Tomato Prices: भारत में सस्ता होगा टमाटर, नेपाल ने भारत को भेजी बड़ी खेप, बदले में मांग ली ये चीजें
नेपाल ने भारत में टमाटर की बढ़ती कीमतों से निजात दिलाने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को बताया कि देश में कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बीच सरकार ने नेपाल से टमाटर का आयात शुरू कर दिया है।
काठमांडू टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने नेपाल से टमाटर का आयात शुरू कर दिया है, वहीं नेपाल ने भारत सरकार को चावल और चीनी भेजने के लिए लिखा है। रिपोर्ट के मुताबिक चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद नेपाल में चावल की कीमतें बढ़ गई हैं।

ऐसे में नेपाल ने औपचारिक रूप से भारत सरकार से आगामी त्योहारी सीज़न को देखते हुए नेपाल को अनाज और चीनी की शिपमेंट में छूट देने और प्रतिबंध हटाने के लिए कहा है। नेपाल उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने 10 लाख टन धान, 1 लाख टन चावल और 50 हजार टन चीनी के लिए अनुरोध किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रही है और भारत में टमाटर की मांग को पूरा करने और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए उसने इसे अपने पड़ोसी देश नेपाल से आयात करने का फैसला किया है।
सीतारमण लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में भाग ले रही थीं। उनके अनुसार, सरकार ने आयात प्रतिबंध हटा दिया है और नेपाल से टमाटर की पहली खेप इस सप्ताह वाराणसी, कानपुर, लखनऊ पहुंच जाएगी।
सीतारमण ने यह भी कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नेफेड) और अन्य सहकारी समितियों के माध्यम से सरकार महाराष्ट्र और कर्नाटक से टमाटर खरीद रही है। फिर इन टमाटरों को दिल्ली-एनसीआर, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में रियायती दरों पर वितरित किया जाता है।
भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड ने उपरोक्त राज्यों में 8.84 लाख किलोग्राम टमाटर वितरित किए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में टमाटर की थोक कीमतें पहले से ही कम हो रही हैं।
यहां उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और तमिलनाडु देश के प्रमुख टमाटर उत्पादक राज्य हैं। देश के कुल उत्पादन में इन राज्यों की हिस्सेदारी 91 फीसदी है।
आपको बता दें कि लगभग 3 महीने से पूरे भारत में टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारत में टमाटर एक सब्जी से एक 'लक्जरी वस्तु' बन गई है जो केवल संपन्न लोगों की थाली की शोभा बढ़ा रही है।
कई शहरों में टमाटर की कीमतें 200 रुपये से 250 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच पहुंच गई हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि थोक बाजार में टमाटर की कीमतें 1,400 फीसदी से भी अधिक बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, टमाटर की कीमत में बढ़ोतरी लगभग हर साल होती है और यह अस्थायी होती है। केंद्र सरकार ने भी इसे 'अस्थायी मौसमी घटना' बताया है। हालांकि, ये पहली बार है कि टमाटर इतना महंगा हुआ है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जब खरीफ टमाटर, जिसकी रोपाई मानसून के आगमन के बाद की गई है, बाजार में आएगा तो कीमतें नीचे आएंगी।












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