India-China: सालों बाद घटना शुरू हुआ भारत का चीन के साथ कारोबार, ड्रैगन के खिलाफ कठोर कूटनीति शुरू?
India-China Trade: हाल के वर्षों में भारी तनाव रहने के बाद भी भारत और चीन के व्यापार पर इसका असर नहीं पड़, लेकिन पहली बार दोनों देशों के बीच के व्यापार में कमी आई है और माना जा रहा है, कि अब भारत ने व्यापारिक स्तर पर चीन को जवाब देना शुरू कर दिया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और चीन के बीच के व्यापार में 0.9 प्रतिश की गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले कई सालों के बाद ऐसा हुआ है। हालांकि, ये आंकड़ा देखने में कम लग सकता है, लेकिन ये अहम इसलिए है, क्योंकि पिछले कई सालों से दोनों देशों के बीच का कारोबार काफी तेजी से आगे बढ़ रहा था और उस तेजी को अचानक से रोकना संभव नहीं था। लेकिन, ये कमी बताती है, कि वो रफ्तार को रोक दिया गया है।

चीन के निर्यात में भारी कमी
भारत के साथ साथ अमेरिका और यूरोप ने भी चीनी सामानों की निर्यात कम करनी शुरू कर दी है, जिसका असर ये हुआ है, कि चीन के कुल विदेशी व्यापार में करीब 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई है, और कोविड संकट के बाद उसकी अर्थव्यवस्था उबरने से संघर्ष कर रही है।
चायनीज कस्टम ने गुरुवार को जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक पिछले साल की पहली छमाही में चीन ने भारत को 57.51 अरब डॉलर का सामान बेचा था, जबकि इस साल उसमें 0.9 प्रतिशत की कमी आई है, और ये कारोबार 56.53 अरब अमेरिकी डॉलर का हो गया है।
इसी अवधि के दौरान भारत ने चीन को पिछले वर्ष के 9.57 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में कुल 9.49 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान बेचा। यानि, भारत जो सामान चीन को बेचता है, उसमें भी कमी आई है।
जिसके बाद 2023 की पहली छमाही में भारत का व्यापार घाटा भी पिछले साल के 67.08 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में काफी कम होकर 47.04 अमेरिकी डॉलर हो गया है।
पिछला साल भारत-चीन व्यापार के लिए एक भरपूर साल था, क्योंकि मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध पर द्विपक्षीय संबंधों में जारी ठंड के बावजूद यह 135.98 अरब अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया था।
2022 में कुल भारत-चीन व्यापार 8.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करके एक साल पहले 125 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया था।
द्विपक्षीय संबंधों में उतार-चढ़ाव के बावजूद बीजिंग के साथ नई दिल्ली का व्यापार घाटा पहली बार 100 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया था।
भारत का व्यापार घाटा 2022 में 101.02 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो 2021 के 69.38 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया।

भारत-चीन व्यापार में मंदी
इस साल की पहली छमाही में भारत-चीन व्यापार में मंदी आई है, क्योंकि आयात और निर्यात सहित चीन का कुल व्यापार डॉलर के संदर्भ में एक साल पहले की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत कम हो गया है। जबकि निर्यात में 3.2 फीसदी की गिरावट आई और आयात में 6.7 फीसदी की गिरावट आई है।
इसके अलावा, मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद कमजोर मांग के बीच चीन का निर्यात एक साल पहले जून में 12.4 प्रतिशत कम हो गया है और चीनी अर्थव्यवस्था कोविड के बाद रिकवरी के चरण में संघर्ष कर रही है।
गुरुवार को जारी चीनी सीमा शुल्क आंकड़ों से पता चला है, कि चीन का आयात 6.8 प्रतिशत घटकर 214.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है।
विश्लेषकों ने हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया, कि निराशाजनक डेटा चीन की महामारी के बाद आर्थिक सुधार का एक और संकेतक है, जिसने दूसरी तिमाही में अपनी रफ्ता खो दी है।












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