India-EU leaders summit: 8 साल बाद FTA पर फिर होगी बातचीत, कल होंगे 3 ऐतिहासिक समझौते
कल भारत और यूरोपियन यूनियन समिट होने वाली है, जिसमें मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद है तो कोविड-19 और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर भी बात की जाएगी।
नई दिल्ली, मई 07: 8 साल के लंबे वक्त के बाद एक बार फिर से भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बात शुरू होगी। 8 मई को भारत और यूरोपियन यूनियन लीडर्स समिट होने वाली है, उससे पहले यूरोपियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बड़ी खबर आ रही है। इसके साथ ही कोविड-19 की वजह से उपजे हालातों से कैसे निपटा जाए और सप्लाई चेन को फिर से कैसे मजबूत किया जाए, इसको लेकर भी भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच बातचीत होने वाली है। क्लाइमेट चेंज और मानवाधिकार के मुद्दों पर भी यूरोपियन यूनियन के सदस्यों और भारत के बीच अहम बातचीत 8 मई को होगी।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर फिर पहल
इंडिया टूडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानि एफटीए के अलावा यूरोपियन यूनियन और भारत के बीच ज्वाइंट कनेक्टिविटी पार्टनरशिप, पोस्ट कोविड रिकवरी, सप्लाई चेन को मजबूत करने, क्लाइमेट चेंज और मानवाधिकार के मुद्दों पर भी अहम बातचीत होगी। इंडिया-ईयू लीटर्स मीटिंग को पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा होस्ट करेंगे जो इस वक्त काउंसिल ऑफ यूरोपियन यूनियन के प्रेसिडेंट हैं। भारत-ईयू लीडर्स समिट को लेकर यूरोपियन यूनियन के भारत प्रतिनिधि उगो अस्टुटो ने इंडिया टूडे से कहा कि 'आपसी सहयोग को कैसे मजबूत किया जाए, इसको लेकर हम लोग बात करने वाले हैं। इस वक्त हमलोग ज्वाइंट कनेक्टिविटि पार्टनरशिप पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा क्लाइमेट चेंज से कैसे मुकाबला किया जाए, इसको लेकर भी हम बात कर रहे हैं'

होंगे तीन अहम समझौते
सूत्रों के मुताबिक भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच तीन मुख्य समझौते हो सकते हैं। जिसमें आपसी व्यापार, निवेश की सुरक्षा, जियोग्राफिकल इंडिकेशन के बीच समझौते हो सकते हैं। आपको बता दें कि भारत और यूरोपियन यूनियन बड़े व्यापारिक पार्टनर हैं और यूरोपियन यूनियन ने भारत में काफी व्यापारिक निवेश किया हुआ है। यूरोपियन यूनियन के अधिकारियों ने कहा है कि 'इस समिट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है'। आपको बता दें कि भारत और यूरिपियन यूनियन शांति स्थापना, जॉब जेवरेशन, आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए आपस में काफी काम करते हैं और यूरोपियन यूनियन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच 2007 में मुक्त व्यापार समझौते की शुरूआत 2007 में हुई थी लेकिन एक दशक की बातचीत के बाद भी कुछ मुद्दों को हल करने में दोनों पक्ष नाकाम रहे।

कोविड-19 पर विशेष ध्यान
भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच महामारी समझौता होने की भी उम्मीद है। इंडिया टूडे को सूत्रों ने बताया है कि 'हम लगातार वैश्विक स्तर पर वैक्सीन प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं, जिसके लिए यूरोपियन यूनियन के साथ कुछ और देश आर्थिक मदद दे सकते हैं।' सूत्रों के मुताबिक 'यूरोपियन यूनियन कोरोना महामारी के संभावित तीसरे लहर की चुनौती से कैसे निपटा जाए इसको लेकर भी कार्ययोजना तैयार कर रहा है और इसके लिए हर देश तक वैक्सीन की पहुंच कैसे बनाई जाए इसको लेकर भी विचार किया जा रहा है।'












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