BRICS शिखर सम्मेलन से पहले भारत-चीन में ऐतिहासिक समझौता, क्या मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात का खुल गया रास्ता?

India-China Border Agreement: रूस में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले भारत और चीन के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है, जिसके बाद उम्मीद बन गई है, कि कजान ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हो सकती है।

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा है, कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में वर्षों से चले आ रहे सैन्य गतिरोध को लेकर एक समझौते पर पहुंच गए हैं। मिस्री ने कहा, कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर 'गश्त व्यवस्था' को लेकर एक समझौते पर पहुंच गए हैं।

India-China Border Agreement

मिस्री ने कहा, "पिछले कई हफ्तों में हुई चर्चाओं के बाद, भारतीय और चीनी राजनयिक और सैन्य वार्ताकार विभिन्न मंचों पर एक-दूसरे के साथ नजदीकी से संपर्क में रहे हैं और इन चर्चाओं की वजह से, भारत-चीन सीमा क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त व्यवस्था पर एक समझौता हुआ है, जिससे 2020 में इन क्षेत्रों में उठे मुद्दों का समाधान हो गया है।"

भारत और चीन के बीच 2020 की शुरुआत से ही पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध चल रहा था, जब चीनी सैनिकों ने सीमा पार कर भारतीय कर्मियों पर हमला किया था। घुसपैठ और जून 2020 में गलवान में हुई झड़पों ने द्विपक्षीय संबंधों को 1962 के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था, जब दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ था। इस संघर्ष में 20 भारतीय जवान शहीद हो गये थे, हालांकि चीन के कितने सैनिक मरे, इसका खुलासा चीन की तरफ से नहीं किया गया।

कजान में मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात का रास्ता खुला?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के कजान की यात्रा कर रहे हैं, ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा था, कि क्या वह वहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। ऐसी खबरें थीं कि लद्दाख गतिरोध को हल करने में पर्याप्त प्रगति होने पर ही मुलाकात की संभावना है।

लेकिन अब मिसरी ने घोषणा कर दी है, कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख के संबंध में एक समझौते पर पहुंच गए हैं, लेकिन उन्होंने कोई विशेष जानकारी नहीं दी।

भारत-चीन समझौते की घोषणा कई उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद हुई है, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सहित शीर्ष भारतीय अधिकारियों ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इसके अलावा, भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और कॉर्डिनेशन के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की भी दो बार बैठक हुई।

मिसरी ने कहा, कि समझौते में सैनिकों की वापसी शामिल है, लेकिन उन्होंने डी-एस्केलेशन के बारे में कुछ नहीं कहा।

जबकि डिसएंगेजमेंट का मतलब सैनिकों का किसी खास टकराव वाले बिंदु से शारीरिक रूप से अलग होना है, डी-एस्केलेशन का मतलब है, सैनिकों और युद्ध-लड़ाकू उपकरणों जैसे टैंक, बख्तरबंद वाहन, युद्धक विमान और तोपों को व्यापक थिएटर से हटाना। लिहाजा, अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है, कि ये समझौता किस तरह का है और आने वाले वक्त में इसको लेक पूरी जानकारी सामने आएगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+