भारत ने म्यांमार में अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की, पर्यटकों को छोड़ सभी को करना होगा ये काम
पिछले कुछ दिनों में भारत-म्यांमार सीमा के करीब म्यांमार सेना और सैन्य शासन का विरोध कर रहे बलों के बीच तेज हुई झड़पों के बीच भारत ने मंगलवार को म्यांमार में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
भारत ने म्यांमार में रहने वाले अल्पकालिक पर्यटकों को छोड़कर सभी भारतीय नागरिकों को यांगून में भारतीय दूतावास के साथ खुद को पंजीकृत कराने की सलाह दी है।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "दूतावास के साथ पंजीकरण से किसी भी आपातकालीन स्थिति में या ऐसी आवश्यकता पड़ने पर उठाए जाने वाले कदमों में मदद मिलेगी।"
मंत्रालय ने म्यांमार में भारतीयों से इस वेबसाइट पर उपलब्ध पंजीकरण फॉर्म को डाउनलोड करने और भरने और इसकी हार्ड और सॉफ्ट प्रतियां दूतावास को भेजने के लिए कहा है।
इसने परिवार के प्रत्येक सदस्य की दो रंगीन पासपोर्ट आकार की तस्वीरें, पासपोर्ट के पहले पृष्ठ, अंतिम पृष्ठ और वर्तमान वीजा पृष्ठ की एक प्रति और सत्यापन उद्देश्यों के लिए प्रत्येक व्यक्ति के पासपोर्ट की भी मांग की है।
मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों से पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। आवेदक को एक माह के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। कागजात जमा करना या तो व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से किया जा सकता है, जिन्हें प्राधिकार पत्र और पहचान का प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
पिछले हफ्ते करीब पांच हजार विस्थापित लोग म्यांमार से मिजोरम पहुंचे थे। इसके अलावा म्यांमार सेना के कई जवानों ने भी मिजोरम पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। हालांकि बाद में इन्हें म्यांमार वापस भेज दिया गया। सोमवार तक भारत, म्यांमार के कुल 74 सैन्यकर्मियों को उनके देश वापस भेज चुका है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत-म्यांमार सीमा के नजदीक हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'लड़ाई के परिणामस्वरूप भारत-म्यांमार सीमा पर पड़ोसी देश के नागरिकों की भारतीय सीमा में आवाजाही बढ़ी है।'
बागची ने कहा, 'हम अपनी सीमा के करीब ऐसी घटनाओं से बेहद चिंतित हैं। म्यांमार में मौजूदा स्थिति पर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है - हम हिंसा की समाप्ति और रचनात्मक संवाद के माध्यम से स्थिति का समाधान चाहते हैं।'
उन्होंने कहा कि भारत, म्यांमार में शांति और स्थिरता की बहाली के पक्ष में है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, पिछले महीने से तेज हुई लड़ाई में करीब 90,000 लोग विस्थापित हुए हैं।












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