India Russian Oil खरीदे, इससे जर्मनी को कोई मतलब नहीं, इनकी कूटनीति शानदार: राजदूत फिलिप एकरमैन
भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा, रियायती रूसी तेल ख़रीदने का फैसला भारत का है, इससे जर्मनी का कोई लेना-देना नहीं।

India Russian Oil खरीदता है। इसमें रियायत भी मिलती है। जर्मनी ने इस फैसले पर कहा, हमें भारत की खरीदारी से मतलब नहीं। भारत में जर्मन राजदूत ने कहा, रूस से तेल खरीदना भारत का फैसला है, इससे जर्मनी का कोई लेनादेना नहीं है। राजदूत एकरमैन ने कहा, अगर आपको कम कीमत में तेल मिल जाए तो मैं इसके लिए भारत को दोष नहीं दे सकता।
जर्मन राजदूत ने कहा, भारत के पास कुशल और अच्छी कूटनीति है। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए या संघर्ष का समाधान खोजने के लिए भारत उपयुक्त उम्मीदवार है। बता दें कि रूस से तेल खरीदना जारी रखने के भारत के कदम की पश्चिमी देशों ने आलोचना की है। हालांकि, जर्मनी ने इससे अलग रूख अपनाया है।
जर्मनी के राजदूत ने रूस से रियायती तेल की खरीद पर बुधवार को कहा, हमें इससे कोई सरोकार नहीं है। अमेरिका ने भी कहा है कि रूसी तेल खरीद पर भारत के दृष्टिकोण के साथ "सहज" है।
भारत में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा, "मैंने यह बार-बार स्पष्ट किया है कि रूस से तेल खरीदना भारत का काम है, मूल रूप से यह कुछ ऐसा है जो भारत सरकार तय करती है और यदि आप बहुत कम कीमत पर तेल प्राप्त करते हैं, तो ऐसी खरीदारी के लिए भारत को दोष नहीं दिया जा सकता।"
बता दें कि भारत, चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक है। यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस को दंडित करने के मकसद से कई पश्चिमी देशों ने रूस से इंपोर्ट बंद किया। कई प्रतिबंध भी लगाए गए। हालांकि, भारत अभी भी रूसी तेल में छूट प्राप्त कर रहा है।












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