Gini Index: देखता रह गया PAK का यार चीन! इस मामले में आगे निकल गया भारत, बना दुनिया का ऐसा चौथा देश
Gini Index: भारत ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है! अबकी बार न हथियार, न चांद, न GDP...बल्कि समानता (Equality) के मामले में भारत ने इतिहास रच दिया है। वर्ल्ड बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बराबरी वाला देश (4th most equal society) बन चुका है।
इस लिस्ट में भारत ने सिर्फ G7 देशों को ही नहीं, बल्कि अपने पड़ोसी और पाकिस्तान के करीबी चीन (Gini Index 35.7) को भी पीछे छोड़ दिया है।

भारत ने कैसे हासिल की ये बड़ी कामयाबी?
वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत का गिनी इंडेक्स अब 25.5 है। Gini Index जितना कम, उतनी ज्यादा बराबरी। भारत से आगे सिर्फ स्लोवाक रिपब्लिक (24.1), स्लोवेनिया (24.3) और बेलारूस (24.4) हैं। अमेरिका (41.8), यूके (34.4), जापान (32.9) जैसे सभी G7 देश भारत से पीछे हैं।
गिनी इंडेक्स में भारत बना दुनिया का चौथा देश
| देश | गिनी इंडेक्स |
| स्लोवाक गणराज्य | 24.1 |
| स्लोवेनिया | 24.3 |
| बेलारूस | 24.4 |
| भारत | 25.5 |
| चीन | 33.7 |
| संयुक्त राज्य अमेरिका | 41.8 |
| जर्मनी (G7) | 31.4 |
| यूनाइटेड किंगडम (G7) | 34.4 |
| फ्रांस (G7) | 32.4 |
| जापान (G7) | 32.9 |
गरीबी में गिरावट, बराबरी में उछाल
भारत ने 2011 से अब तक 171 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। पहले जहां 16.2% लोग रोजाना $2.15 से भी कम पर जीते थे, वहीं अब ये आंकड़ा गिरकर सिर्फ 2.3% रह गया है।
कैसे किया भारत ने ये सब?
- जनधन योजना से 55 करोड़ लोग बैंकिंग सिस्टम में आए
- आधार ने पब्लिक सर्विस डिलीवरी को ट्रांसपेरेंट बनाया
- DBT (Direct Benefit Transfer) से ₹3.48 लाख करोड़ की बचत
- आयुष्मान भारत से 41 करोड़ से ज्यादा कार्ड बने
- पीएम विश्वकर्मा और स्टैंड-अप इंडिया ने गरीब और पिछड़े वर्गों को स्वरोजगार से जोड़ा
सबक दुनिया के लिए
भारत की ये छलांग सिर्फ आर्थिक नहीं, सामाजिक भी है। जब दुनिया में अमीर-गरीब की खाई बढ़ रही है, तब भारत ने दिखा दिया कि 'विकास' और 'समानता' साथ चल सकते हैं।












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