्टिंग में कहा जा रहा है, कि "जर्मनी और अन्य यूरोपीय देश, दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले लोकतंत्र के साथ नजदीकी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें चीन की विस्तारवादी नीति का डर सता रहा है।" इससे पहले भारत को लेकर इनका पूर्वाग्रह इन्हें रोकता रहा है।

भारतीय आसमान में यूरोफाइटर टाइफून और राफेल लड़ाकू विमानों के बीच मुकाबले का काफी इंतजार किया जा रहा है। मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) के अधिग्रहण के लिए इंडियन एयरफोर्स फिर से टेंडर जारी करने के प्रोसेस में है, भले ही भारत सरकार 'मेक इन इंडिया' पर जोर दे रही है और अभी तक अधिग्रहण के लिए 'आवश्यकता की स्वीकृति' नहीं दी है।

अमेरिका ने अभी तक उस विमान की घोषणा नहीं की है, जिसे वह इल मेगा अभ्यास के लिए भेजेगा। लेकिन, ऐसी रिपोर्ट है, कि यूएस एयरफोर्स अपने F-16V और F-15EX फाइटर जेट को इस युद्धाभ्यास में भेजा सकती है और ये दोनों फाइटर जेट, MRFA के ही प्रतियोगी हैं। इसके अवाला, पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट F-35 A की मौजूदगी से इनकार नहीं किया गया है और अगर F-35 A भारत पहुंचता है, तो ये पहली बार होगा, जब भारत के आसमान में पांचवी पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट उड़ाण भरेंगे।

चीन और पाकिस्तान से मुकाबले की तैयारी

इंडियन एयरफोर्स ने साल 2018 में 'सूचना के लिए अनुरोध' जारी किया था और आठ प्रकार के विमानों से प्रतिक्रियाएं प्राप्त कीं थी। मैदान में प्रमुख दावेदार डसॉल्ट का राफेल, बोइंग का F-15EX और साब का JAS-39 ग्रिपेन हैं।

फिलहाल भारत में 'ऑपरेशन गगनशक्ति' चल रहा और 10 दिनों तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में 10 हडार से ज्यादा एयरफोर्स सैनिक हिस्सा ले रहे हैं और 'ऑपरेशन तरंक शक्ति', इसी युद्धाभ्यास का विस्तार है।

एक के बाद एक युद्धाभ्यास क्यों कर रहा भारत?

भारतीय वायुसेना ने दुनिया भर के दोस्त देशों के साथ अंतरसंचालनीयता बढ़ाने के लिए विदेशी युद्धाभ्यासों में भागीदारी बढ़ा दी है।

भारतीय वायुसेना का राफेल 2023 में अपने पहले विदेशी युद्धाभ्यास में गया था, जब उन्होंने फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) के वायु सेना बेस मोंट-डी-मार्सन में अभ्यास ओरियन में भाग लिया था। IAF दल में चार राफेल, दो C-17, दो LL-78 विमान और 165 वायु योद्धा शामिल थे। यह भारतीय वायुसेना के राफेल विमान के लिए पहला विदेशी अभ्यास था।

भारतीय वायुसेना ने हेलेनिक वायु सेना की तरफ से आयोजित हवाई अभ्यास INIOCHOS में भी भाग लिया था, जिसमें चार Su-30 MKI और दो C-17 विमान तैनात किए गए थे।

2023 में यूएस एयरफोर्स कलाईकुंडा, पानागढ़ और आगरा में एक्सरसाइज कोप इंडिया के लिए अपने बी1 बॉम्बर जेट और एफ-15 लड़ाकू विमान के साथ भारत आया था।

भारतीय वायुसेना ने मिस्र में 21 दिवसीय बहुपक्षीय युद्ध अभ्यास में पांच मिग-29 लड़ाकू जेट, छह परिवहन विमान और अपने विशेष बल कर्मियों के एक समूह को तैनात किया था। भारत हर संभव तैयारी कर रहा है, कि दुश्मन का एक भी वार सही ना लगे और भारतीय सेना, युद्ध के दौरान दुश्मन को हर एक मोर्चे पर परास्त करे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+