राफेल और F-35 स्टील्थ फाइटर जेट से भी महंगा.. क्या US से MQ-रीपर ड्रोन खरीदना भारत के लिए घाटे का सौदा है?
MQ-9 Reaper Drones Deal: बाइडेन प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को सूचित कर दिया है, कि भारत के साथ MQ-9B को लेकर डील की जा रही है और इस डील के तहत भारत, अमेरिका से 31 ड्रोन खरीदेगा, जो एंटी-सरफेस और एंटी-पनडुब्बी ड्रोन है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये ड्रोन पनडुब्बी विरोधी मिशनों को अंजाम देने में सक्षम होने के साथ साथ कई हथियारों और सेंसर से लैस है, जिनकी कीमत करीब 4 अरब अमेरिकी डॉलर है।

ड्रोन डील पर क्यों हो रहा था विवाद?
संयुक्त राज्य अमेरिका रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया है, कि ड्रोन प्लेटफ़ॉर्म सप्लाई से "समुद्री मार्गों में ऑपरेशन, मानव रहित निगरानी और टोही गश्ती को सक्षम करके वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए" भारत की क्षमता में सुधार होगा।
पहले रिपोर्ट आई थी, कि खालिस्तानी नेता पन्नून की कथित हत्या की साजिश में भारत का हाथ होने के आरोपों को लेकर अमेरिकी कांग्रेस ने भारत के साथ ड्रोन डील को रोक दी है, लेकिन बाद में अमेरिका ने साफ किया, कि डील को ब्लॉक नहीं किया गया है, बल्कि अमेरिकी कांग्रेस भारत के साथ ड्रोन सौदे के लिए तैयार है।
1 फरवरी को वाशिंगटन से एक बयान में कहा गया, कि "विदेश विभाग ने 3.99 अरब डॉलर की अनुमानित लागत पर एमक्यू-9बी रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट और संबंधित उपकरणों की भारत सरकार को संभावित विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी देने का निर्णय लिया है। रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने आज इस संभावित बिक्री के बारे में कांग्रेस को सूचित करते हुए आवश्यक प्रमाणीकरण दिया है।"
पिछली रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने 31 एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन ड्रोन खरीदने का अनुरोध किया था, जिनमें से 15 भारतीय नौसेना को दिए जाएंगे, और शेष 16 को भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना में समान रूप से बांटे जाएंगे।
भारत को चाहिए हथियार और सेंसर
भारत की तरफ से जो अनुरोध पत्र अमेरिका को भेजा गया था, उसमें 161 एंबेडेड ग्लोबल पोजिशनिंग और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (ईजीआई) भी शामिल थे। इसके अलावा, 35 एल-3 रियो ग्रांडे कम्युनिकेशंस इंटेलिजेंस सेंसर सूट, 170 एजीएम-114आर हेलफायर मिसाइलें, 16 M36E9 हेलफायर कैप्टिव एयर ट्रेनिंग मिसाइलें (CATM), 310 जीबीयू-39बी/बी लेजर छोटे व्यास वाले बम (एलएसडीबी) और लाइव फ़्यूज़ के साथ आठ जीबीयू-39बी/बी एलएसडीबी गाइडेड टेस्ट वाहन (जीटीवी) शामिल हैं।
इसके अलावा, भारतीय अनुरोध में प्रमाणित ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन के अलावा, टीपीई-331-10-जीडी इंजन, M299 हेलफायर मिसाइल लांचर, KIV-77 क्रिप्टोग्राफ़िक उपकरण और दुश्मन और दोस्तों के उपकरणों में पहचान बताने वाले IFF उपकरण, KOR-24A छोटे सामरिक टर्मिनल (STT), एएन/एसएसक्यू-62एफ, एएन/एसएसक्यू-53जी, और एएन/एसएसक्यू-36 सोनोबॉय भी शामिल हैं।
इसके अलावा, भारत को एसएनसी 4500 ऑटो इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपाय (ईएसएम) सिस्टम मिलेंगे। SAGE 750 ESM सिस्टम, ड्यू रिगार्ड रडार (डीआरआर), एमएक्स-20 इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इन्फ्रारेड (ईओ-आईआर) लेजर टारगेट डिजाइनर्स (लिमिटेड), कू-बैंड सैटकॉम गैसी ट्रांसपोर्टेबल अर्थ स्टेशन (गेट्स), सी-बैंड लाइन-ऑफ-साइट (एलओएस) ग्राउंड डेटा टर्मिनल, एएन/डीपीएक्स-7 आईएफएफ ट्रांसपोंडर, कॉम्पैक्ट मल्टी-बैंड डेटा लिंक (सीएमडीएल), सहायक उपकरण, और मरम्मत और वापसी सहायता, सुरक्षित संचार, सटीक नेविगेशन और क्रिप्टोग्राफ़िक उपकरण भी मिलने वाले हैं।

स्काई गार्डियन ड्रोन की खासियतें
जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल वेबसाइट के मुताबिक, एमक्यू-9बी स्काईगार्डियन दूर से संचालित विमान प्रणालियों की अगली पीढ़ी है, जो दुनिया भर में लगातार खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही (आईएसआर) प्रदान करती है।
स्काईगार्डियन को सभी प्रकार के मौसम में 40 घंटों से ज्यादा वक्त तक सैटेलाइट के माध्यम से आकाश में उड़ान भरने और नागरिक हवाई क्षेत्र में सुरक्षित रूप से एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे संयुक्त बलों और नागरिक अधिकारियों को दुनिया में कहीं भी दिन या रात में वास्तविक समय जानकारियां मिलेंगी।
ये ड्रोन विमान, लिंक्स मल्टी-मोड रडार, एक एडवांस इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड (ईओ/आईआर) सेंसर, ऑटोमेटिक टेकऑफ़ और लैंडिंग और 79 फीट (24 मीटर) लंबे पंखों से सुसज्जित है।
अपनी सहनशक्ति और निगरानी क्षमताओं के अलावा, स्काईगार्डियन अपने उपयोगकर्ताओं के अन्य प्लेटफ़ॉर्म, सिस्टम और पॉडेड टेक्नोलॉजी के साथ भी आसानी से कनेक्ट हो जाता है, जिससे प्लेटफ़ॉर्म के मल्टी-डोमेन मिशन सेट का नाटकीय रूप से विस्तार होता है।
स्काईगार्डियन को कई ISR ऑपरेशन संचालित करने के लिए कॉन्फ़िगर किया जा सकता है, जिसमें मानवीय सहायता/आपदा राहत, खोज और बचाव, कानून प्रवर्तन, सीमा प्रवर्तन, रक्षात्मक काउंटर एयर, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, एंटी-सरफेस वारफेयर (मिशन किट के साथ) शामिल है। इसके अलावा ये ड्रोन सिस्टम पनडुब्बी रोधी युद्ध (मिशन किट के साथ), एयरबोर्न माइन काउंटर मेज़र्स (मिशन किट के साथ), लंबी दूरी की रणनीतिक आईएसआर, और ओवर-द-क्षितिज लक्ष्यीकरण से भी लैस होगा।
फायदेमंद या घाटे का सौदा
जुलाई 2019 में, हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया था, कि भारतीय सेना में भारी कीमत की वजह से रीपर ड्रोन को खरीदने को लेकर असमंजस था और इंडियन एयरफोर्स चाहती थी, कि इतने पैसों से दूसरी जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए।
लेकिन, भारतीय वायुसेना ने अपनी अंदरूनी बैठक में पाकिस्तान और चीन के पास अत्यधिक प्रतिस्पर्धी हवाई क्षेत्र में एक सशस्त्र ड्रोन के होने पर भी चर्चा की थी, जिसमें दोनों दुश्मन के पास घातक, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एसएएम) प्रणालियों से लैस हथियार होने की बात की गई थी।
साउथ ब्लॉक के एक वरिष्ठ ने कहा था, कि "ड्रोन डील पर भारत के पुनर्विचार के पीछे दूसरा महत्वपूर्ण कारण प्रीडेटर-बी जैसे सशस्त्र ड्रोन की कीमत है। सैन्य प्रतिष्ठान का मानना है, कि सिर्फ एक ड्रोन प्लेटफॉर्म की लागत 100 मिलियन डॉलर होगी, जबकि लेजर-निर्देशित बम या हेल-फायर मिसाइलों जैसे हथियारों की लागत भी 100 मिलियन डॉलर होगी।"
अधिकरी ने कहा, कि "इन परिस्थितियों में, भारतीय वायुसेना लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ ज्यादा से ज्यादा मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों को प्राप्त करने को प्राथमिकता देगी, और भारतीय सेना अपने पुराने T-72 टैंकों को बदलने पर विचार करेगी। भारतीय नौसेना को खुद को इंडो-पैसिफिक शक्ति के रूप में पेश करने के लिए सशस्त्र ड्रोन के बजाय समुद्र में अधिक सतही लड़ाकू विमानों की जरूरत है।"
भारतीय अनुभवी लड़ाकू पायलट और प्रमुख रक्षा टिप्पणीकार विजिंदर के ठाकुर पूछते हैं, कि हमने कितनी बार वायु सेना के शीर्ष अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से लड़ाकू जेट स्क्वाड्रनों की संख्या में गिरावट को स्वीकार करते हुए सुना है। और हमने कितनी बार उन्हें रीपर जैसे यूएवी की अनुपलब्धता के बारे में शिकायत करते सुना है?
ठाकुर का मानना है, कि एमक्यू-9 रीपर जैसे ड्रोन कम तीव्रता, असममित संघर्ष के लिए उपयुक्त हैं, लेकिन चीन या पाकिस्तान के साथ टकराव न तो कम तीव्रता वाला होगा और न ही असममित।
इस बीच, भारत प्रत्येक MQ-9B ड्रोन के लिए 99 मिलियन डॉलर का भारी भुगतान कर रहा है। ठाकुर का मानना है, इतने पैसे में भारत अन्य हवाई प्लेटफार्म खरीद सकता है।
जैसे लागत के हिसाब से देखा जाए, तो एक MQ-9B ड्रोन की कीमत 99 मिलियन डॉलर है। जबकि,
एक राफेल लड़ाकू विमान की कीमत 98 मिलियन डॉलर
एक F-35 फाइटर जेट की कीमत 89.2 मिलियन डॉलर
एक सुखोई-30MKI फाइटर जेट की कीमत- 42 मिलियन डॉलर
एक Heron-2 Drone की कीमत 6 से 10 मिलियन डॉलर
Su-75 Checkmate stealth fighter जेट की कीमत अनुमानित 30 मिलियन डॉलर के करीब है।
हालांकि, हर कोई डिफेंस एक्सपर्ट ठाकुर से सहमत नहीं हैं। भारत के वाइस एडमिरल शेखर सिन्हा (सेवानिवृत्त) ने पहले यूरेशियन टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया था, कि किसी भी फ्रंटलाइन फाइटर जेट को एक ही मिशन में कई बार ईंधन भरना होगा, लेकिन रीपर ड्रोन कई और अन्य तरह के मिशन में शामिल हो सकता है और दुश्मनों की जानकारियां हासिल कर सकता है, जो शायद फाइटर जेट नहीं कर सकते हैं।
-
Gold Rate Today: फिर सस्ता हो गया सोना, हाई से 28,000 तक गिरे भाव, अब कितने में मिल रहा है 22K और 18K गोल्ड -
'मैंने 6 मर्दों के साथ', 62 साल की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने खोलीं लव लाइफ की परतें, 2 शादियों में हुआ ऐसा हाल -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
Mojtaba Khamenei: जिंदा है मोजतबा खामेनेई! मौत के दावों के बीच ईरान ने जारी किया सीक्रेट VIDEO -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Mathura News: 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन












Click it and Unblock the Notifications