Israel: हमास से जंग लड़ रहे इजराइल का भारत बना बड़ा मददगार, हथियार खरीद-खरीदकर दोस्त को किया मालामाल
Israel-India Defence Deal: माना जा रहा है, कि इजराइल, अमेरिका और अपने दोस्तों की मदद से ईरान से होने वाले किसी भी हमले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसने हाल ही में लेबनान में ईरानी प्रॉक्सी हिज्बुल्लाह के साथ हवाई युद्ध किया है और लेबनान में भारी तबाही मचाई है।
इसके अलावा, इजराइल को इराक में ईरान समर्थित इस्लामिक प्रतिरोध से समय-समय पर ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लाल सागर में भी इसके जहाजों पर यमन के हूती विद्रोहियों की तरफ से हमले किए जाते हैं।

सबसे बढ़कर, गाजा में हमास चरमपंथियों के खिलाफ इसके अभियान लगातार जारी हैं। और फिर भी, ऐसा लगता है कि इजराइल के पास अपनी सुरक्षा के लिए एक साथ या कई चुनौतियों से लड़ने के लिए पर्याप्त हथियार और गोला-बारूद हैं।
जमकर विनाशक हथियार बेच रहा इजराइल
रिपोर्ट के मुताबिक, राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड, इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) और एल्बिट जैसी इजराइली रक्षा कंपनियों को अपने उत्पादों की मांग में देश और विदेश दोनों जगह बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। राफेल ने 2024 की दूसरी तिमाही में 1.1 बिलियन डॉलर के हथियार और उपकरण बेचे हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि से 25% ज्यादा है।
इसके अलावा इसे 1.7 बिलियन डॉलर के नये ऑर्डर भी मिले हैं, जो 2023 की दूसरी तिमाही की तुलना में 65% की वृद्धि दर्शाता है।
2024 की पहली छमाही में राफेल ने कुल 3.8 बिलियन डॉलर के ऑर्डर हासिल किए हैं, जो 2023 की पहली छमाही की तुलना में 34% की वृद्धि को दर्शाता है। इनमें से लगभग आधी बिक्री इजराइल रक्षा बलों (IDF) को की गई है, जबकि बाकी को संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, पश्चिमी यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया सहित देशों को निर्यात किया गया है।

भारत ने दोस्त इजराइल से खूब खरीदे हथियार
भारत, इजराइल के रक्षा निर्यात का सबसे बड़ा ग्राहक है, जो इजराइल से कुल हथियार निर्यात का 41% हिस्सा है। यह महत्वपूर्ण साझेदारी भारत की अपनी रक्षा जरूरतों के लिए इजराइली तकनीक पर निर्भरता को रेखांकित करती है।
इजराइल अपने एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जैसे आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग, एरो-2 और एरो-3 के लिए प्रसिद्ध है, जो रॉकेट हमलों के खिलाफ बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रदान करते हैं। देश अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए एरो-4 और आयरन बीम लेजर सिस्टम जैसी नई प्रणालियां भी विकसित कर रहा है।
ऐसा कहा जा रहा था, कि युद्ध में फंसे इजराइल के सामने में वित्तीय दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन भारत ने हथियार खरीदकर इजराइल की वित्तीय परेशानियों को बहुत हद तक दूर कर दिया है।
ये सोफिस्टिकेटेड डिफेंस सिस्टम, संयुक्त राज्य अमेरिका की मिसाइल रक्षा एजेंसी (MDA) के सहयोग से विकसित की गई हैं। डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसी प्रणालियों के लिए अमेरिकी वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, अमेरिकी सहायता समझौतों की वजह से इजराइली हथियारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संयुक्त राज्य अमेरिका में निर्मित होता है।
पिछली आलोचनाओं और असफलताओं के बावजूद, इजराइली डिफेंस इंटस्ट्री, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने एडवांस हथियार प्रणालियों की बढ़ती मांग के कारण फल-फूल रहा है। यह क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सहयोग पर बहुत ज्यादा निर्भर है, लेकिन भारत सहित अन्य देशों के साथ को-प्रोडक्शन के लिए भी खुला है।

इजराइल की प्रमुख रक्षा प्रणालियां
Arrow-2
इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) अमेरिका की मदद से एरो सिस्टम का डेवलपमेंट करता है। इस प्रणाली को बैलिस्टिक मिसाइलों सहित लंबी दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। यह एक ऑपरेशनल, एडवांस इंटरसेप्टर सिस्टम से लैस है, जो इसकी दो-चरणीय क्षमता और प्रभावशाली गतिशीलता द्वारा परिभाषित है। यह वायुमंडल के बाहर से ऑपरेट होता है।
Arrow -3
एरो-3 सिस्टम की क्षमताएं लंबी दूरी, ज्यादा ऊंचाई (एक्सो-एटमॉस्फेरिक) और ज्यादा सटीक बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को सक्षम बनाती हैं। एरो का विकास एक संयुक्त इजराइल-अमेरिकी प्रोजेक्ट है, जिसमें MDA (अमेरिका की मिसाइल विकास एजेंसी) का सहयोग है। एरो वेपन सिस्टम के एकीकरण और विकास के लिए प्राथमिक ठेकेदार IAI का MLM है।
David's Sling
अमेरिका की मदद से विकसित डेविड स्लिंग का मकसद मध्यम दूरी की मिसाइलों को रोकना है, जैसे कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के पास मौजूद मिसाइलों को रोकने में ये काम आता है। इस सिस्टम के लिए मुख्य ठेकेदार राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम है, जबकि रेथियॉन मिसाइल सिस्टम एक उप-ठेकेदार है। एमएमआर (मल्टी-मिशन रडार) को आईएआई की मदद से कंपनी एल्टा ने विकसित किया है। गोल्डन बादाम के नाम से मशहूर बीएमसी को एल्बिट की सहायक कंपनी एलिसरा ने विकसित किया है।
Iron Dome
आयरन डोम एक इनोवेटिव, मोबाइल सिस्टम है, जो इजराइल को कम दूरी के रॉकेट से बचाता है। यह एक साथ कई आने वाले खतरों से सफलतापूर्वक निपटने में सक्षम है। इसके अलावा, आयरन डोम दुनिया की पहली मिसाइल रक्षा प्रणाली है, जिसे कम दूरी के रॉकेट और यूएवी के खतरे से निपटने के लिए विकसित किया गया है।
यह प्रणाली, जिसे इजराइल ने अमेरिका के समर्थन से विकसित किया है, वो कम दूरी के रॉकेट को मार गिराने में माहिर है। पिछले दशक की शुरुआत में सक्रिय होने के बाद से इसने हजारों रॉकेट को मार गिराया है। इजराइल का कहना है कि इसकी सफलता दर 90% से ज्यादा है।
Iron Beam
इजराइल लेजर तकनीक से आने वाले खतरों को रोकने के लिए एक नई प्रणाली विकसित कर रहा है। इजराइल ने कहा है, कि यह प्रणाली गेम चेंजर साबित होगी, क्योंकि इसे मौजूदा प्रणालियों की तुलना में ऑपरेट करना बहुत सस्ता है। हालांकि राफेल ने इसे पहले ही विकसित कर लिया है, लेकिन इसे 2025 में IDF इसे ऑपरेशन में ला सकता है।
इजराइल के रिटायर्ड जनरल हर-इवन के मुताबिक, आयरन बीम, दुनिया की सबसे एडवांस प्रणाली है। उन्होंने कहा, कि "यह हमें इजराइल के डिफेंस को बढ़ाने में मदद करता है और सभी प्रकार के खतरों, जैसे कि यूएवी, ड्रोन और छोटी और मध्यम दूरी के रॉकेट से निपटने की अनुमति देगा।"












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