India-Myanmar Meeting: म्यांमार की धरती का नहीं होगा भारत विरोधी इस्तेमाल, सीमा सुरक्षा पर बनी बड़ी सहमति
India Myanmar Bilateral Meeting: भारत और म्यांमार के बीच सीमा सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में 7-8 जुलाई को 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में म्यांमार ने भारत को भरोसा दिलाया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
दोनों देशों ने आतंकवाद, उग्रवाद, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई। साथ ही इंटेलिजेंस साझा करने, संयुक्त कार्रवाई और सीमा पर शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

म्यांमार ने भारत की सुरक्षा को लेकर दिया बड़ा भरोसा
बैठक के दौरान म्यांमार ने स्पष्ट कहा कि उसकी सीमा या जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। दोनों देशों ने माना कि सीमा क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बनाए रखना दोनों के हित में है। इस आश्वासन को भारत के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों की सीमा कई संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरती है, जहां पहले उग्रवादी गतिविधियों की चुनौती सामने आती रही है।
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आतंकवाद और तस्करी रोकने पर बनी सहमति
भारत और म्यांमार ने आतंकवाद, उग्रवाद, हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, वन्यजीवों की तस्करी और साइबर अपराध जैसे मामलों में मिलकर कार्रवाई करने का फैसला किया। दोनों देशों ने माना कि इन चुनौतियों से अकेले नहीं निपटा जा सकता। इसलिए संबंधित एजेंसियां लगातार संपर्क में रहेंगी और जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगी।
इंटेलिजेंस शेयरिंग और संयुक्त कार्रवाई होगी तेज
बैठक में दोनों देशों ने इंटेलिजेंस शेयरिंग बढ़ाने और ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके तहत सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी समय पर साझा करेंगी। साथ ही अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) पर भी जोर दिया जाएगा ताकि सीमा पार होने वाले अपराधों और सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।
कलादान परियोजना और त्रिपक्षीय हाईवे पर भी हुई चर्चा
दोनों देशों ने कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना को जल्द पूरा करने के महत्व पर भी सहमति जताई। इन परियोजनाओं से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ व्यापार एवं आर्थिक संबंधों को भी नई मजबूती मिलेगी।
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'नेबरहुड फर्स्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीति पर दिया जोर
भारत ने बैठक में कहा कि म्यांमार उसकी 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और 'महासागर' (MAHASAGAR) नीति का महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों ने लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में यह भी तय हुआ कि भविष्य में नियमित बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आपसी सहयोग के जरिए सुरक्षा संबंधों को और मजबूत किया जाएगा।












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