पाकिस्तानी आतंकी को बचाने पर भारत ने चीन को लगाई फटकार, कहा- जियो-पॉलिटिक्स का सबसे घटिया स्तर
India slams China on Pak Terrorist: पाकिस्तानी आतंकवादी साजिद मीर को बचाने के चीन के फैसले पर भारत ने सख्त नाराजगी जताई है और चीन की इस जियो-पॉलिटिकल गेम को घटिया कहा है।
भारत ने बुधवार को कहा है, कि अगर स्थापित आतंकवादियों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा "क्षुद्र भू-राजनीतिक हितों" के लिए प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है, तो यह आतंकवाद की चुनौती "ईमानदारी से लड़ने के लिए वास्तविक राजनीतिक इच्छाशक्ति" की कमी को दर्शाता है।

चीन पर भड़का भारत
भारत ने चीन की उस वक्त निंदा की है, जब चीन ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को खिलाफ वीटो कर दिया, जिसके बाद साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव को झटका लग गया।
संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद-निरोधी बैठक में बोलते हुए, भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त राष्ट्र राजनीतिक के संयुक्त सचिव, प्रकाश गुप्ता ने कहा, कि "... साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी नहीं घोषित किया जाना, जबकि इस बात को साबित करने के लिए हमारे पास पुख्ता कारण और प्रमाण हैं, फिर भी कुछ सदस्य राष्ट्र इसे प्रायोजित कर रहे हैं, जिसके बाद हमारे पास यह मानने के पर्याप्त वजहें हो जाती हैं, कि आतंतवाद के खिलाफ बनाए गये ढांचे में कुछ बहुत ही गलत चीजें हो रही हैं।"
भारतीय डिप्लोमेट प्रकाश गुप्ता ने कहा, कि "अगर हम छोटे भू-राजनीतिक हितों के लिए, संयुक्त राष्ट्र द्वारा निषिद्ध वैश्विक परिदृश्य में प्रतिबंधित आतंकवादियों को स्थापित नहीं कर सकते हैं, तो हमारे पास वास्तव में आतंकवाद की इस चुनौती से लड़ने के लिए, वास्तविक राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है।"
गुप्ता ने कहा, कि आतंकवाद के मुद्दे से निपटने के लिए किसी को भी "दोहरे मानकों और गुड टेरेरिज्म और बेड टेरेरिज्म के आत्म-विनाशकारी औचित्य" से बचना चाहिए।
भारत-अमेरिका का था प्रस्ताव
आपको बता दें, कि जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजकीय यात्रा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंचे थे, उसी दिन बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत साजिद मीर को ब्लैकलिस्ट करने के प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था।
जिसके बाद अमेरिका द्वारा पेश किए गए और भारत द्वारा सह-नामित किया गया प्रस्ताव गिर गया। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता, तो आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया जाता और उसकी संपत्ति जब्त करने के साथ साथ उसकी यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाता।
आपको बता दें, कि चीन ने पिछले साल भी साजिद मीर को आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को वीटो लगाकर रोक दिया था। वहीं, साजिद मीर पाकिस्तान का रहने वाला, भारत के लिए एक मोस्ट वांटेड आतंकवादी है, जो मुंबई हमले का आरोपी है और भारत ने उसके ऊपर 50 लाख डॉलर का ईनाम रखा हुआ है।












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