सुनामी पीड़ित टोंगा की मदद के लिए आगे आया भारत, 2 लाख डॉलर की तत्काल मदद की घोषणा
भारत सरकार ने भी अभूतपूर्व आपदा से हुई क्षति और विनाश के लिए टोंगा की सरकार और लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की है।
नई दिल्ली, जनवरी 25: सुनामी पीड़ित टोंगा की मदद के लिए भारत ने मंगलवार को राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के प्रयासों के लिए 200,000 डॉलर की तत्काल सहायता की घोषणा की है, जो 15 जनवरी को ज्वालामुखी विस्फोट के बाद बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। टोंगा के हंगा-टोंगा-हंगा-हापाई ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद प्रशांत महासागर में आई सुनामी ने टोंगा को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

ज्वालामुखी से बुरी तरह प्रभावित
टोंगा के हंगा-टोंगा-हंगा-हापाई ज्वालामुखी विस्फोट को लेकर नासा ने जो रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से सैकड़ों गुना अधिक शक्तिशाली था। सुनामी ने टोंगा की आबादी के बड़े हिस्से को प्रभावित किया और देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी गंभीर नुकसान पहुंचा है। टोंगा के आपातकालीन विभाग द्वारा रविवार को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी से मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) के तहत एक करीबी दोस्त के तौर पर भारत ने टोंगा की मदद की है और टोंगा के लोगों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने राहत, पुनर्वास और सहायता के लिए 200,000 अमेरिकी डॉलर की तत्काल राहत सहायता प्रदान की है।
भारत ने जताई सहानुभूति
भारत सरकार ने भी अभूतपूर्व आपदा से हुई क्षति और विनाश के लिए टोंगा की सरकार और लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की है। भारतीय विदेश मंत्रायल ने अपने बयान में कहा है कि, ''भारत प्राकृतिक आपदाओं के कारण संकट और तबाही के समय टोंगा के साथ मजबूती से खड़ा है, जैसा कि 2018 में चक्रवात गीता के दौरान हुआ था। टोंगा में अधिकारियों ने कहा कि देश की आबादी का चार से पांचवां हिस्सा सुनामी और ज्वालामुखी की राख से प्रभावित हुआ है। आपको बता दें कि, ज्वालामुखी टोंगा में फोनुआफोउ द्वीप से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में फूटा था। वहीं, टोंगा जियोलॉजिकल सर्विसेज के प्रमुख तानीला कुला ने कहा था कि विस्फोट का दायरा करीब 260 किमी में फैला हुआ था।












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